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अब तक जिले में डेंगू के 34 मरीज मिले
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Wed, 05 Oct 2016 11:10 PM IST
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जिला अस्पताल का बंद वार्ड नंबर आठ।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में पिछले एक माह से डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारियों ने पैर पसार रखे हैं। अब तक डेेेंगू से पीड़ित 34 मरीजों की पुष्टि स्वास्थ्य महकमा कर चुका है। इन बीमारियों के लक्षण दिखते ही मरीज झांसी, कानपुर के लिए जिला अस्पताल से रेफर करा लेते हैैं। इसकी वजह यहां पर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों में अविश्वास माना जा रहा है।
डाक्टरों की कमी से लेकर ब्लड बैंक का रोज न खुलना भी समस्या है। यही वजह है कि 34 मरीज निकलने के बावजूद जिला अस्पताल में बने डेंगू वार्ड में ताला लगा हुआ है।
जिले के हर गांव में बुखार से लोग पीड़ित हैं। गंभीर रूप से परेशान मरीजों केे परिजन जब जिला चिकित्सालय पहुंचते हैं तो जांच में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया निकलने पर झांसी,
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कानपुर, ग्वालियर रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल में स्थित डेंगू वार्ड में बुधवार को जब संवाददाता पहुंचा तो वहां ताला पड़ा हुआ है और डेंगू के एक भी मरीज भर्ती नहीं है। जिन 34 डेंगू मरीजों की पुष्टि की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग से हुई है। वह सब अन्य जनपदों में इलाज करवा रहे हैं। यह वही रिपोर्ट है, जो बाहरी जनपद के चिकित्सालयों से स्वास्थ्य
विभाग को मिली है। जनपद के मरीजों को कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कानपुर में इलाज चल रहा है। इस बावत सीएमएस जीके निगम ने कहा कि डेंगू जैसी बीमारियों के वार्ड नंबर 8 बना रखा है। मरीज तो आते हैं, मगर परिजन गंभीर मरीज को रेफर करा ले जाते हैं।
जीएसवीएम कानपुर में इनका हो रहा है इलाज
विवेक निवासी मैनूपुर, समीक्षा निवासी बाबू शाह जालौन, रीता शर्मा निवासी रामपुरा, मुहम्मद गालिब निवासी चतेला, सत्यम गुप्ता निवासी गोपाल गंज, उरई, बाबूलाल निवासी बागी, गौरव पाठक निवासी जीपुरा, जालौन, पिंकी राठौर निवासी सहाव मोड़ जालौन, खलील निवासी चतेला, विकास यादव निवासी राजनगर, धर्मेंद्र निवासी खुदरुवा कालपी, शिवा निवासी मुहम्मद नगर, विनोद कुमार निवासी खुटमिली, संजय निवासी कुठौंद।
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डाक्टरों की कमी से लेकर ब्लड बैंक का रोज न खुलना भी समस्या है। यही वजह है कि 34 मरीज निकलने के बावजूद जिला अस्पताल में बने डेंगू वार्ड में ताला लगा हुआ है।
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जिले के हर गांव में बुखार से लोग पीड़ित हैं। गंभीर रूप से परेशान मरीजों केे परिजन जब जिला चिकित्सालय पहुंचते हैं तो जांच में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया निकलने पर झांसी,
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कानपुर, ग्वालियर रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल में स्थित डेंगू वार्ड में बुधवार को जब संवाददाता पहुंचा तो वहां ताला पड़ा हुआ है और डेंगू के एक भी मरीज भर्ती नहीं है। जिन 34 डेंगू मरीजों की पुष्टि की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग से हुई है। वह सब अन्य जनपदों में इलाज करवा रहे हैं। यह वही रिपोर्ट है, जो बाहरी जनपद के चिकित्सालयों से स्वास्थ्य
विभाग को मिली है। जनपद के मरीजों को कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कानपुर में इलाज चल रहा है। इस बावत सीएमएस जीके निगम ने कहा कि डेंगू जैसी बीमारियों के वार्ड नंबर 8 बना रखा है। मरीज तो आते हैं, मगर परिजन गंभीर मरीज को रेफर करा ले जाते हैं।
जीएसवीएम कानपुर में इनका हो रहा है इलाज
विवेक निवासी मैनूपुर, समीक्षा निवासी बाबू शाह जालौन, रीता शर्मा निवासी रामपुरा, मुहम्मद गालिब निवासी चतेला, सत्यम गुप्ता निवासी गोपाल गंज, उरई, बाबूलाल निवासी बागी, गौरव पाठक निवासी जीपुरा, जालौन, पिंकी राठौर निवासी सहाव मोड़ जालौन, खलील निवासी चतेला, विकास यादव निवासी राजनगर, धर्मेंद्र निवासी खुदरुवा कालपी, शिवा निवासी मुहम्मद नगर, विनोद कुमार निवासी खुटमिली, संजय निवासी कुठौंद।