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Jalaun News: धोखाधड़ी मामले में जनसेवा केंद्र संचालक को हाईकोर्ट से राहत

Sat, 26 Sep 2026 12:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2026 12:34 AM IST
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Relief for Common Service Centre operator from High Court in fraud case.
उरई। कालपी कोतवाली के चर्चित 1.10 करोड़ रुपये की जमीन धोखाधड़ी मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जनसेवा केंद्र के फ्रेंचाइजी संचालक धर्मेंद्र सक्सेना को राहत दी है। हाईकोर्ट ने उसके खिलाफ चल रही पूरी आपराधिक कार्यवाही और निचली अदालत के संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया है।
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मामले में विपक्षी संख्या दो की ओर से 30 सितंबर 2023 को कालपी कोतवाली में छह नामजद और सात अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और जालसाजी समेत भारतीय दंड विधान की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि विद्यावती के नाम पर फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड तैयार कर जमीन का सौदा किया गया और 1.10 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
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विवेचना के दौरान पुलिस की ओर से कई बार आरोपपत्र दाखिल किए गए। 21 जनवरी 2026 को दाखिल पांचवीं पूरक चार्जशीट में धर्मेंद्र सक्सेना समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया। इसी संज्ञान आदेश को धर्मेंद्र सक्सेना की ओर से हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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हाईकोर्ट में याची की ओर से अधिवक्ता ने पक्ष रखा। उनकी ओर से दलील दी गई कि धर्मेंद्र सक्सेना का कथित अपराध में कोई प्रत्यक्ष रोल नहीं है और उन्हें जनसेवा केंद्र की फ्रेंचाइजी का संचालक होने के आधार पर मामले में आरोपी बनाया गया है। फर्जी आधार कार्ड तैयार करने का आरोप उनके द्वारा नियुक्त ऑपरेटर पर है, जिसे मामले में आरोपी बनाया गया है।


16 सितंबर 2026 को कोर्ट नंबर 79 में न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने धारा 528 नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत दाखिल प्रार्थनापत्र संख्या 31132/2026 पर सुनवाई की। आदेश में कोर्ट ने याची के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने में भूमिका और साजिश में नियंत्रण से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य नहीं पाए जाने की बात कही।
कोर्ट ने धर्मेंद्र सक्सेना की पूरी आपराधिक कार्यवाही और 22 जनवरी 2026 के संज्ञान आदेश को निरस्त कर दिया।
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