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स्कूली छात्रों को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए एनडीआरएफ की टीम ने
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बच्चों को घाव की मरहम पट्टी करना सिखाते टीम के सदस्य
- फोटो : ORAI
कोंच। एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम ने गुरुवार को एसआरपी इंटर कॉलेज में पहुंच कर छात्र छात्राओं को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाए। उन्होंने बताया कि बाढ़, भूकंप, दुर्घटना जैसी स्थितियों में पीड़ितों को तत्काल मदद पहुंचाई जा सकती है।
मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार संजय ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में काम आने वाले तौर तरीकों के बारे में टीम ने जो कुछ बताया है उसका उपयोग करते हुए पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं। बच्चे ये गुर सीख कर किसी की भी मदद कर सकते हैं। एनडीआरएफ की 11वीं वाहिनी वाराणसी के टीम कमांडर अमोल कुमार के निर्देशन में फ्रैक्चर, प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर बनाना आदि का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि ये तरीके अपना कर खुद बचें और दूसरों को भी बचाएं।
टीम के विशेषज्ञों ने छात्र छात्राओं को किसी शिक्षक की भांति पढ़ाते हुए बताया कि किसी भी विषम परिस्थिति में कैसे पीड़ित को फौरी राहत देते हुए जान माल की सुरक्षा की जा सकती है। टीम के अमित दुबेे ने बताया कि यदि किसी की दुर्घटना हो जाती है और मौके पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है तो कैसे उसे प्राथमिक उपचार देकर पास के अस्पताल तक पहुंचाया जा सकता है। इस दौरान प्रधानाचार्य रमेशचंद्र, अवनीशकुमार, साकेत शांडिल्य, शहजाद खान, लेखपाल सदर नरेंद्र सिंह, एनडीआरएफ टीम के मुकेश सिंह चौहान, शिवलाल, अजय राज, राजेंद्र सिंह, प्रमोद सिरौतिया, राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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मुख्य अतिथि नायब तहसीलदार संजय ने कहा कि आपातकालीन स्थिति में काम आने वाले तौर तरीकों के बारे में टीम ने जो कुछ बताया है उसका उपयोग करते हुए पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं। बच्चे ये गुर सीख कर किसी की भी मदद कर सकते हैं। एनडीआरएफ की 11वीं वाहिनी वाराणसी के टीम कमांडर अमोल कुमार के निर्देशन में फ्रैक्चर, प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर बनाना आदि का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने कहा कि ये तरीके अपना कर खुद बचें और दूसरों को भी बचाएं।
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टीम के विशेषज्ञों ने छात्र छात्राओं को किसी शिक्षक की भांति पढ़ाते हुए बताया कि किसी भी विषम परिस्थिति में कैसे पीड़ित को फौरी राहत देते हुए जान माल की सुरक्षा की जा सकती है। टीम के अमित दुबेे ने बताया कि यदि किसी की दुर्घटना हो जाती है और मौके पर एंबुलेंस सेवा उपलब्ध नहीं है तो कैसे उसे प्राथमिक उपचार देकर पास के अस्पताल तक पहुंचाया जा सकता है। इस दौरान प्रधानाचार्य रमेशचंद्र, अवनीशकुमार, साकेत शांडिल्य, शहजाद खान, लेखपाल सदर नरेंद्र सिंह, एनडीआरएफ टीम के मुकेश सिंह चौहान, शिवलाल, अजय राज, राजेंद्र सिंह, प्रमोद सिरौतिया, राजेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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