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Jalaun News: टिनशेड पर जूट के बोरे डाल करते रहें पानी का छिड़काव
Sat, 01 Jun 2024 01:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 01 Jun 2024 01:09 AM IST
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कालपी/कदौरा। पशुपालन विभाग कानपुर मंडल के अपर निदेशक एवं जिला मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने शुक्रवार को तीन गोशालाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भीषण गर्मी में टिनशेड के ऊपर जूट के बोरे डालकर पानी का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
कानपुर मंडल के अपर निदेशक डॉ. अवनीश कुमार भट्ट एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ निर्मल कुमार ने कालपी बरखेड़ा तथा कान्हा गोशाला कदौरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रजिस्टर में पंजीकृत गोवंशों की संख्या की भी जांच की। जिसमें कालपी गोशाला में 193, बरखेड़ा में 92 एवं कान्हा गोशाला में 281 गोवंश दर्ज थे। गिनती कराने में पूर्ण मिले।
अपर निदेशक ने गोशालाओं के जिम्मेदारों को निर्देश देते हुए कहा इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। गोवंशों के छाया के लिए जो टिन शेड डाला गया है। उस पर जूट के बोरे डालकर तीन बार पानी का छिड़काव किया जाए ताकि टिनशेड का तापमान अधिक न हो। गोवंशों को आराम मिल सके। गर्मी के चलते चरही में दो बार पानी को बदला जाए ताकि ताजा पानी मिल सके।
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उन्होंने सभी गोशालाओं में भूसा एवं हरे चारे का भी इंतजाम परखा। उन्होंने कहा गोशाला में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय होगी। सीवीओ निर्मल कुमार ने बताया की कुछ लोगों के द्वारा शासन से शिकायत की गई थी कि गोशालाओं के गोवंश छुट्टा कर दिए गए हैं। उन्हीं के लिए आज गोशालाओं का निरीक्षण किया गया है। इस मौके पर डॉ. अखिलेश सचान, फार्मासिस्ट महेंद्र पाल, नवीन, वीरेंद्र सिंह पाल आदि मौजूद रहे।
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कानपुर मंडल के अपर निदेशक डॉ. अवनीश कुमार भट्ट एवं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ निर्मल कुमार ने कालपी बरखेड़ा तथा कान्हा गोशाला कदौरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रजिस्टर में पंजीकृत गोवंशों की संख्या की भी जांच की। जिसमें कालपी गोशाला में 193, बरखेड़ा में 92 एवं कान्हा गोशाला में 281 गोवंश दर्ज थे। गिनती कराने में पूर्ण मिले।
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अपर निदेशक ने गोशालाओं के जिम्मेदारों को निर्देश देते हुए कहा इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। गोवंशों के छाया के लिए जो टिन शेड डाला गया है। उस पर जूट के बोरे डालकर तीन बार पानी का छिड़काव किया जाए ताकि टिनशेड का तापमान अधिक न हो। गोवंशों को आराम मिल सके। गर्मी के चलते चरही में दो बार पानी को बदला जाए ताकि ताजा पानी मिल सके।
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उन्होंने सभी गोशालाओं में भूसा एवं हरे चारे का भी इंतजाम परखा। उन्होंने कहा गोशाला में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय होगी। सीवीओ निर्मल कुमार ने बताया की कुछ लोगों के द्वारा शासन से शिकायत की गई थी कि गोशालाओं के गोवंश छुट्टा कर दिए गए हैं। उन्हीं के लिए आज गोशालाओं का निरीक्षण किया गया है। इस मौके पर डॉ. अखिलेश सचान, फार्मासिस्ट महेंद्र पाल, नवीन, वीरेंद्र सिंह पाल आदि मौजूद रहे।