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किसान बिल के विरोध में जन अधिकारी पार्टी का प्रदर्शन
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उरई। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में हो रहे आंदोलन के समर्थन में सोमवार को सर्वदलीय महिला मोर्चा की महिलाओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। शहर के कोंच बस स्टैंड मजदूर भवन से जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकी।
सर्वदलीय महिला मोर्चा की नेता एवं अखिलेश यादव यूथ बिग्रेड की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष कुसुम सक्सेना के नेतृत्व में सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष मांडवी निरंजन, पूर्व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि चौहान, महिला फेडरेशन की जिलाध्यक्ष गीता चौधरी, अनीता कौशिक आदि ने मजदूर भवन से जुलूस निकाला। यह जुलूस माहिल तालाब, घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौराहा, आंबेडकर चौराहा, जिला पंचायत होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। महिलाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान विरोधी कानूनों की प्रतियां आग के हवाले किया। साथ ही कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई।
इस दौरान कुसुम सक्सेना, मीरा राठौर, सुमन गोस्वामी, शकुंतला तिवारी, पुष्पा चौहान, राधा, केश कुमारी, सुषमा, रानी, राजकुमारी, प्रियंका, मिथलेश, कुसुमा, रूबी सोनी, शोभा, रजनी खरे व प्रवीणा आदि मौजूद रहीं।
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जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. गयाप्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित 14 सूत्री ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस दौरान जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. गयाप्रसाद कुशवाहा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से हर वर्ग परेशान है। पेट्रोलियम पदार्थों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। भाजपा सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग का आरक्षण समाप्त करने की साजिश की जा रही है। प्रदेश में पिछड़ों, दलितों व अल्पसंख्यकों के साथ आए दिन आपराधिक वारदातें हो रही है। इन्हें रोकने के लिए सरकार की ओर से कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्ना मवेशियों से किसानों की फसलों को बचाया जाए। छोटे एवं बड़े किसानों, दुकानदारों, व्यापारियों का कर्ज एवं बिजली का बिल माफ किया जाए। पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न रोका जाए। ज्ञापन देने वालों में ईश्वरी प्रसाद, भानु कुशवाहा, अरविंद कुशवाहा, कृष्णपाल सिंह, राहुल सिंह, रामकुमार, पुष्पेंद्र कुमार, महेंद्र, सोनू राठौर, अमित कुशवाहा, अमन पाल, राजू कुशवाहा व सुंदर सिंह कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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सर्वदलीय महिला मोर्चा की नेता एवं अखिलेश यादव यूथ बिग्रेड की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष कुसुम सक्सेना के नेतृत्व में सपा महिला सभा की जिलाध्यक्ष मांडवी निरंजन, पूर्व महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि चौहान, महिला फेडरेशन की जिलाध्यक्ष गीता चौधरी, अनीता कौशिक आदि ने मजदूर भवन से जुलूस निकाला। यह जुलूस माहिल तालाब, घंटाघर, शहीद भगत सिंह चौराहा, आंबेडकर चौराहा, जिला पंचायत होते हुए कलक्ट्रेट पहुंचा। महिलाओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान विरोधी कानूनों की प्रतियां आग के हवाले किया। साथ ही कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई।
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इस दौरान कुसुम सक्सेना, मीरा राठौर, सुमन गोस्वामी, शकुंतला तिवारी, पुष्पा चौहान, राधा, केश कुमारी, सुषमा, रानी, राजकुमारी, प्रियंका, मिथलेश, कुसुमा, रूबी सोनी, शोभा, रजनी खरे व प्रवीणा आदि मौजूद रहीं।
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जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. गयाप्रसाद कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित 14 सूत्री ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस दौरान जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ. गयाप्रसाद कुशवाहा ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों से हर वर्ग परेशान है। पेट्रोलियम पदार्थों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। भाजपा सरकार द्वारा पिछड़े वर्ग का आरक्षण समाप्त करने की साजिश की जा रही है। प्रदेश में पिछड़ों, दलितों व अल्पसंख्यकों के साथ आए दिन आपराधिक वारदातें हो रही है। इन्हें रोकने के लिए सरकार की ओर से कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि अन्ना मवेशियों से किसानों की फसलों को बचाया जाए। छोटे एवं बड़े किसानों, दुकानदारों, व्यापारियों का कर्ज एवं बिजली का बिल माफ किया जाए। पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न रोका जाए। ज्ञापन देने वालों में ईश्वरी प्रसाद, भानु कुशवाहा, अरविंद कुशवाहा, कृष्णपाल सिंह, राहुल सिंह, रामकुमार, पुष्पेंद्र कुमार, महेंद्र, सोनू राठौर, अमित कुशवाहा, अमन पाल, राजू कुशवाहा व सुंदर सिंह कुशवाहा आदि मौजूद रहे।