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Jalaun News: आरोग्य मेले में अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोका
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फोटो - 19 आरोग्य मेले का निरीक्षण करते सीएमओ। संवाद
उरई। जनपद में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ उनका एक दिन का वेतन या मानदेय रोकने की कार्रवाई की गई।
जिले के 34 ग्रामीण और सात नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे मेलों में 1076 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार दिया गया। इनमें 575 पुरुष और 385 महिलाएं व शेष बच्चे शामिल रहे। मरीजों की जांच के लिए 40 चिकित्सकों और 102 पैरामेडिकल कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।
मेले में 35 मरीजों की मलेरिया कार्ड से जांच की गई, जबकि तीन मरीजों की हेपेटाइटिस जांच हुई। इसके अलावा 13 लोगों की आंखों का परीक्षण किया गया और 22 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। गंभीर स्थिति वाले चार मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया। इन्हें एंबुलेंस से भेजा गया। मेले में सबसे अधिक 207 मरीज त्वचा संबंधी बीमारियों के पहुंचे। इसके अलावा 201 मरीज लीवर संबंधी समस्याओं, 123 श्वसन संबंधी बीमारियों, 94 बुखार, 62 डायबिटीज और 43 उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिले। खून की कमी से संबंधित 18 मरीजों की भी जांच कर उन्हें उपचार दिया गया।
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आटा में एलटी और बघौरा में एएनएम व फार्मासिस्ट मिले अनुपस्थित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आटा और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघौरा में आयोजित आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। आटा स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर 1:40 बजे तक 52 मरीजों का परीक्षण किया जा चुका था और 18 जांचें की गई थीं। निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला प्राविधिक (एलटी) अनुपस्थित मिले। हालांकि, केंद्र पर साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
इसके बाद सीएमओ ने दोपहर 2:50 बजे नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघौरा का निरीक्षण किया। यहां तब तक 50 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और 11 शुगर जांचें की गई थीं। केंद्र पर आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिलीं। निरीक्षण के दौरान सभी संविदा एएनएम और फार्मासिस्ट हिमांशु अनुपस्थित पाए गए, जबकि अन्य कर्मचारी उपस्थित मिले। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के प्रचार-प्रसार के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री प्रदर्शित नहीं किए जाने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई।
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जिले के 34 ग्रामीण और सात नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे मेलों में 1076 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार दिया गया। इनमें 575 पुरुष और 385 महिलाएं व शेष बच्चे शामिल रहे। मरीजों की जांच के लिए 40 चिकित्सकों और 102 पैरामेडिकल कर्मचारियों की तैनाती की गई थी।
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मेले में 35 मरीजों की मलेरिया कार्ड से जांच की गई, जबकि तीन मरीजों की हेपेटाइटिस जांच हुई। इसके अलावा 13 लोगों की आंखों का परीक्षण किया गया और 22 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। गंभीर स्थिति वाले चार मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों पर रेफर किया गया। इन्हें एंबुलेंस से भेजा गया। मेले में सबसे अधिक 207 मरीज त्वचा संबंधी बीमारियों के पहुंचे। इसके अलावा 201 मरीज लीवर संबंधी समस्याओं, 123 श्वसन संबंधी बीमारियों, 94 बुखार, 62 डायबिटीज और 43 उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिले। खून की कमी से संबंधित 18 मरीजों की भी जांच कर उन्हें उपचार दिया गया।
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आटा में एलटी और बघौरा में एएनएम व फार्मासिस्ट मिले अनुपस्थित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिनंदन प्रसाद ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आटा और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघौरा में आयोजित आरोग्य मेले का निरीक्षण किया। आटा स्वास्थ्य केंद्र में दोपहर 1:40 बजे तक 52 मरीजों का परीक्षण किया जा चुका था और 18 जांचें की गई थीं। निरीक्षण के दौरान प्रयोगशाला प्राविधिक (एलटी) अनुपस्थित मिले। हालांकि, केंद्र पर साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
इसके बाद सीएमओ ने दोपहर 2:50 बजे नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बघौरा का निरीक्षण किया। यहां तब तक 50 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और 11 शुगर जांचें की गई थीं। केंद्र पर आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिलीं। निरीक्षण के दौरान सभी संविदा एएनएम और फार्मासिस्ट हिमांशु अनुपस्थित पाए गए, जबकि अन्य कर्मचारी उपस्थित मिले। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले के प्रचार-प्रसार के लिए सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री प्रदर्शित नहीं किए जाने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई।