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बच्चों व महिलाओं को घी, दूध देना भूले अफसर

Tue, 21 Dec 2021 12:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 21 Dec 2021 12:06 AM IST
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Playing with the health of children and pregnant
कदौरा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों और गर्भवती की सेहत सुधारने के लिए पोषाहार के साथ घी, दूध देने की योजना सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गई है। साल 2020 के अक्तूबर माह में योजना शुरू होने के बाद एक माह ही वितरण हो सका।
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लगभग 14 माह से बच्चों को घी और दूध नहीं दिया जा रहा है। केवल चने की दाल, दलिया, चावल और रिफाइंड तेल देकर ही काम चलाया जा रहा है। कस्बे के आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह माह से तीन वर्ष तक के 6404, तीन से छह वर्ष तक के 5338 बच्चे और 2908 गर्भवती पंजीकृत हैं। शासन ने इनकी सेहत सुधारने के लिए पिछले साल सभी को घी और दूध पाउडर देने का निर्णय लिया था। उसी समय केंद्रों पर एक माह के लिए दूध का स्टाक भी आया था।
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साल पौष्टिक आहार
6 माह से तीन साल 500 ग्राम घी, आधा किलो दूध पाउडर
3 से छह साल और गर्भवती एक किलो घी और आधा किलो दूध का पाउडर
कोट
प्रभारी सीडीपीओ सावित्री देवी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर घी और दूध क्यों नहीं बांटा जा रहा है, इसके बारे में जानकारी करेंगी। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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