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घर घर में खुले पार्लर और हेयर सैलून
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भाई के बाल काटती भावना
- फोटो : ORAI
कोंच (जालौन)। लॉकडाउन में लोगों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। कोई सैर सपाटे को तरस रहा है तो कोई अन्य किसी चीज के लिए। इन सबके बीच सबसे अधिक दिक्कत हेयर सैलून और ब्यूटी पार्लर बंद होने से लोगों को हो रही है। सैलून व पार्लर की दुकानें न खुलने से आठ दस दिन तो जैसे तैसे लोगों के कट गए पर इसके बाद जब बात बर्दाश्त के बाहर हुई तो कई ने स्वयं ही कैंची और कंघी उठाकर अपने और बच्चों के बाल काटने शुरू कर दिए तो महिलाएं भी पीछे नहीं रही, उन्होंने तो घर में ही पार्लर खोल लिया। यह बात और है कि घरों में खुले पार्लर व हेयर सैलून को कमाई का जरिया नहीं बल्कि लॉकडाउन के वक्त घर के ही लोगों की हेयर कटिंग और हुलिया सुधारने के इस्तेमाल में लाया जा रहा है। बच्चे भी इसका खूब आनंद उठा रहे हैं।
देवरानी के लिए बनना पड़ा पार्लर संचालिका
जवाहर नगर निवासी बबिता ने बताया कि कस्बे के सभी पार्लर बंद है। ऐसे में हम महिलाओं को फेस मास्क, फेशियल, थ्रेडिंग और रिलैक्सिंग की काफी दिक्कतें हो रही हैं। देवरानी जूली भी पार्लर बंद होने से परेशान थी। फिर हम दोनों ने तय किया कि एक दूसरे का मेकअप करेंगे और फिर क्या था, घर पर ही मेकअप का जो कुछ सामान पड़ा था, उसी से देवरानी की फेशियल और आई ब्रो ठीक करने का काम किया। अच्छा तो यह रहा कि इसकी कोई कीमत भी नहीं चुकानी पड़ी। काम थोड़ा मन का नहीं हो सका, बस।
कटी मूंछ तो फिर पूरी ही साफ करनी पड़ी
इन दिनों एक भी हेयर सैलून की दुकान नहीं खुल रही है। जिससे परेशान किराना व्यापारी रिंकू अग्रवाल ने बताया कि कब तक लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार करते, शक्ल बेशक्ल होती जा रही थी। सो, हिम्मत कर शेविंग क्रीम और ब्रश उठाया और जुट गए। इसी दौरान थोड़ा सा हाथ कहीं हिल गया और मूंछ जरा सी कट गई, जो देखने में काफी अजीब लग रही थी। कोई रास्ता नहीं था, लिहाजा पूरी मूंछ ही साफ करनी पड़ी। यह तो गनीमत रही कि बाल काटने का प्रयास नहीं किया वर्ना न जाने क्या हो जाता।
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भाई के बाल कामचलाऊ काटे
तिलकनगर में रहने वाली बीफार्मा की छात्रा भावना ने बताया कि नौ साल के छोटे भाई शौर्य के बाल इस लॉकडाउन के पंद्रह बीस दिनों में काफी बढ़ गए थे, जिन्हें देखकर पापा मम्मी भी गुस्सा कर रहे थे। काफी समय से वह ही शौर्य की कटिंग कराने सैलून उसके साथ जाती थी। बस वही कटिंग याद की और हाथों में कैंची व कंघी लेकर भाई के बाल काटने शुरू कर दिए, एकदम सही तो नहीं लेकिन काम चलाऊ कटिंग हो ही गई। अब तो बस दुकानें खुलने का इंतजार है, ताकि बालों की सेटिंग करा दी जाए।
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देवरानी के लिए बनना पड़ा पार्लर संचालिका
जवाहर नगर निवासी बबिता ने बताया कि कस्बे के सभी पार्लर बंद है। ऐसे में हम महिलाओं को फेस मास्क, फेशियल, थ्रेडिंग और रिलैक्सिंग की काफी दिक्कतें हो रही हैं। देवरानी जूली भी पार्लर बंद होने से परेशान थी। फिर हम दोनों ने तय किया कि एक दूसरे का मेकअप करेंगे और फिर क्या था, घर पर ही मेकअप का जो कुछ सामान पड़ा था, उसी से देवरानी की फेशियल और आई ब्रो ठीक करने का काम किया। अच्छा तो यह रहा कि इसकी कोई कीमत भी नहीं चुकानी पड़ी। काम थोड़ा मन का नहीं हो सका, बस।
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कटी मूंछ तो फिर पूरी ही साफ करनी पड़ी
इन दिनों एक भी हेयर सैलून की दुकान नहीं खुल रही है। जिससे परेशान किराना व्यापारी रिंकू अग्रवाल ने बताया कि कब तक लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार करते, शक्ल बेशक्ल होती जा रही थी। सो, हिम्मत कर शेविंग क्रीम और ब्रश उठाया और जुट गए। इसी दौरान थोड़ा सा हाथ कहीं हिल गया और मूंछ जरा सी कट गई, जो देखने में काफी अजीब लग रही थी। कोई रास्ता नहीं था, लिहाजा पूरी मूंछ ही साफ करनी पड़ी। यह तो गनीमत रही कि बाल काटने का प्रयास नहीं किया वर्ना न जाने क्या हो जाता।
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भाई के बाल कामचलाऊ काटे
तिलकनगर में रहने वाली बीफार्मा की छात्रा भावना ने बताया कि नौ साल के छोटे भाई शौर्य के बाल इस लॉकडाउन के पंद्रह बीस दिनों में काफी बढ़ गए थे, जिन्हें देखकर पापा मम्मी भी गुस्सा कर रहे थे। काफी समय से वह ही शौर्य की कटिंग कराने सैलून उसके साथ जाती थी। बस वही कटिंग याद की और हाथों में कैंची व कंघी लेकर भाई के बाल काटने शुरू कर दिए, एकदम सही तो नहीं लेकिन काम चलाऊ कटिंग हो ही गई। अब तो बस दुकानें खुलने का इंतजार है, ताकि बालों की सेटिंग करा दी जाए।

शेविंग का किस्सा बताते किराना व्यापारी- फोटो : ORAI

देवरानी जूली का मेकअप करती जेठानी- फोटो : ORAI