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Jalaun News: 16 साल तक गरीबी में पाला, खनन माफिया के गुर्गों ने ली किशोरी की जान
Mon, 03 Feb 2025 12:12 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:12 AM IST
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उरई। सोलह साल पहले मां बाप की मौत हो जाने पर जिस लड़की को बाबा-दादी ने पाला। उसे खनन माफिया के गुर्गों ने मौत की नींद सुला दिया। मिट्टी से लदे ट्रैक्टर की टक्कर से हुई किशोरी की मौत से दादा-दादी बेहाल हैं। उनका कहना है कि उसकी शादी भी तय कर दी थी। लेकिन उससे पहले ही उसकी जान चली गई। माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मढ़ा (भगवानपुरा) निवासी स्व. अफसर की पुत्री रवीना (17) महिलाओं के साथ शनिवार की दोपहर जानवर को चारा लेने खेत पर जा रही थी। तभी ऊंचा की तरफ से मिट्टी लादकर तेज रफ्तार से आ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर ने किशोरी को टक्कर मारते हुए कुचल दिया था। सीेएचसी में भर्ती कराया था। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था।
मृत किशोरी के दादा नूर मुहम्मद ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। जब रवीना दो साल की थी, तभी मां कुरैशा व पिता अफसर की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। दो वर्ष की मासूम को दादी मुन्नी ने बड़े प्यार से पाला।
जब वह पांच साल की हुई तो गांव के ही स्कूल में उसका दाखिला करा दिया। आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद रवीना का मन नहीं लगा तो दादा दादी ने उसे घर पर ही रहने की सलाह दी। वह दोनों का काम में हाथ बंटाती थी।
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दादा ने बताया कि रवीना का विवाह करने के लिए बड़े पुत्र अबरार, इकरार से बात हो गई थी। इस वर्ष रवीना के लिए लड़का देख कर निकाह करने की सोच रहे थे। लेकिन जब शनिवार को वह मोहल्ले की महिलाओं के साथ खेत पर जा रही थी। तभी उसे ट्रैक्टर-ट्राली में मिट्टी भरकर आ रहे चालक ने कुचल दिया था। इससे उसकी मौत हो गई है। खनन माफिया के गुर्गों ने उसकी पोती की जान ली है।
बताया कि उसके साथ गई महिलाओं ने बताया कि ट्रैक्टर की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक टक्कर मारते हुए आगे बढ़ गया। वह एक ही बात कहे जा रहे हैं, कि खुदा उसने यह क्या कर दिया। उसके सामने ही उसकी बुढ़ापे की लाठी को छीन लिया। (संवाद)
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मृत किशोरी के दादा नूर मुहम्मद ने बताया कि वह मजदूरी करते हैं। जब रवीना दो साल की थी, तभी मां कुरैशा व पिता अफसर की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। दो वर्ष की मासूम को दादी मुन्नी ने बड़े प्यार से पाला।
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जब वह पांच साल की हुई तो गांव के ही स्कूल में उसका दाखिला करा दिया। आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद रवीना का मन नहीं लगा तो दादा दादी ने उसे घर पर ही रहने की सलाह दी। वह दोनों का काम में हाथ बंटाती थी।
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दादा ने बताया कि रवीना का विवाह करने के लिए बड़े पुत्र अबरार, इकरार से बात हो गई थी। इस वर्ष रवीना के लिए लड़का देख कर निकाह करने की सोच रहे थे। लेकिन जब शनिवार को वह मोहल्ले की महिलाओं के साथ खेत पर जा रही थी। तभी उसे ट्रैक्टर-ट्राली में मिट्टी भरकर आ रहे चालक ने कुचल दिया था। इससे उसकी मौत हो गई है। खनन माफिया के गुर्गों ने उसकी पोती की जान ली है।
बताया कि उसके साथ गई महिलाओं ने बताया कि ट्रैक्टर की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक टक्कर मारते हुए आगे बढ़ गया। वह एक ही बात कहे जा रहे हैं, कि खुदा उसने यह क्या कर दिया। उसके सामने ही उसकी बुढ़ापे की लाठी को छीन लिया। (संवाद)