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Jalaun News: मई जून में न बजेगी शहनाई और न होंगे मांगलिक कार्य
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उरई (जालौन)। सूर्य के शुक्र राशि में चले जाने के कारण अप्रैल के बाद मई जून में शुभ मुहूर्त नहीं बन पा रहे है। इससे शादी विवाह में रुक गया है। इससे उन लोगों की सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है, जिनकी रोजी-रोटी विवाह समारोहों से चलती है। पंडित कपिल शास्त्री बताते है कि इस वर्ष 2024 में 25 अप्रैल से 29 जून तक शुक्र ग्रह के अस्त होने के कारण मई और जून महीने में कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। इसके बाद 9 जुलाई से 15 जुलाई 2024 तक विवाह के 5-6 मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे। उसके बाद 16 जुलाई से 11 नवंबर तक चातुर्मास होने के कारण कोई विवाह मुहूर्त नहीं है। 12 नवंबर से 15 दिसंबर तक 15-16 शुभ विवाह मुहूर्त बनेंगे।
किराये पर गेस्ट हाउस संचालन करने वालों को भी दिक्कत
मुहूर्त न होने के कारण दो माह तक विवाहघरों में सन्नाटा रहेगा। इसमें उन लोगों को ज्यादा दिक्कत होगी, जिन्होंने उत्सव गृह किराये पर लिया है। संकल्प पहारिया, सुरेश माली आदि का कहना है कि वह विवाह से जुड़े काम करते है, उन्होंने विवाहघर किराये पर लिए हैं। हर साल मई और जून माह में खूब सहालग होती रहती है लेकिन इस बार मई और जून माह में एक भी सहालग नहीं है। ऐसे में लागत और किराया निकालना मुश्किल होगा। काम में लगे कर्मचारियों को कैसे भुगतान करेंगे, यह भी बड़ी समस्या है।
लेबर को दे चुके है एडवांस, कैसे होगी भरपाई
विवाहघरों के साथ ही बैंड संचालकों की भी दिक्कत होने वाली है। बैंड संचालक रज्जू बताते है कि बैंड वालों के लिए लेबर का भुगतान एडवांस करना होता है। कई कलाकार ऐसे होते है, जिन्हें सालाना के हिसाब से भुगतान करना होता है। ऐसे में मई और जून माह में सहालग न होेने से खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बग्घी और घोड़े आदि का खर्चा भी मुश्किल होगा।
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डिजाइन बदल गई तो हो जाएगी दिक्कत
दुल्हा और दुल्हन सजाने वाले ब्यूटी पार्लर और रेडीमेड दुकानदार भी सहालग न होने से परेशान है। उनका कहना है कि उन्होंने सहालग के हिसाब से नई नई डिजाइन और वैराइटी के कोट, शेरबानी आदि मंगवाए थे। अब दो महीने कैसे खर्च निकलेगा। रंजीत सिंह सरदार का कहना है कि कई माह डिजाइन बदलती है। यदि दो माह बाद डिजाइन बदल गई है तो उनके सामान का नुकसान हो सकता है।
बुकिंग कम होने से गहराएगा आर्थिक संकट
हलवाई मनीष का कहना है कि उनके साथ बुकिंग के लिए करीब 25 से तीस लोगों का समूह होता है। मई और जून जैसे महीने बिना सहालग के गुजरने वाले है। हम लोगों का इसी सहालग के मौसम से साल भर का खर्च चलता है। अब दो महीने सन्नाटे में बैठे रहेंगे। इस बार बुकिंग कम होने से आर्थिक संकट भी गहराएगा।
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किराये पर गेस्ट हाउस संचालन करने वालों को भी दिक्कत
मुहूर्त न होने के कारण दो माह तक विवाहघरों में सन्नाटा रहेगा। इसमें उन लोगों को ज्यादा दिक्कत होगी, जिन्होंने उत्सव गृह किराये पर लिया है। संकल्प पहारिया, सुरेश माली आदि का कहना है कि वह विवाह से जुड़े काम करते है, उन्होंने विवाहघर किराये पर लिए हैं। हर साल मई और जून माह में खूब सहालग होती रहती है लेकिन इस बार मई और जून माह में एक भी सहालग नहीं है। ऐसे में लागत और किराया निकालना मुश्किल होगा। काम में लगे कर्मचारियों को कैसे भुगतान करेंगे, यह भी बड़ी समस्या है।
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लेबर को दे चुके है एडवांस, कैसे होगी भरपाई
विवाहघरों के साथ ही बैंड संचालकों की भी दिक्कत होने वाली है। बैंड संचालक रज्जू बताते है कि बैंड वालों के लिए लेबर का भुगतान एडवांस करना होता है। कई कलाकार ऐसे होते है, जिन्हें सालाना के हिसाब से भुगतान करना होता है। ऐसे में मई और जून माह में सहालग न होेने से खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है। बग्घी और घोड़े आदि का खर्चा भी मुश्किल होगा।
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डिजाइन बदल गई तो हो जाएगी दिक्कत
दुल्हा और दुल्हन सजाने वाले ब्यूटी पार्लर और रेडीमेड दुकानदार भी सहालग न होने से परेशान है। उनका कहना है कि उन्होंने सहालग के हिसाब से नई नई डिजाइन और वैराइटी के कोट, शेरबानी आदि मंगवाए थे। अब दो महीने कैसे खर्च निकलेगा। रंजीत सिंह सरदार का कहना है कि कई माह डिजाइन बदलती है। यदि दो माह बाद डिजाइन बदल गई है तो उनके सामान का नुकसान हो सकता है।
बुकिंग कम होने से गहराएगा आर्थिक संकट
हलवाई मनीष का कहना है कि उनके साथ बुकिंग के लिए करीब 25 से तीस लोगों का समूह होता है। मई और जून जैसे महीने बिना सहालग के गुजरने वाले है। हम लोगों का इसी सहालग के मौसम से साल भर का खर्च चलता है। अब दो महीने सन्नाटे में बैठे रहेंगे। इस बार बुकिंग कम होने से आर्थिक संकट भी गहराएगा।