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मां की हत्या में बेटे को आजीवन कारावास
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उरई (जालौन)। मां की हत्या के मामले में दोष साबित होने पर अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने बेटे को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना पांच साल पूर्व रेंढर थाना क्षेत्र की है। बेटा फिलहाल जेल में ही बंद है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि खकसीस निवासी लक्ष्मीप्रसाद जाटव ने रेंढर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 जनवरी 2015 की रात करीब साढ़े दस बजे उसकी पत्नी मीना जाटव अपने छोटे बेटे प्रदीप के साथ पुराने घर में सोने गई थी। अचानक मीना के चीखने की आवाज आई। इस पर उसका भतीजा जितेंद्र पुत्र बालादीन घर के अंदर पहुंचा तो देखा मीना खून से लथपथ मृत अवस्था में चारपाई पर पड़ी है। बेटा प्रदीप कुल्हाड़ी से मां की हत्या कर फरार हो चुका था।
पति लक्ष्मी प्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने प्रदीप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके कुछ ही दिन बाद पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। प्रदीप अभी भी जेल में ही बंद है। हत्या के पीछे मामूली बात पर विवाद को ही वजह बताया गया था। मामले की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि गुुरुवार को हत्या का दोष साबित होने पर अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि खकसीस निवासी लक्ष्मीप्रसाद जाटव ने रेंढर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 जनवरी 2015 की रात करीब साढ़े दस बजे उसकी पत्नी मीना जाटव अपने छोटे बेटे प्रदीप के साथ पुराने घर में सोने गई थी। अचानक मीना के चीखने की आवाज आई। इस पर उसका भतीजा जितेंद्र पुत्र बालादीन घर के अंदर पहुंचा तो देखा मीना खून से लथपथ मृत अवस्था में चारपाई पर पड़ी है। बेटा प्रदीप कुल्हाड़ी से मां की हत्या कर फरार हो चुका था।
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पति लक्ष्मी प्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने प्रदीप के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके कुछ ही दिन बाद पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था। प्रदीप अभी भी जेल में ही बंद है। हत्या के पीछे मामूली बात पर विवाद को ही वजह बताया गया था। मामले की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि गुुरुवार को हत्या का दोष साबित होने पर अपर जिला जज प्रथम अमित पाल सिंह ने आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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