जालौन। रामलीला भवन में रामजन्म, विद्याध्ययन, मुनि याचना और ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। राम का जन्म होते ही जयकारे गूंजने लगे। भगवान शिव और माता कौशल्या के साथ संवाद और गुरु वशिष्ठ के चारों भाइयों के नामकरण के मंचन को भी लोगों ने खूब पसंद किया। लीला देखने 60 से 70 लोग ही पहुंच रहे हैं।
लीला में दिखाया गया कि मुनि विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को अपने साथ वन ले जाते हैं। मारीच और सुबाहु अपने साथियों के साथ यज्ञ पर धावा बोलते हैं तो भगवान राम एक बाण से उसे सौ योजन पार पहुंचा देते हैं। इसके बाद सुबाहु का वध कर देते हैं। इस पर देवता और ऋषि, मुनि भगवान की स्तुति करने लगते हैं। ताड़का वध का भी मंचन किया गया। राम की भूमिका में पिंकी महाराज व लक्ष्मण की भूमिका में केके शुक्ला ने अभिनय किया। काजल ने नृत्यकला और सुभाष मस्ताना ने व्यंग्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मनोरंजन किया। सहयोगी कलाकारों में भरत की भूमिका में श्याम, शत्रुघ्न की भूमिका में भोला, दशरथ की भूमिका में रमेश दुबे, गुरु वशिष्ठ की भूमिका में सुरेंद्र पाराशर, प्रयाग गुरु, राजकुमार, रामप्रकाश शर्मा ने सहयोग किया। व्यास के रूप में केशव पांडेय, कांगो पर तिलक सिंह और नाल पर जीवन रहे। संचालन पवन चतुर्वेदी ने किया।