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Jalaun News: चार किमी सड़क पर 400 से अधिक गड्ढे
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फोटो - 01 गड्ढे में तब्दील सड़क। संवाद
आटा। राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े उकासा-बीजापुर चार किलोमीटर के मार्ग पर करीब 400 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे होने से सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। करीब दो वर्ष पहले नहर विभाग की ओर से बनाए गए इस मार्ग पर बारिश के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता है। इससे वाहन चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है।
मार्ग सकरा होने के बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहन गुजरते हैं। टोल बचाने के लिए कई वाहन चालक हाईवे के बजाय इसी संपर्क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव के कारण कई स्थानों पर सड़क उखड़ गई है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हो रही है। सामने से चार पहिया वाहन आने पर उन्हें सड़क किनारे कच्चे रास्ते पर उतरना पड़ता है। इससे बाइक फिसलने और हादसे की आशंका बनी रहती है।
दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। उकासा-बीजापुर मार्ग आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों के लिए हाईवे तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। भदरेखी, कोहना, बीजापुर, परा, हैदलपुर और सधारा समेत कई गांवों के लोग इसी मार्ग से रोजाना आवागमन करते हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की बदहाली से करीब एक वर्ष से परेशानी बनी हुई है। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से समस्या और गंभीर हो जाती है। स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालकों को सड़क के किनारे से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मरम्मत की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। समय रहते गड्ढे नहीं भरे गए तो बारिश के बाद सड़क की हालत और बिगड़ सकती है।
वर्जन
इस मार्ग से टोल बचाने के लिए सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है। पिछले वर्ष भी गड्ढों को भरवाया गया था। मार्ग की स्थिति की जानकारी मिली है। जल्द ही गड्ढों को भरने का कार्य कराया जाएगा।
- धर्मधोष, अधिशासी अभियंता, बेतवा नहर विभाग
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मार्ग सकरा होने के बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में दोपहिया और चार पहिया वाहन गुजरते हैं। टोल बचाने के लिए कई वाहन चालक हाईवे के बजाय इसी संपर्क मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। वाहनों के लगातार बढ़ते दबाव के कारण कई स्थानों पर सड़क उखड़ गई है और गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को हो रही है। सामने से चार पहिया वाहन आने पर उन्हें सड़क किनारे कच्चे रास्ते पर उतरना पड़ता है। इससे बाइक फिसलने और हादसे की आशंका बनी रहती है।
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दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण कई बार जाम की स्थिति भी बन जाती है। उकासा-बीजापुर मार्ग आसपास के करीब एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों के लिए हाईवे तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। भदरेखी, कोहना, बीजापुर, परा, हैदलपुर और सधारा समेत कई गांवों के लोग इसी मार्ग से रोजाना आवागमन करते हैं।
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ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क की बदहाली से करीब एक वर्ष से परेशानी बनी हुई है। बारिश में गड्ढों में पानी भरने से समस्या और गंभीर हो जाती है। स्कूली बच्चों, किसानों, मजदूरों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालकों को सड़क के किनारे से गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन मरम्मत की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। समय रहते गड्ढे नहीं भरे गए तो बारिश के बाद सड़क की हालत और बिगड़ सकती है।
वर्जन
इस मार्ग से टोल बचाने के लिए सैकड़ों वाहनों की आवाजाही होती है। पिछले वर्ष भी गड्ढों को भरवाया गया था। मार्ग की स्थिति की जानकारी मिली है। जल्द ही गड्ढों को भरने का कार्य कराया जाएगा।
- धर्मधोष, अधिशासी अभियंता, बेतवा नहर विभाग