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ट्रैक बदलने के बाद बढ़ जाएगी ट्रेनों की गति
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वार्ता करते पीसीई शरद मेहता
- फोटो : ORAI
उरई। उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के प्रमुख मुख्य इंजीनियर (पीसीई) शरद मेहता ने शनिवार को झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक का पुणे लखनऊ एक्सप्रेस में लगे विशेष कोच से निरीक्षण किया। उन्होंने रेलवे लाइन के दोहरीकरण के काम की हकीकत परखी। उन्होंने पुल, पुलिया व रेलवे क्रासिंग भी देखे।
उरई स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अभी झांसी से उरई तक का रेलवे ट्रैक देखा है। फिलहाल ट्रैक में कोई समस्या नहीं है। दोहरीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। ट्रैक बदलने के बाद ट्रेनों की गति में तेजी आएगी। साथ ही रेल फ्रैक्चर में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि दोहरीकरण का काम उरई तक इसी वित्तीय वर्ष में हो जाएगा।
जबकि भीमसेन तक दोहरीकरण के काम अगले दो साल यानी 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने उरई स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की लंबाई के हिसाब से शेड न होने के मामले में कहा कि जांच कराई जाएगी। यदि शेड कम है तो उसे डलवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोहरीकरण के दौरान उरई स्टेशन पर कई सुविधाएं बढ़ाई जाएगी।
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उरई स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने अभी झांसी से उरई तक का रेलवे ट्रैक देखा है। फिलहाल ट्रैक में कोई समस्या नहीं है। दोहरीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। ट्रैक बदलने के बाद ट्रेनों की गति में तेजी आएगी। साथ ही रेल फ्रैक्चर में भी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि दोहरीकरण का काम उरई तक इसी वित्तीय वर्ष में हो जाएगा।
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जबकि भीमसेन तक दोहरीकरण के काम अगले दो साल यानी 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने उरई स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की लंबाई के हिसाब से शेड न होने के मामले में कहा कि जांच कराई जाएगी। यदि शेड कम है तो उसे डलवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दोहरीकरण के दौरान उरई स्टेशन पर कई सुविधाएं बढ़ाई जाएगी।
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