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सेस से मिलेगी गोशालाओं के विकास को रफ्तार

Thu, 03 Jan 2019 12:02 AM IST
jalaun Published by: gaurav gaurav Updated Thu, 03 Jan 2019 12:02 AM IST
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Speed of development of Gosla from CES
Cow

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उरई। गोवंश संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार ने भी कमर कस ली है। सरकार ने  आबकारी विभाग व टोल पर सेस लगाने का फैसला किया है। सेस के बजट सेे सरकार ग्राम क्षेत्रों में खाली पड़ी जमीनों पर नई गोशालाओं का निर्माण कराएगी। वहीं बजट की कमी से अधूरी गोशालाओं के निर्माण में तेजी आएगी। सालों से बंद गोशालाओं के ताले खुलेंगे। अन्ना मवेशियों के लिए चारे पानी का इंतजाम होगा।  
 जिले में अन्ना मवेशियों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। चारों ओर गोशाला निर्माण की मांग उठ रही है। जिले में कई गोशालाएं धन के आभाव में सालों से बंद हैं। कई बार समाज सेवियों ने इन्हें चालू करने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई। हर बार बजट की समस्या रही।  इससे गोशालाओं को अब तक चालू नहीं किया जा सका। अब सेस के बजट से इन्हें चालू किया जाएगा।  
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कलक्ट्रेट में हांक दिए थे मवेशी
17 दिसंबर को जलालपुर के किसान अन्ना मवेशियों को हांकते हुए कलक्ट्रेट पहुंच गए थे। इससे अफरा तफरी मच गई थी। मवेशियों को हांकने के लिए स्वयं अधिकारियों को दौड़ लगानी पड़ी थी। कुछ किसानों को कोतवाली भी लाया गया था।
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बाड़े से छूटे, चट कर गए फसलें
बीते दिनों आटा के अजनारा की अधूरी गोशाला से निकले मवेशियों ने आसपास के गांव के किसानों की करीब सवा सौ बीघा फसल नष्ट कर दी थी। इसी तरह बड़ागांव में अन्ना मवेशियों के कारण सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है।  


डॉक्टर के साथ होगा गार्ड का भी रूम

रामपुरा। माधौगढ़ व रामपुरा क्षेत्र के किसानों को अन्ना समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए छह माह पूर्व रामपुरा के निनावली रोड पर नगर पंचायत की जमीन पर गोशाला के निर्माण का काम शुरू किया गया। लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत वाली इस गोशाला में लगभग डेढ़ हजार से अधिक जानवरों को रखने की क्षमता है। इसमें गार्ड रूम, भूसे का गोदाम, डॉक्टर रूम समेत सात भवन तैयार होने है। बजट न मिलने से बीच बीच में काम रुक जाता है। अब सेस की बात चली है तो किसानों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य में तेजी आएगी। चेयरमैन शैलेंद्र सिंह के मुताबिक करीब तीन माह के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लगभग दो दर्जन गांवों के किसानों को समस्या से निजात मिलेगी।   



दो दर्जन गांवों के किसानों को होगी राहत
कदौरा।  इटौरा, बबीना आदि क्षेत्र में कई बार अन्ना समस्या को लेकर किसान सड़कों पर उतरे चुके हैं। अन्ना समस्या को देखते हुए एक वर्ष पहले शासन ने 1000 की क्षमता वाली गोशाला के निर्माण की स्वीकृति दी थी। अक्तूबर माह से कदौरा की गल्ला मंडी के पास कान्हा गौशाला का निर्माण शुरू हो गया। यहां भी काम जल्द पूरा होने में बजट की बाधा है। अभी तक 55 प्रतिशत ही काम हो पाया है। गोशाला बनने के बाद उदनपुर, हरचंद्रपुर, पंडौरा, नाकागांव के किसानों को राहत मिलेगी। किसान संजय, विनोद, राम खिलावन आदि का कहना है कि गोशाला बन जाए तो रात भर फसलों की रखवाली की समस्या से निजात मिल जाएगी।
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