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लंबे समय तक इलाज कराने वाले गंभीर मरीजों को मिलेगी सहूलियत
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-राजकीय मेडिकल कालेज की बिल्डिंग।
- फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (सीसीएच) ब्लाक खोलने की मंजूरी दे दी है। यह उन रोगियों के लिए बहुत लाभकारी होगा, जिन्हें गंभीर बीमारी के चलते लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है और वह इलाज का खर्च नहीं उठा पाते हैं।
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों अपने बजट में प्रदेश के 45 जनपदों के मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लाक खोलने की घोषणा की है। इसमें बुंदेलखंड का राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के अलावा बांदा और झांसी के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.द्विजेंद्र नाथ बताते हैं कि यह क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल आईसीयू और ट्रामा के बीच की कड़ी का काम करेगा। इस क्रिटिकल केयर में ऐसे मरीजों को रखा जाएगा।
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जो किसी दुर्घटना के शिकार हो गए है और उन्हें लंबे समय तक उन्हें इलाज और वेंटीलेटर की जरूरत है, या फिर वे कोमा में है। इसके अलावा किसी गंभीर असाध्य बीमारी के मरीज, जिन्हें चौबीस घंटे निगरानी की जरूरत होती है, इन्हें भी भर्ती किया जाएगा।
शासन की पहल पर क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल की तैयारियां शुरू हो गई है। इसमें जो भी मशीनें आएगी, उनमें अधिकांश विदेशी होगी। इसमें आईसीयू से बेहतर सुविधाएं उच्च स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
आईसीयू में लगे है जर्मनी के वेंटीलेटर
मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में नौ वेंटीलेटर लगे है, जो जर्मनी से मंगाए आए हैं। प्राचार्य के मुताबिक, वेंटीलेटर अत्याधुनिक सुविधाएं से लैस है। इनकी कीमत करोड़ों रुपये में है। यहां भर्ती मरीजों को लाभ मिल रहा है।
लगभग दस करोड़ की लागत से बनेगा
क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (सीसीएच) का निर्माण के लिए नया ब्लाक बनेगा। इसके लिए किसी बिल्डिंग को अपग्रेड कर अत्याधुनिक मशीनें नहीं लगाई जाएंगी। हालांकि अभी लागत तय नहीं है लेकिन इसमें कम से कम दस करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
जिले में ही गंभीर मरीजों को मिलेगा लाभ
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.द्विजेंद्र नाथ का कहना है कि बजट में सीएम ने जिले को सौगात दी है। इससे स्थानीय मरीजों को बहुत लाभ मिलेगा। उन्हें जनपद में ही बेहतर सेवाएं मिल सकेगी। गाइडलाइन और बजट आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
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प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों अपने बजट में प्रदेश के 45 जनपदों के मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लाक खोलने की घोषणा की है। इसमें बुंदेलखंड का राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई के अलावा बांदा और झांसी के मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.द्विजेंद्र नाथ बताते हैं कि यह क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल आईसीयू और ट्रामा के बीच की कड़ी का काम करेगा। इस क्रिटिकल केयर में ऐसे मरीजों को रखा जाएगा।
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जो किसी दुर्घटना के शिकार हो गए है और उन्हें लंबे समय तक उन्हें इलाज और वेंटीलेटर की जरूरत है, या फिर वे कोमा में है। इसके अलावा किसी गंभीर असाध्य बीमारी के मरीज, जिन्हें चौबीस घंटे निगरानी की जरूरत होती है, इन्हें भी भर्ती किया जाएगा।
शासन की पहल पर क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल की तैयारियां शुरू हो गई है। इसमें जो भी मशीनें आएगी, उनमें अधिकांश विदेशी होगी। इसमें आईसीयू से बेहतर सुविधाएं उच्च स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
आईसीयू में लगे है जर्मनी के वेंटीलेटर
मेडिकल कॉलेज में आईसीयू में नौ वेंटीलेटर लगे है, जो जर्मनी से मंगाए आए हैं। प्राचार्य के मुताबिक, वेंटीलेटर अत्याधुनिक सुविधाएं से लैस है। इनकी कीमत करोड़ों रुपये में है। यहां भर्ती मरीजों को लाभ मिल रहा है।
लगभग दस करोड़ की लागत से बनेगा
क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल (सीसीएच) का निर्माण के लिए नया ब्लाक बनेगा। इसके लिए किसी बिल्डिंग को अपग्रेड कर अत्याधुनिक मशीनें नहीं लगाई जाएंगी। हालांकि अभी लागत तय नहीं है लेकिन इसमें कम से कम दस करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
जिले में ही गंभीर मरीजों को मिलेगा लाभ
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.द्विजेंद्र नाथ का कहना है कि बजट में सीएम ने जिले को सौगात दी है। इससे स्थानीय मरीजों को बहुत लाभ मिलेगा। उन्हें जनपद में ही बेहतर सेवाएं मिल सकेगी। गाइडलाइन और बजट आते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

-मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ द्विजेंद्र नाथ।- फोटो : ORAI