उरई। किन्नरों के अखिल भारतीय सम्मेलन के अंतर्गत शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में पीले वस्त्र पहने किन्नर सिर पर कलश धारण किए थे। उनके आगे साथियों की टोली बैंड व डीजे की धुन पर नाचते गाते चल रही थी। कलश यात्रा कालपी रोड स्थित गेस्ट हाउस से शुरू होकर शहीद भगत सिंह चौराहे तक पहुंची और फिर वहीं से वापस सम्मेलन स्थल पर लौटी। दो तीन स्थानों पर किन्नरों ने चाक पूजन भी किया।
बता दें कि जिले की सुख समृद्वि के लिए कालपी रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में किन्नरों का सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसके चौथे दिन शुक्रवार को सुबह के वक्त भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें यूपी के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात से आए किन्नरों ने हिस्सा लिया। यात्रा के दौरान आकर्षक वेशभूषा में सजे धजे किन्नरों को देखने के लिए सडक़ों पर भीड़ लगी रही। चाक पूजन करते हुए यात्रा वापस सम्मेलन स्थल पर पहुंची। जहां पूरे दिन बिरादरी के पंरपरागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। सम्मेलन स्थल पर आभूषणों की बाजार भी लगी थी। दूर दराज से आए किन्नरों ने कार्यक्रम की यादें सजोने के लिए जमकर सेल्फी भी ली। संयोजक हाजी पप्पू ने बताया कि सम्मेलन के दौरान कोविड काल में दिवंगत हुए किन्नरों को श्रद्वांजलि भी दी जाएगी। इस दौरान बुर्जुग किन्नर नीतू मौसी ने बताया कि वे हर साल निर्धन परिवार की बेटियों के हाथ भी पीले कराती हैं। इस मौके पर हाजी अनारकली, खुशबू, नीतू मां उदयपुर, श्रीबाई जयपुर, काली बाई मथुरा, दिव्या बाई, राखी नायक अल्वर आदि मौजूद रहे।