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Jalaun News: सुहाग महल पुल अधूरा... 500 मीटर जाने के लिए काटते रहिए तीन किमी. का चक्कर
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उरई। समयसीमा नौ सितंबर निकल गई... शहर का सुहाग महल पुल अभी भी अधूरा है। अभी भी लोगों को कोंच बस स्टैंड की 500 मीटर दूरी के लिए तीन किमी. का चक्कर काटना पड़ रहा है। अस्थायी पुल से केवल पैदल और दोपहिया वाहन ही जा पा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के जिम्मेदार बहुत जल्द काम खत्म होने की बात कह रहे हैं।
शहर के सुहाग महल पुल को बनाने की समय सीमा नौ सितंबर निकल चुकी है। लेकिन इसके बाद भी पुल का काम पूरा नहीं हो सका है। अधिकारी 30 जून तक पुल को बनवाने का दावा कर रहे थे। लेकिन निर्माण धीमी गति से होने के चलते काम समय सीमा के बाद भी नहीं हो सका। हालात यह है कि कोंच बस स्टैंड से बाजार जाने के लिए पांच सौ मीटर की दूरी को तय करने के लिए तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अस्थाई पुल से केवल पैदल व बाइक सवार ही निकल पा रहे हैं।
शहर के कोंच रोड को जोड़ने वाला सुहाग महल पुल अंग्रेजी शासन काल में बनाया गया था। हालत जर्जर होने पर पीडब्ल्यूडी ने शासन से करीब दो करोड़ का बजट मांगा था। बजट स्वीकृत होने पर फरवरी माह में विभाग ने इसे ध्वस्त करा दिया था। पुल के ध्वस्त हो जाने पर लोगों को निकलने के लिए परेशानी न हो, इस पर विभाग ने अस्थायी रास्ता बना दिया था। पुल को बनाने की शासन ने तय समय सीमा 09 सितंबर दी थी।
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अधिकारी 30 जून तक पुल को बना लेने का दावा भी कर रहे थे। लेकिन उनका दावा चल नहीं सका और लोगों की परेशानी बढ़ती रही। उसके बाद अधिकारियों ने दावा किया कि काम को तय समय सीमा पर खत्म कर लिया जाएगा। इसके बाद भी पुल से आवागमन शुरू नहीं हो सका है। विभाग की ओर से एक अस्थायी रास्ता बनाया गया है। इससे केवल पैदल व दो पहिया बाइक सवार की निकल पा रहे हैं। अब हालत यह है कि कोंच बस स्टैंड से लोगों को बाजार आने के लिए पांच मिनट का समय लगता था। अब उन्हें तीन किलोमीटर का चक्कर काटते हुए आंबेडकर चौराहा, शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए बाजार आना पड़ रहा है।
शाम के समय खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को ई-रिक्शे या अन्य साधनों से बाजार आने के लिए घूमकर आना पड़ रहा है। बाजार में ई-रिक्शा की घुसने की मनाही होने पर शहीद भगत सिंह से पैदल बाजार जाना व आना पड़ रहा है। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग के पास पर्याप्त समय था कि वह पुल का निर्माण बरसात के पहले शुरू करा दे, लेकिन विभाग की हीलाहवाली के चलते उसे पूरा नहीं कराया जा सका और अब लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पुल को लेकर हुआ था विरोध, जमकर हुई थी मारपीट
धीमी गति से पुल के निर्माण होने को लेकर मोहल्ले व अन्य लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए लोगों ने करीब चार दिन तक विरोध-प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुल में घटिया सामग्री का भी प्रयोग हो रहा है। साथ ही ठेकेदार द्वारा मनमानी किए जाने से काम पूरा नहीं हो पा रहा है। इसी दौरान ठेकेदार व आंदोलन कर रहे लोगों में बहस के बाद मारपीट हो गई थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद लोगों को लग रहा था कि पुल को जल्द ही शुरू करवा दिया जाएगा, लेकिन फिर भी काम पूरा नहीं हो सका है।
बेवजह लग रहा अधिक समय
फोटो - 24 पिंटू साहनी।
मोहल्ला पिंटू साहनी ने बताया कि उन्हें दिन में करीब पांच बार कोंच बस स्टैंड जाना पड़ता है। पुल का रास्ता बंद हो जाने से उन्हें चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है, लेकिन कर भी क्या सकते हैं।
चक्कर काटकर जाना पड़ता बस स्टैंड
फोटो -25 भूरे यादव
शहर निवासी भूरे यादव ने बताया कि वह मैजिक चलाते हैं। वह पहले सीधे निकल जाते थे, लेकिन छह माह से उन्हें चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। कभी कभार जल्दी जाना होता है, लेकिन समय से नहीं पहुंच पाते हैं।
वर्जन
पुल का शेष कार्य जल्द ही पूरा करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में पुल को तैयार कर लोगों के लिए खोल दिया जाए।
जितेंद्र राठौर, जेई, पीडब्ल्यूडी
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शहर के सुहाग महल पुल को बनाने की समय सीमा नौ सितंबर निकल चुकी है। लेकिन इसके बाद भी पुल का काम पूरा नहीं हो सका है। अधिकारी 30 जून तक पुल को बनवाने का दावा कर रहे थे। लेकिन निर्माण धीमी गति से होने के चलते काम समय सीमा के बाद भी नहीं हो सका। हालात यह है कि कोंच बस स्टैंड से बाजार जाने के लिए पांच सौ मीटर की दूरी को तय करने के लिए तीन किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। अस्थाई पुल से केवल पैदल व बाइक सवार ही निकल पा रहे हैं।
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शहर के कोंच रोड को जोड़ने वाला सुहाग महल पुल अंग्रेजी शासन काल में बनाया गया था। हालत जर्जर होने पर पीडब्ल्यूडी ने शासन से करीब दो करोड़ का बजट मांगा था। बजट स्वीकृत होने पर फरवरी माह में विभाग ने इसे ध्वस्त करा दिया था। पुल के ध्वस्त हो जाने पर लोगों को निकलने के लिए परेशानी न हो, इस पर विभाग ने अस्थायी रास्ता बना दिया था। पुल को बनाने की शासन ने तय समय सीमा 09 सितंबर दी थी।
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अधिकारी 30 जून तक पुल को बना लेने का दावा भी कर रहे थे। लेकिन उनका दावा चल नहीं सका और लोगों की परेशानी बढ़ती रही। उसके बाद अधिकारियों ने दावा किया कि काम को तय समय सीमा पर खत्म कर लिया जाएगा। इसके बाद भी पुल से आवागमन शुरू नहीं हो सका है। विभाग की ओर से एक अस्थायी रास्ता बनाया गया है। इससे केवल पैदल व दो पहिया बाइक सवार की निकल पा रहे हैं। अब हालत यह है कि कोंच बस स्टैंड से लोगों को बाजार आने के लिए पांच मिनट का समय लगता था। अब उन्हें तीन किलोमीटर का चक्कर काटते हुए आंबेडकर चौराहा, शहीद भगत सिंह चौराहा होते हुए बाजार आना पड़ रहा है।
शाम के समय खरीदारी के लिए निकलने वाले लोगों को ई-रिक्शे या अन्य साधनों से बाजार आने के लिए घूमकर आना पड़ रहा है। बाजार में ई-रिक्शा की घुसने की मनाही होने पर शहीद भगत सिंह से पैदल बाजार जाना व आना पड़ रहा है। इससे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि विभाग के पास पर्याप्त समय था कि वह पुल का निर्माण बरसात के पहले शुरू करा दे, लेकिन विभाग की हीलाहवाली के चलते उसे पूरा नहीं कराया जा सका और अब लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
पुल को लेकर हुआ था विरोध, जमकर हुई थी मारपीट
धीमी गति से पुल के निर्माण होने को लेकर मोहल्ले व अन्य लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए लोगों ने करीब चार दिन तक विरोध-प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पुल में घटिया सामग्री का भी प्रयोग हो रहा है। साथ ही ठेकेदार द्वारा मनमानी किए जाने से काम पूरा नहीं हो पा रहा है। इसी दौरान ठेकेदार व आंदोलन कर रहे लोगों में बहस के बाद मारपीट हो गई थी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद लोगों को लग रहा था कि पुल को जल्द ही शुरू करवा दिया जाएगा, लेकिन फिर भी काम पूरा नहीं हो सका है।
बेवजह लग रहा अधिक समय
फोटो - 24 पिंटू साहनी।
मोहल्ला पिंटू साहनी ने बताया कि उन्हें दिन में करीब पांच बार कोंच बस स्टैंड जाना पड़ता है। पुल का रास्ता बंद हो जाने से उन्हें चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है, लेकिन कर भी क्या सकते हैं।
चक्कर काटकर जाना पड़ता बस स्टैंड
फोटो -25 भूरे यादव
शहर निवासी भूरे यादव ने बताया कि वह मैजिक चलाते हैं। वह पहले सीधे निकल जाते थे, लेकिन छह माह से उन्हें चक्कर काटकर जाना पड़ रहा है। कभी कभार जल्दी जाना होता है, लेकिन समय से नहीं पहुंच पाते हैं।
वर्जन
पुल का शेष कार्य जल्द ही पूरा करवाया जा रहा है। उम्मीद है कि कुछ ही दिनों में पुल को तैयार कर लोगों के लिए खोल दिया जाए।
जितेंद्र राठौर, जेई, पीडब्ल्यूडी