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किसी ने की ऑनलाइन पढ़ाई तो किसी ने उड़ाई पतंग
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ऑलनाइन पढाई कर रही छात्रा
- फोटो : ORAI
कोंच। कई दिन से घरों में कैद बच्चों ने अब अपनी दिनचर्या बदलनी शुरू की है। स्कूल वालों ने बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई तो बच्चे भी मोबाइल लिए पढ़ते नजर आ रहे हैं, वहीं लगातार वीडियो गेम और टिक टॉक से ऊबे बच्चों ने अब पुराने समय की बात हो चली पतंगबाजी का भी आनंद उठाना शुरू कर दिया है।
गल्ला मंडी में स्थित सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य माधुरी पहारिया ने लॉक डाउन के बीच छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करा दी है। कक्षा 7 से लेकर 12 तक के छात्र छात्राओं का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उन्हें सवालों के जवाब भी दिए जा रहे हैं।
शिक्षक भी सभी को आनलाइन जोड़ कर हर चैप्टर बारीकी से समझा रहे हैं। विद्यालय के अध्यापकों नीरज दुबे, ब्रजेंद्र यादव, श्यामसुंदर लाल, कुलदीप गुप्ता, राजीव राठौर, पंकजाचरण बाजपेई, मनीष अग्रवाल, प्रतीक्षा रेजा, सरोज खरे, सरला मिश्रा, नीतू गर्ग, प्रभा गुप्ता, विनीत खरे, शैलेंद्र यादव, विवेक तिवारी, सत्यम खरे ने बताया कि सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक अपने काम छोड़ कर छात्रों से संवाद किया जा रहा है।
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इसी तरह पतंगबाजी का मौसम तो बिल्कुल ही नहीं है लेकिन शाम के वक्त मोबाइल से ऊबे बच्चे छतों पर पतंग उड़ाते देखे जा रहे हैं। बच्चे कभी घर के बड़ों से पतंगे लाने के लिए जिद करते हैं तो कभी सुबह के वक्त घरों के पास की दुकान से स्वयं ही पतंगों की खरीदारी कर रहे हैं। बड़े भी खुश है कि कम से कम बच्चों से मोबाइल तो दूर हुआ।
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गल्ला मंडी में स्थित सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य माधुरी पहारिया ने लॉक डाउन के बीच छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू करा दी है। कक्षा 7 से लेकर 12 तक के छात्र छात्राओं का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर उन्हें सवालों के जवाब भी दिए जा रहे हैं।
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शिक्षक भी सभी को आनलाइन जोड़ कर हर चैप्टर बारीकी से समझा रहे हैं। विद्यालय के अध्यापकों नीरज दुबे, ब्रजेंद्र यादव, श्यामसुंदर लाल, कुलदीप गुप्ता, राजीव राठौर, पंकजाचरण बाजपेई, मनीष अग्रवाल, प्रतीक्षा रेजा, सरोज खरे, सरला मिश्रा, नीतू गर्ग, प्रभा गुप्ता, विनीत खरे, शैलेंद्र यादव, विवेक तिवारी, सत्यम खरे ने बताया कि सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक अपने काम छोड़ कर छात्रों से संवाद किया जा रहा है।
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इसी तरह पतंगबाजी का मौसम तो बिल्कुल ही नहीं है लेकिन शाम के वक्त मोबाइल से ऊबे बच्चे छतों पर पतंग उड़ाते देखे जा रहे हैं। बच्चे कभी घर के बड़ों से पतंगे लाने के लिए जिद करते हैं तो कभी सुबह के वक्त घरों के पास की दुकान से स्वयं ही पतंगों की खरीदारी कर रहे हैं। बड़े भी खुश है कि कम से कम बच्चों से मोबाइल तो दूर हुआ।

उड़ाने के लिए पतंग ले जाते बच्चे- फोटो : ORAI