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Jalaun News: नून नदी के पुनर्जीवन के लिए चलाया फावड़ा
Mon, 14 Apr 2025 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 14 Apr 2025 12:45 AM IST
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उरई/एट। बुंदेलखंड में जल संकट को देखते हुए रविवार को नून नदी के पुनर्जीवन के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया। सतोह गांव में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह की अगुवाई में महाअभियान शुरू हुआ। जिसमें हजारों लोगों ने श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। इस अभियान के तहत नदी के उद्गम स्थल से काम की शुरुआत की गई, जिसमें मंत्री स्वयं कुदाल और फावड़ा हाथ में लेकर शामिल हुए।
जल शक्ति मंत्री ने कहा नदी केवल जल का स्रोत नहीं, यह हमारी संस्कृति, परंपरा और भविष्य की धरोहर है। आज का यह अभियान सिर्फ नदी की सफाई नहीं बल्कि एक नई चेतना का आरंभ है। अभियान में माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा व कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी श्रमदान किया। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि नून नदी अपने उद्गम स्थल से ही विलुप्त हो गई है। विभिन्न नालों के मिट जाने से नदी का जीवन नहीं रह गया था। अब जन भागीदारी से नून नदी का पुनर्जीवन कार्य श्रमदान एवं सीएसआर के द्वारा एवं विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों के प्रयास से किया जा रहा है।
सिंचाई विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग की तकनीकी सहायता और आमजन की सहभागिता से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह नदी 47 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 87 किलोमीटर के दायरे में बहती है। इसके पुनर्जीवित होने से लगभग 15,351 किसानों और 2780 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। पर्यावरणीय परिवर्तन के कारण यह नदी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन अब प्रशासन और जन भागीदारी के संयुक्त प्रयासों से इसे फिर से जीवन देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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सतोह गांव में यह आयोजन उत्सव के रूप में बदल गया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने अपने हाथों में फावड़ा उठाकर भाग लिया। हजारों ग्रामीण, महिलाएं और युवक इस अभियान में एकजुट होकर जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए सक्रिय रूप से भागीदार बने। इस मौके पर व एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान, एसडीएम कोंच ज्योति सिंह, थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह, ममता पटेल, हरिकिशोर, पूनम राजपूत आदि रहे।
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जल शक्ति मंत्री ने कहा नदी केवल जल का स्रोत नहीं, यह हमारी संस्कृति, परंपरा और भविष्य की धरोहर है। आज का यह अभियान सिर्फ नदी की सफाई नहीं बल्कि एक नई चेतना का आरंभ है। अभियान में माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा व कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भी श्रमदान किया। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि नून नदी अपने उद्गम स्थल से ही विलुप्त हो गई है। विभिन्न नालों के मिट जाने से नदी का जीवन नहीं रह गया था। अब जन भागीदारी से नून नदी का पुनर्जीवन कार्य श्रमदान एवं सीएसआर के द्वारा एवं विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों के प्रयास से किया जा रहा है।
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सिंचाई विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग की तकनीकी सहायता और आमजन की सहभागिता से कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यह नदी 47 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत 87 किलोमीटर के दायरे में बहती है। इसके पुनर्जीवित होने से लगभग 15,351 किसानों और 2780 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। पर्यावरणीय परिवर्तन के कारण यह नदी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन अब प्रशासन और जन भागीदारी के संयुक्त प्रयासों से इसे फिर से जीवन देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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सतोह गांव में यह आयोजन उत्सव के रूप में बदल गया, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने अपने हाथों में फावड़ा उठाकर भाग लिया। हजारों ग्रामीण, महिलाएं और युवक इस अभियान में एकजुट होकर जल संरक्षण के महत्व को समझते हुए सक्रिय रूप से भागीदार बने। इस मौके पर व एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ राजेंद्र कुमार श्रीवास, जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान, एसडीएम कोंच ज्योति सिंह, थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह, ममता पटेल, हरिकिशोर, पूनम राजपूत आदि रहे।