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परीक्षा में फेल होने पर युवक ने फांसी लगा जान दी
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मोहित की फाइल फोटो।
- फोटो : ORAI
जालौन। नीट की परीक्षा में असफल होने पर रिटायर्ड लेखपाल के पुत्र ने घर के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत से घर में मातम छा गया।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नारोभास्कर निवासी रिटायर्ड लेखपाल लल्लूराम विश्वकर्मा का 24 वर्षीय पुत्र मोहित दो सालों से कोटा (राजस्थान )में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। नौ नवंबर को उसके बड़े भाई सुमित की शादी होनी थी। इसकी तैयारियों के लिए वह घर आया था। बुधवार सुबह घर में मोहित ने साफ सफाई कराई। दोपहर में घर की पुताई होने लगी। परिजन पुताई में व्यस्त हो गए। मां खाना बनाने के लिए चली गईं। इसी दौरान मोहित कमरे में चला गया। परिजनों ने साफ सफाई के दौरान थकावट होने से आराम की बाबत सोचकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। खाना बनने के बाद पिता उसे बुलाने कमरे में गए। मोहित को कमरे के अंदर पंखे के कुंडे में दरवाजे के पर्दे से फंदे पर लटका देख उनके मुंह से चीख निकल गई। वह फर्श पर गिर गए। चीख सुनकर घर के अन्य सदस्य कमरे में पहुंच गए। परिजन मोहित को फंदे से नीचे उतारकर सीएचसी ले गए। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पिता के मुताबिक मोहित बचपन से मेधावी था। इससे वह उसकी पढ़ाई में कोई कसर नहीं रखना चाहते थे। मोहित डॉक्टर बनना चाहता था। इसके लिए मोहित का पहले कानपुर और बाद में कोटा में कोचिंग में दाखिला करा दिया। नीट के परिणाम के बारे में पिता ने जानकारी होने से इनकार कर दिया। आशंका जताई कि शायद नीट का परीक्षा परिणाम आशा के अनुरूप न आया हो इस वजह से मोहित ने फांसी लगा ली। सूचना पर एसआई देशराज यादव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पिता का बेटे को डॉक्टर बनाने का था सपना
घर में शादी की तैयारियों के दौरान जवान बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। पिता ने रोते हुए कहा कि उनका सपना था कि बेटा मोहित, डॉक्टर बने। इससे वह उसकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं रख रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि उनका सपना कभी पूरा नहीं हो सकेगा।
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जालौन कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नारोभास्कर निवासी रिटायर्ड लेखपाल लल्लूराम विश्वकर्मा का 24 वर्षीय पुत्र मोहित दो सालों से कोटा (राजस्थान )में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। नौ नवंबर को उसके बड़े भाई सुमित की शादी होनी थी। इसकी तैयारियों के लिए वह घर आया था। बुधवार सुबह घर में मोहित ने साफ सफाई कराई। दोपहर में घर की पुताई होने लगी। परिजन पुताई में व्यस्त हो गए। मां खाना बनाने के लिए चली गईं। इसी दौरान मोहित कमरे में चला गया। परिजनों ने साफ सफाई के दौरान थकावट होने से आराम की बाबत सोचकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। खाना बनने के बाद पिता उसे बुलाने कमरे में गए। मोहित को कमरे के अंदर पंखे के कुंडे में दरवाजे के पर्दे से फंदे पर लटका देख उनके मुंह से चीख निकल गई। वह फर्श पर गिर गए। चीख सुनकर घर के अन्य सदस्य कमरे में पहुंच गए। परिजन मोहित को फंदे से नीचे उतारकर सीएचसी ले गए। यहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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पिता के मुताबिक मोहित बचपन से मेधावी था। इससे वह उसकी पढ़ाई में कोई कसर नहीं रखना चाहते थे। मोहित डॉक्टर बनना चाहता था। इसके लिए मोहित का पहले कानपुर और बाद में कोटा में कोचिंग में दाखिला करा दिया। नीट के परिणाम के बारे में पिता ने जानकारी होने से इनकार कर दिया। आशंका जताई कि शायद नीट का परीक्षा परिणाम आशा के अनुरूप न आया हो इस वजह से मोहित ने फांसी लगा ली। सूचना पर एसआई देशराज यादव मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पिता का बेटे को डॉक्टर बनाने का था सपना
घर में शादी की तैयारियों के दौरान जवान बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया। पिता ने रोते हुए कहा कि उनका सपना था कि बेटा मोहित, डॉक्टर बने। इससे वह उसकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं रख रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि उनका सपना कभी पूरा नहीं हो सकेगा।