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आतंकी कनेक्शन है कि नहीं पता लगाएगी एटीएस
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उरई, माधौगढ़। माधौगढ़ के गोपालपुरा गांव में पहुज नदी में मिले हैंड ग्रेनेड का कनेक्शन आतंकियों से है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए जल्द ही जिले में एटीएस की टीम भी पहुंचेगी। एएसपी राकेश सिंह का कहना है कि किसी भी तरह की चूक नहीं की जाएगी। हर बिंदु की जांच पड़ताल गंभीरता से की जाएगी।
बता दें कि गुरुवार की शाम मानसिक रूप से बीमार युवक जब नदी से सिक्के निकालने कूदा था तो उसके हाथ हैंड ग्रेनेड लग गया था। इसके बाद से ही समूचे माधौगढ़ इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। इधर, लखनऊ और कानपुर में अलकायदा के आतंकियों की हो रही धरपकड़ के बीच हैंड ग्रेनेड का मिलना अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गया है। लिहाजा बम निरोधक दस्ते के साथ साथ एटीएस को भी पत्र लिखकर बुलाने का निर्णय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एटीएस ही बता पाएगी कि ग्रेनेड का वास्तविक कनेक्शन कहां से जुड़ा हो सकता है।
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साल भर पहले भी हुआ था धमाका
माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के बंगरा के निकट करीब एक साल पूर्व एक प्राइवेट बस में भी बम का धमाका हुआ था। जिसमें तीन चार यात्री मामूली रूप से घायल हुए थे। बम एक झोले में रखे हुए थे, झोला किसका था, इसका खुलासा आज तक नहीं हो सका है।
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पटरियों पर भी रखी मिली थी बोरियां
करीब दो साल पूर्व उरई के निकट सरसौखी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर सीमेंट की बोरियां रखी पाई गई थी। उस वक्त भी आतंकी कनेक्शन की काफी चर्चा हुई थी लेकिन अधिकारियों की जांच पड़ताल के बाद ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया था।
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बता दें कि गुरुवार की शाम मानसिक रूप से बीमार युवक जब नदी से सिक्के निकालने कूदा था तो उसके हाथ हैंड ग्रेनेड लग गया था। इसके बाद से ही समूचे माधौगढ़ इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। इधर, लखनऊ और कानपुर में अलकायदा के आतंकियों की हो रही धरपकड़ के बीच हैंड ग्रेनेड का मिलना अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गया है। लिहाजा बम निरोधक दस्ते के साथ साथ एटीएस को भी पत्र लिखकर बुलाने का निर्णय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एटीएस ही बता पाएगी कि ग्रेनेड का वास्तविक कनेक्शन कहां से जुड़ा हो सकता है।
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साल भर पहले भी हुआ था धमाका
माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के बंगरा के निकट करीब एक साल पूर्व एक प्राइवेट बस में भी बम का धमाका हुआ था। जिसमें तीन चार यात्री मामूली रूप से घायल हुए थे। बम एक झोले में रखे हुए थे, झोला किसका था, इसका खुलासा आज तक नहीं हो सका है।
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पटरियों पर भी रखी मिली थी बोरियां
करीब दो साल पूर्व उरई के निकट सरसौखी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर सीमेंट की बोरियां रखी पाई गई थी। उस वक्त भी आतंकी कनेक्शन की काफी चर्चा हुई थी लेकिन अधिकारियों की जांच पड़ताल के बाद ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया था।