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धरना प्रदर्शन में भजन-कीर्तन
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:11 PM IST
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प्रदर्शन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
- फोटो : अमर उजाला
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान भजन कीर्तन गाए। अधिकारियों पर गुस्सा जताया और कहा कि अब मांगे जब तक पूरी नहीं होती है धरना से खत्म करने का सवाल ही नहीं है। प्रभारी डीपीओ ने कार्यकत्रियों से वार्ता भी की। कलक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को प्रदेश संगठन मंत्री अनीसा खातून के नेतृत्व में महिलाओं ने जोरदार
प्रदर्शन किया। इस दौरान जहां पर एक ओर गुस्से का इजहार किया गया वहीं महालक्ष्मी व्रत रखे महिलाओं ने भजन कीर्तन कर सरकार को सद्बुद्धि आने का आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि मानदेय के नाम पर तीन हजार व सहायिका को 1500 रुपये दिया जाता है। इसमें चुनावी कार्यक्रम से लेकर अन्य कार्यक्रम भी कराए जाते हैं। इस महंगाई में इतना कम
पारिश्रमिक तो मजदूर को भी नहीं मिल रहा है। जिलाध्यक्ष सुधा गुप्ता ने कहा कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानती है तब तक काम पर लौटने का कोई मतलब नहीं है। सरकार को चाहिए कि जल्द ही न्यूनतम मानदेय का निर्धारण 18 हजार रुपये कर दे। कार्यकत्री व सहायिका को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। वंदना ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों
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का अब शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यकत्रियों ने डीएम दफ्तर के सामने ही जमकर नारेबाजी की। धरना के दौरान प्रभारी डीपीओ कमलेश कुमार मौर्या ने वार्ता की और कहा
कि मांगो के अलावा अन्य शिकायत कार्यालय में करें। इस दौरान राजेश कुमारी, कैलाशी, गीता, नीलम, ऊषा, रत्नावती, आरती, ममता, रामजानकी, नीलम गुप्ता, किरन वर्मा, सुशीला तिवारी, रेशमा, प्रेम लता, मांडवी, नीलमा आदि मौजूद रही।
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प्रदर्शन किया। इस दौरान जहां पर एक ओर गुस्से का इजहार किया गया वहीं महालक्ष्मी व्रत रखे महिलाओं ने भजन कीर्तन कर सरकार को सद्बुद्धि आने का आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि मानदेय के नाम पर तीन हजार व सहायिका को 1500 रुपये दिया जाता है। इसमें चुनावी कार्यक्रम से लेकर अन्य कार्यक्रम भी कराए जाते हैं। इस महंगाई में इतना कम
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पारिश्रमिक तो मजदूर को भी नहीं मिल रहा है। जिलाध्यक्ष सुधा गुप्ता ने कहा कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानती है तब तक काम पर लौटने का कोई मतलब नहीं है। सरकार को चाहिए कि जल्द ही न्यूनतम मानदेय का निर्धारण 18 हजार रुपये कर दे। कार्यकत्री व सहायिका को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। वंदना ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों
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का अब शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यकत्रियों ने डीएम दफ्तर के सामने ही जमकर नारेबाजी की। धरना के दौरान प्रभारी डीपीओ कमलेश कुमार मौर्या ने वार्ता की और कहा
कि मांगो के अलावा अन्य शिकायत कार्यालय में करें। इस दौरान राजेश कुमारी, कैलाशी, गीता, नीलम, ऊषा, रत्नावती, आरती, ममता, रामजानकी, नीलम गुप्ता, किरन वर्मा, सुशीला तिवारी, रेशमा, प्रेम लता, मांडवी, नीलमा आदि मौजूद रही।