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बारिश से ढहे कच्चे मकान, मुआवजे की मांग
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कदौरा। तीन दिन से हो रही रिमझिम बारिश से थाना क्षेत्र के भेड़ी खुर्द गांव में आधा दर्जन से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो गए जिससे पीड़ित खुले आसमान के नीचे जीवन यापन को मजबूर हो रहे है। पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
रविवार से रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से भेड़ी खुर्द गांव में शिवशरण, परशुराम कुशवाहा, मुन्ना सिंह, शिवप्रसाद, इंदल सिंह, प्रेमवती आदि के कच्चे मकान धराशायी हो गए। जिससे घरों के अंदर रखा अनाज व अन्य गृहस्थी का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया। मकान गिरने से लोगों के सामने अब छत की चिंता सता रही है। प्रेमवती व इंदल सिंह ने बताया कि गरीबी की हालत में मकान कैसे सही कराएं।
बारिश के कारण बचा हुआ सामान लेकर दूसरे ग्रामीणों के दरवाजे पर बैठने के लिए मजबूर है जबकि पूर्व में आवास की मांग भी की गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई सुनवाई नहीं थी। गांव के राघवेंद्र सिंह ने लेखपाल सहित उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। लेखपाल रामजी सिंह का कहना है कि सूचना मिली है मौके पर जा कर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उपजिलाधिकारी कालपी को भेजेंगे। वहीं क्षेत्र के ग्राम कानाखेड़ा में इंदरपाल, मुरलीधर, मनोज व चंदरसी गांव में गुड्डी देवी, दुर्गा, समाल खान के कच्चे मकान गिर गए। जिससे घर के अंदर अनाज व अन्य गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया।
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चंदरसी प्रधान रामकुमार व कानाखेड़ा प्रधान प्रतिनिधि मान सिंह ने पीड़ितों को अनाज कपड़े आदि देकर अन्य मदद दिलाने का भरोसा देते हुए लेखपालों को अवगत करा दिया है। कदौरा प्रतिनिधि के अनुसार, सोमवार रात 11 बजे खाना खाकर सो रही बेवा भानवती का कच्चा मकान अचानक छप्पर सहित गिर गया। इससे भानवती उसकी चपेट में आने से दब गई। चीख पुकार सुन कर ग्रामीण दौड़े और आनन फानन में उसे बाहर निकाला। गिरे मकान व बर्बाद समान को देख वृद्धा बेहाल है। भानवती ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व उसके पति की बीमारी से मौत हो गई थी, उसने गांव के प्रधान व ब्लाक में आवास व शौचालय की मांग की थी, लेकिन नहीं मिला। अब कच्चा घर भी गिर गया।
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रविवार से रुक-रुक कर हो रही रिमझिम बारिश से भेड़ी खुर्द गांव में शिवशरण, परशुराम कुशवाहा, मुन्ना सिंह, शिवप्रसाद, इंदल सिंह, प्रेमवती आदि के कच्चे मकान धराशायी हो गए। जिससे घरों के अंदर रखा अनाज व अन्य गृहस्थी का सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया। मकान गिरने से लोगों के सामने अब छत की चिंता सता रही है। प्रेमवती व इंदल सिंह ने बताया कि गरीबी की हालत में मकान कैसे सही कराएं।
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बारिश के कारण बचा हुआ सामान लेकर दूसरे ग्रामीणों के दरवाजे पर बैठने के लिए मजबूर है जबकि पूर्व में आवास की मांग भी की गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने कोई सुनवाई नहीं थी। गांव के राघवेंद्र सिंह ने लेखपाल सहित उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है। लेखपाल रामजी सिंह का कहना है कि सूचना मिली है मौके पर जा कर नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट उपजिलाधिकारी कालपी को भेजेंगे। वहीं क्षेत्र के ग्राम कानाखेड़ा में इंदरपाल, मुरलीधर, मनोज व चंदरसी गांव में गुड्डी देवी, दुर्गा, समाल खान के कच्चे मकान गिर गए। जिससे घर के अंदर अनाज व अन्य गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया।
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चंदरसी प्रधान रामकुमार व कानाखेड़ा प्रधान प्रतिनिधि मान सिंह ने पीड़ितों को अनाज कपड़े आदि देकर अन्य मदद दिलाने का भरोसा देते हुए लेखपालों को अवगत करा दिया है। कदौरा प्रतिनिधि के अनुसार, सोमवार रात 11 बजे खाना खाकर सो रही बेवा भानवती का कच्चा मकान अचानक छप्पर सहित गिर गया। इससे भानवती उसकी चपेट में आने से दब गई। चीख पुकार सुन कर ग्रामीण दौड़े और आनन फानन में उसे बाहर निकाला। गिरे मकान व बर्बाद समान को देख वृद्धा बेहाल है। भानवती ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व उसके पति की बीमारी से मौत हो गई थी, उसने गांव के प्रधान व ब्लाक में आवास व शौचालय की मांग की थी, लेकिन नहीं मिला। अब कच्चा घर भी गिर गया।