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गो-संरक्षण में जन सहभागिता की भी जरुरत: महंत सीताराम
Tue, 06 May 2025 12:16 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Tue, 06 May 2025 12:16 AM IST
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कोंच। निर्मोही अखाड़ा गोवर्धन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राम जन्मभूमि अयोध्या के प्रमुख पक्षकार बुंदेलखंड पीठाधीश्वर महंत सीताराम दास महाराज ने गोवंश की दुर्दशा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, सरकारी स्तर पर गायों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन इस काम में जन सहभागिता की भी जरूरत है।
यह बात उन्होंने सुभाष नगर स्थित ब्रजनंदन तिवारी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कही। ग्राम पांड़ौरी में श्रीमद्भागवत कथा कहने आए महंत सीताराम दास महाराज का ब्रजनंदन तिवारी के आवास पर पहुंचने पर उनके परिजनों और आसपास के लोगों ने फूल माला पहना कर स्वागत किया। पूर्व सभासद राघवेंद्र तिवारी ने उनकी आरती उतार कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
उन्होंने अयोध्या में राममंदिर निर्माण को स्वागत योग्य बताते हुए मंदिर आंदोलन से जुड़े तमाम संस्मरण सुनाए और उसमें निर्मोही अखाड़े की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा, राम केवल अयोध्या के राजा नहीं हैं बल्कि राम तो भारत देश की आत्मा हैं। कलियुग में गाय की सेवा का बड़ा महत्व है, इसमें न केवल देवताओं का वास होता है अपितु वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी गाय स्वास्थ्य संवर्धन में अपनी महती भूमिका निभाती है। इस दौरान कृष्णकांत तिवारी, रामप्रकाश यादव, गांधी स्वर्णकार, अंजनी श्रीवास्तव, विवेक दुबे आदि रहे।
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यह बात उन्होंने सुभाष नगर स्थित ब्रजनंदन तिवारी के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कही। ग्राम पांड़ौरी में श्रीमद्भागवत कथा कहने आए महंत सीताराम दास महाराज का ब्रजनंदन तिवारी के आवास पर पहुंचने पर उनके परिजनों और आसपास के लोगों ने फूल माला पहना कर स्वागत किया। पूर्व सभासद राघवेंद्र तिवारी ने उनकी आरती उतार कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
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उन्होंने अयोध्या में राममंदिर निर्माण को स्वागत योग्य बताते हुए मंदिर आंदोलन से जुड़े तमाम संस्मरण सुनाए और उसमें निर्मोही अखाड़े की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने कहा, राम केवल अयोध्या के राजा नहीं हैं बल्कि राम तो भारत देश की आत्मा हैं। कलियुग में गाय की सेवा का बड़ा महत्व है, इसमें न केवल देवताओं का वास होता है अपितु वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी गाय स्वास्थ्य संवर्धन में अपनी महती भूमिका निभाती है। इस दौरान कृष्णकांत तिवारी, रामप्रकाश यादव, गांधी स्वर्णकार, अंजनी श्रीवास्तव, विवेक दुबे आदि रहे।
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