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अब पुलिस बिना भटके पहुंचेगी मौके पर
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:33 PM IST
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shimla police
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घटनास्थल पर पहुंचने के लिए अब पुलिस को भटकना नहीं पड़ेगा। इसके लिए जालौन पुलिस खुद का मैप तैयार करवा रही है। मैप तैयार करने के लिए एप की मदद ली जा रही है। इसके लिए क्षेत्रवार प्रतिष्ठानाें, बैंक, स्कूल, मंदिर, मस्जिद आदि की फोटो खींचकर मैप तैयार किया जा रहा है। जालौन पुलिस ने अब तक जिले में ऐसे 1800 स्थान चिह्नित किए हैं जिन्हें
लैंडमार्क पर दर्शाया जाएगा। इसे नक्शे पर अपलोड कर सूचना आने पर पुलिस आसानी से वारदात स्थल तक पहुंच जाएगी। सरकार द्वारा माडर्न कंट्रोल सेवा शुरू होने के बाद भी पुलिस
कई मौकों पर समय से नहीं पहुंच पाती थी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने इस योजना को लागू किया है। इससे पुलिस को एक क्लिक में वारदात स्थल का लोकेशन मिल जाएगा। पीड़ित के बताए स्थान को पुलिस जीपीएस पर सर्च कर गूगल मैप से मौका ए वारदात पर जल्द पहुंचेगी। इस कारण पुलिस की समाज में भी बेहतर छवि होगी।
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रिस्पंास टाइम भी आधा होगा
वारदात होने के बाद भले ही पुलिस उस क्षेत्र में पहुंच जाए लेकिन कई बार उसे भटकना भी पड़ता है। कोतवाली व थानाें से वारदात स्थल पर पहुंचने में पुलिस को अधिकतम आधा घंटा लगता है लेकिन यह सेवा शुरू होने से पुलिस को मौके पर पहुंचने में समय कम लगेगा।
पुलिस कर्मियाें को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वह स्वयं व जानकार इंजीनियर पुलिस कर्मियाें को प्रशिक्षण दे रहे हैं। जल्द ही इस सेवा का लाभ पुलिस को मिलेगा। इससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगा। वह स्थान भी खोले गए हैं जहां पर ज्यादा वारदातें होती है।
जल्द शुरू हो जाएगी सेवा-एसपी
एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह सेवा शुरू करने में कुछ ही देरी है। पुलिस ने अब तक 1800 स्थान चिह्नित कर लिए हैं। इनमें मंदिर , मस्जिद, मेडीकल स्टोर से लेकर एटीएम तक की जानकारी है। मात्र एक क्लिक में पूरा खाका सामने आ जाएगा। जिले में जल्द ही यह सेवा शुरू होने वाली है।
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लैंडमार्क पर दर्शाया जाएगा। इसे नक्शे पर अपलोड कर सूचना आने पर पुलिस आसानी से वारदात स्थल तक पहुंच जाएगी। सरकार द्वारा माडर्न कंट्रोल सेवा शुरू होने के बाद भी पुलिस
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कई मौकों पर समय से नहीं पहुंच पाती थी। इसके लिए प्रदेश सरकार ने इस योजना को लागू किया है। इससे पुलिस को एक क्लिक में वारदात स्थल का लोकेशन मिल जाएगा। पीड़ित के बताए स्थान को पुलिस जीपीएस पर सर्च कर गूगल मैप से मौका ए वारदात पर जल्द पहुंचेगी। इस कारण पुलिस की समाज में भी बेहतर छवि होगी।
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रिस्पंास टाइम भी आधा होगा
वारदात होने के बाद भले ही पुलिस उस क्षेत्र में पहुंच जाए लेकिन कई बार उसे भटकना भी पड़ता है। कोतवाली व थानाें से वारदात स्थल पर पहुंचने में पुलिस को अधिकतम आधा घंटा लगता है लेकिन यह सेवा शुरू होने से पुलिस को मौके पर पहुंचने में समय कम लगेगा।
पुलिस कर्मियाें को दिया जा रहा है प्रशिक्षण
एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वह स्वयं व जानकार इंजीनियर पुलिस कर्मियाें को प्रशिक्षण दे रहे हैं। जल्द ही इस सेवा का लाभ पुलिस को मिलेगा। इससे अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगा। वह स्थान भी खोले गए हैं जहां पर ज्यादा वारदातें होती है।
जल्द शुरू हो जाएगी सेवा-एसपी
एसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह सेवा शुरू करने में कुछ ही देरी है। पुलिस ने अब तक 1800 स्थान चिह्नित कर लिए हैं। इनमें मंदिर , मस्जिद, मेडीकल स्टोर से लेकर एटीएम तक की जानकारी है। मात्र एक क्लिक में पूरा खाका सामने आ जाएगा। जिले में जल्द ही यह सेवा शुरू होने वाली है।