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फार्मासिस्टों ने वापस लिए रजिस्ट्रेशन
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sun, 06 Dec 2015 11:08 PM IST
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अब जिले में कोई भी मेडिकल स्टोर किराए के फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन पत्र
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नहीं चल सकेगा। फार्मासिस्ट फाउंडेशन की पहल पर जिले के 11 मेडिकल स्टोरों
से फार्मासिस्टों ने अपने प्रमाणपत्र वापस ले लिए हैं। ये जानकारी
ठडे़श्वरी मंदिर स्थित हरदौल चबूतरा में आयोजित फाउंडेशन की बैठक में दी
गई।
जिला संयोजक सुरेंद्र विक्रम वेद ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अब किराएदारी नहीं चलेगी। हम फार्मासिस्ट स्वयं दुकान खोलकर मालिक की हैसियत से काम करेंगे। अपना रजिस्ट्रेशन किराए पर नहीं देंगे। इसके अलावा लगभग एक दर्जन मेडिकल स्टोरों से फार्मासिस्टों ने अपने रजिस्ट्रेशन हटा लिए है। इसकी जानकारी दुकान मालिकों व ड्रग इंस्पेक्टर को
लिखित रूप दे दी गई है। कुछ फार्मासिस्टों ने जिनके दूसरे मेडिकल स्टोरों पर रजिस्ट्रेशन लगे हैं, ने रजिस्टेशन वापसी के लिए फार्म भी भरा। बैठक में उन सभी फार्मासिस्टों को सचेत किया गया है जो प्राइवेट फार्मा कंपनियों में जॉब कर रहे हैं, साथ ही अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मेडिकल स्टोरों पर किराए पर लगाए हुए हैं। इस मौके पर उदय प्रताप सिंह, दीपक गुप्ता, विजय प्रजापति, रामवीर सिंह।
इन मेडिकल स्टोर्स से वापस लिया सर्टिफिकेट
एकता मेडिकल स्टोर, कुठौंद से फार्मासिस्ट अजय अवस्थी, हनी मेडिकल स्टोर बाबई से कमलेश कुमार, विश्वकर्मा मेडिकल स्टोर कोंच बस स्टैंड से दुर्गेश नारायण शुक्ला, पाल ड्रग स्टोर न्यामतपुर से रामनारायण कौशल, अलका मेडिकल स्टोर एट से प्रवीण कुमार, ब्रदर्स मेडिकल स्टोर एट से अरविंद सिंह, मनोज एंड संस मेडिकल स्टोर एट से श्रीकांत शरण श्रीवास्तव,
मोहम्मदिया मेडिकल कालपी से ब्रजेश कुमार, नीखरा मेडिकल कालेज घंटाघर उरई से विजय सिंह, बाला जी मेडिकल स्टेर न्यामतपुर से आलोक सिंह, राजेेंद्र मेडिकल स्टोर कोंच से दिलीप सिंह, परमहंस मेडिकल स्टोर कोंच से रामपाल सिंह, निरंजन मेडिकल स्टोर कोंच से रामवीर सिंह आदि फार्मासिस्टों ने अपने रजिस्ट्रेशन वापस ले लिए है।
वर्जन
फार्मासिस्टों ने जिन मेडिकल स्टोरों से अपने रजिस्ट्रेशन वापस लिए हैं, उनकी जानकारी है। उन्हें नोटिस भी जारी कर दिया गया है। जब तक वह दूसरे फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं लाते हैं, तब तक वह न तो दवाइयों को खरीद सकेंगे और न ही बेच सकेंगे। यदि वह अपना मेडिकल स्टोर खोलते हैं तो उन पर बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने की कार्रवाई की जाएगी।
उमेश भारती, ड्रग इंस्पेक्टर
जिला संयोजक सुरेंद्र विक्रम वेद ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अब किराएदारी नहीं चलेगी। हम फार्मासिस्ट स्वयं दुकान खोलकर मालिक की हैसियत से काम करेंगे। अपना रजिस्ट्रेशन किराए पर नहीं देंगे। इसके अलावा लगभग एक दर्जन मेडिकल स्टोरों से फार्मासिस्टों ने अपने रजिस्ट्रेशन हटा लिए है। इसकी जानकारी दुकान मालिकों व ड्रग इंस्पेक्टर को
लिखित रूप दे दी गई है। कुछ फार्मासिस्टों ने जिनके दूसरे मेडिकल स्टोरों पर रजिस्ट्रेशन लगे हैं, ने रजिस्टेशन वापसी के लिए फार्म भी भरा। बैठक में उन सभी फार्मासिस्टों को सचेत किया गया है जो प्राइवेट फार्मा कंपनियों में जॉब कर रहे हैं, साथ ही अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मेडिकल स्टोरों पर किराए पर लगाए हुए हैं। इस मौके पर उदय प्रताप सिंह, दीपक गुप्ता, विजय प्रजापति, रामवीर सिंह।
इन मेडिकल स्टोर्स से वापस लिया सर्टिफिकेट
एकता मेडिकल स्टोर, कुठौंद से फार्मासिस्ट अजय अवस्थी, हनी मेडिकल स्टोर बाबई से कमलेश कुमार, विश्वकर्मा मेडिकल स्टोर कोंच बस स्टैंड से दुर्गेश नारायण शुक्ला, पाल ड्रग स्टोर न्यामतपुर से रामनारायण कौशल, अलका मेडिकल स्टोर एट से प्रवीण कुमार, ब्रदर्स मेडिकल स्टोर एट से अरविंद सिंह, मनोज एंड संस मेडिकल स्टोर एट से श्रीकांत शरण श्रीवास्तव,
मोहम्मदिया मेडिकल कालपी से ब्रजेश कुमार, नीखरा मेडिकल कालेज घंटाघर उरई से विजय सिंह, बाला जी मेडिकल स्टेर न्यामतपुर से आलोक सिंह, राजेेंद्र मेडिकल स्टोर कोंच से दिलीप सिंह, परमहंस मेडिकल स्टोर कोंच से रामपाल सिंह, निरंजन मेडिकल स्टोर कोंच से रामवीर सिंह आदि फार्मासिस्टों ने अपने रजिस्ट्रेशन वापस ले लिए है।
वर्जन
फार्मासिस्टों ने जिन मेडिकल स्टोरों से अपने रजिस्ट्रेशन वापस लिए हैं, उनकी जानकारी है। उन्हें नोटिस भी जारी कर दिया गया है। जब तक वह दूसरे फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन नहीं लाते हैं, तब तक वह न तो दवाइयों को खरीद सकेंगे और न ही बेच सकेंगे। यदि वह अपना मेडिकल स्टोर खोलते हैं तो उन पर बिना लाइसेंस मेडिकल स्टोर चलाने की कार्रवाई की जाएगी।
उमेश भारती, ड्रग इंस्पेक्टर