{"_id":"6920c55f98e4dbe5d9027880","slug":"potholes-on-nh-27-raise-issue-electricity-corporation-asked-for-response-orai-news-c-224-1-ori1005-137205-2025-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: एनएच-27 पर गड्ढों का मुद्दा गरमाया, बिजली निगम से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: एनएच-27 पर गड्ढों का मुद्दा गरमाया, बिजली निगम से मांगा जवाब
विज्ञापन
फोटो - 27 दिशा की बैठक में मौजूद सासंद, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदर विधायक व अन्य अधिकारी। संवाद
उरई। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक शुक्रवार को सांसद नारायणदास अहिरवार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। इस दौरान एनएच-27 पर गड्ढों का मुद्दा गरमा गया। भुआ गांव के पास अंडरग्राउंड केबल डालने में देरी पर बिजली निगम से जवाब मांगा।
सांसद ने पूर्व बैठक की कार्यवाही और अनुपालन रिपोर्ट पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने मनरेगा, पीएम आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की और कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।
सांसद ने निर्देश दिया कि जिलास्तरीय निरीक्षण टीमें गठित कर प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की अद्यतन जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी योजना में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बैठक में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा और कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने नेशनल हाईवे–27 पर बने गड्ढों की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क गड्ढामुक्त नहीं है। इससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। संबंधित अधिकारी ने बताया कि सड़क मरम्मत का टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही कार्य शुरू होगा। इस पर डीएम ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, नहीं तो कार्रवाई तय है।
डीएम ने अधीक्षण अभियंता विद्युत और अधिशासी अभियंता प्रथम से पूछा कि भुआ गांव के पास अंडरग्राउंड केबल डालने में देरी क्यों हो रही है। जवाब में अधिशासी अभियंता ने क्षेत्र में पानी भरा होने की बात कही। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और सीडीओ को निर्देश दिया कि दोनों अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण लिया जाए कि अब तक कार्य क्यों नहीं हुआ।
नमामि गंगे की सूची न देने पर फटकार
नमामि गंगे परियोजना से संबंधित कार्यों की सूची बैठक में प्रस्तुत न करने पर सांसद और डीएम दोनों ने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाई और उन्हें बैठक से बाहर जाने को कहा।
मिड-डे मील पर भी सख्ती
बीएसए से पूछा गया कि पिछले निर्देशों के अनुसार सांसद और विधायकों को मिड-डे मील टेस्ट कराने की प्रक्रिया क्यों पूरी नहीं की गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और तत्काल पालन कराने के निर्देश दिए। नगर पालिका ईओ को निर्देश दिया गया कि शहर में किसी भी स्थान पर कूड़े के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए, यदि पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कृषि विभाग को फसल बीमा और बारिश से हुए नुकसान के संबंध में कृषि विभाग से सर्वे कराकर किसानों को जल्द लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, जल शक्ति मंत्री प्रतिनिधि अरविंद चौहान, एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ केके सिंह, सीएमओ डॉ. डीके भिटौरिया, डीएफओ प्रदीप यादव, पीडी अखिलेश तिवारी, डीडीओ निशांत पांडेय, रेलवे से एसीएम अनिल श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सांसद ने पूर्व बैठक की कार्यवाही और अनुपालन रिपोर्ट पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य तय समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरे किए जाएं। उन्होंने मनरेगा, पीएम आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की और कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा।
विज्ञापन
सांसद ने निर्देश दिया कि जिलास्तरीय निरीक्षण टीमें गठित कर प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की अद्यतन जानकारी लगातार उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी योजना में लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बैठक में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा और कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने नेशनल हाईवे–27 पर बने गड्ढों की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क गड्ढामुक्त नहीं है। इससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। संबंधित अधिकारी ने बताया कि सड़क मरम्मत का टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही कार्य शुरू होगा। इस पर डीएम ने सख्त लहजे में निर्देश दिया कि काम में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, नहीं तो कार्रवाई तय है।
डीएम ने अधीक्षण अभियंता विद्युत और अधिशासी अभियंता प्रथम से पूछा कि भुआ गांव के पास अंडरग्राउंड केबल डालने में देरी क्यों हो रही है। जवाब में अधिशासी अभियंता ने क्षेत्र में पानी भरा होने की बात कही। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और सीडीओ को निर्देश दिया कि दोनों अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण लिया जाए कि अब तक कार्य क्यों नहीं हुआ।
नमामि गंगे की सूची न देने पर फटकार
नमामि गंगे परियोजना से संबंधित कार्यों की सूची बैठक में प्रस्तुत न करने पर सांसद और डीएम दोनों ने संबंधित अधिकारी को फटकार लगाई और उन्हें बैठक से बाहर जाने को कहा।
मिड-डे मील पर भी सख्ती
बीएसए से पूछा गया कि पिछले निर्देशों के अनुसार सांसद और विधायकों को मिड-डे मील टेस्ट कराने की प्रक्रिया क्यों पूरी नहीं की गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और तत्काल पालन कराने के निर्देश दिए। नगर पालिका ईओ को निर्देश दिया गया कि शहर में किसी भी स्थान पर कूड़े के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए, यदि पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कृषि विभाग को फसल बीमा और बारिश से हुए नुकसान के संबंध में कृषि विभाग से सर्वे कराकर किसानों को जल्द लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी, जल शक्ति मंत्री प्रतिनिधि अरविंद चौहान, एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ केके सिंह, सीएमओ डॉ. डीके भिटौरिया, डीएफओ प्रदीप यादव, पीडी अखिलेश तिवारी, डीडीओ निशांत पांडेय, रेलवे से एसीएम अनिल श्रीवास्तव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।