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जालौन: चर्च में हुई प्रार्थना, सेंटा ने बांटे उपहार
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क्रिसमस ट्री के साथ गिरजाघर में मौजूद लोग।
- फोटो : ORAI
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उरई। कोरोना काल के बाद भी क्रिसमस के उल्लास में कोई कमी नजर नहीं आई। शुक्रवार को क्रिसमस पर लोगों ने कोविड19 के नियमों का पालन करते हुए पर्व की खुशियां मनाई। सुबह गिरजाघरों में प्रार्थना सभा की गई। सेंटा के वेशभूषा में सजे लोगों ने बच्चों के बीच उपहार वितरित किए। घरों में भी पूरे दिन दावतों का सिलसिला चलता रहा। लोगों ने केक काटकर प्रभु यीशु का जन्मदिन मनाया।
गुरुवार की देर रात प्रभु यीशु के जन्म के पश्चात शुक्रवार की सुबह से ही लोगों में पर्व का उत्साह दिखाई दिया। सबसे अधिक उत्साही बच्चे नजर आए। रंग बिरंगे परिधानों में मास्क के साथ सजे बच्चे अपने अभिभावकों के संग गिरजाघरों में पहुंचे। वहां घूम रहे सेंटा ने उन्हें अपनी थैलियों से निकालकर टॉफी, चाकलेट उपहार स्वरूप दिए। इसके बाद ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लिया। मिशन स्कूल के गिरजाघर में लोगों को प्रभू के आपस में प्रेम रखने के संदेश का वर्णन किया गया।
पादरी नसीम डेविड ने बताया कि प्रभु का जन्म ही दुनिया को प्रेम का संदेश देने के लिए हुआ था। इसी तरह मिजपा स्कूल के गिरजाघर को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। यहां पर भी प्रार्थना सभा में यीशु के गीत गाए गए। डिवाइन मर्सी स्कूल में चरनी की झांकी देखने के लिए भीड़ उमड़ी। गिरजाघर में प्रभु की तस्वीर को सजाया गया। यहां हाल में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। पादरी कपिल ने सभी प्रभु के संदेश पढ़कर सुनाए।
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जिला परिषद स्थित वीसीएच मिशन के गिरजाघर में भी सेंटा के साथ क्रिसमस ट्री बच्चों और बड़ों सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चे भी सेंटा के संग जिंगल बेल की धुन पर झूमते गाते दिखाई दिए। घरों में भी सुबह से ही समाज के लोग एक दूसरे घरों में दावत के लिए पहुंचे। केक काटकर प्रभु का जन्मदिन मनाया गया। पर्व के मौके पर राठ रोड स्थित विनायक एकाडमी में सेंटा ने बच्चों को गिफ्ट देकर उनके चेहरों पर मुस्कुराहट बिखेरी।
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गुरुवार की देर रात प्रभु यीशु के जन्म के पश्चात शुक्रवार की सुबह से ही लोगों में पर्व का उत्साह दिखाई दिया। सबसे अधिक उत्साही बच्चे नजर आए। रंग बिरंगे परिधानों में मास्क के साथ सजे बच्चे अपने अभिभावकों के संग गिरजाघरों में पहुंचे। वहां घूम रहे सेंटा ने उन्हें अपनी थैलियों से निकालकर टॉफी, चाकलेट उपहार स्वरूप दिए। इसके बाद ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लिया। मिशन स्कूल के गिरजाघर में लोगों को प्रभू के आपस में प्रेम रखने के संदेश का वर्णन किया गया।
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पादरी नसीम डेविड ने बताया कि प्रभु का जन्म ही दुनिया को प्रेम का संदेश देने के लिए हुआ था। इसी तरह मिजपा स्कूल के गिरजाघर को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। यहां पर भी प्रार्थना सभा में यीशु के गीत गाए गए। डिवाइन मर्सी स्कूल में चरनी की झांकी देखने के लिए भीड़ उमड़ी। गिरजाघर में प्रभु की तस्वीर को सजाया गया। यहां हाल में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। पादरी कपिल ने सभी प्रभु के संदेश पढ़कर सुनाए।
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जिला परिषद स्थित वीसीएच मिशन के गिरजाघर में भी सेंटा के साथ क्रिसमस ट्री बच्चों और बड़ों सभी के आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चे भी सेंटा के संग जिंगल बेल की धुन पर झूमते गाते दिखाई दिए। घरों में भी सुबह से ही समाज के लोग एक दूसरे घरों में दावत के लिए पहुंचे। केक काटकर प्रभु का जन्मदिन मनाया गया। पर्व के मौके पर राठ रोड स्थित विनायक एकाडमी में सेंटा ने बच्चों को गिफ्ट देकर उनके चेहरों पर मुस्कुराहट बिखेरी।