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सपाइयों ने किसानों के समर्थन में धरना प्रदर्शन कर सरकार को चेताया

Mon, 14 Dec 2020 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Dec 2020 11:54 PM IST
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लाँकअप में बदं सपाई - फोटो : ORAI
उरई (जालौन)। कृषि बिल वापस लेेने और किसानों के समर्थन में आंदोलन करने पर पुलिस ने सोमवार को 14 सपा और 11 कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया। शाम को कांग्रेसियों और 10 सपाइयों को कोतवाल ने छोड़ दिया। कांग्रेसी तो घर चले गए लेकिन चार साथियों को न छोड़ने पर सपाई हवालात ने नहीं निकले। पार्टी कार्यकर्ताओं को न छोड़ने की सूचना पर जिलाध्यक्ष की अगुवाई में 25 से अधिक सपाई कोतवाली पहुंच गए। कोतवाल सुधारक मिश्रा ने केवल 10 को ही छोड़ने और अन्य पर सुबह फैसला लेने की बात कही। कुछ देर कोतवाली के बाहर खड़े रहने के बाद सपाई लौट गए। अन्य संगठनों ने भी कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिए। प्रदर्शन के चलते कलक्ट्रेट में अधिकारी और पुलिस मुस्तैद रही।
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राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जिलाध्यक्ष नवाब सिंह यादव के नेतृत्व में सपाइयों ने सुबह 11 बजे से तीन तीन बजे तक धरना दिया। धरना सभा में जिलाध्यक्ष के अलावा पूर्व विधायक शिवराम कुशवाहा, दयाशंकर वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरपाल ने कहा कि जब तक किसान कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, सपाई गांव-गांव किसान यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रखेंगे। प्रदर्शन में सुरेंद्र बजरिया, जैनुलाब्दीन, अतर सिंह, वीरेंद्र यादव, जमालुद्दीन, महेश विश्वकर्मा, हाजी जमील, अमर सिंह, मानसिंह, रामस्वरूप, पृथ्वी सिंह, मांडवी निरंजन, फरहतउल्ला, केके प्रजापति, साबिर वेग मिर्जा, जीवन प्रताप बाल्मीकि, शफीकुर्रहमान कश्पी, सलमान सिद्दीकी, अरशद और सबीउद्दीन शामिल रहे।
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इसी तरह बुुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष प्रदुम्न दीक्षित के नेतृत्व में गांधी स्मारक पर भूख हड़ताल की। प्रदुम्न ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर कार्पोरेट जगत के हितों पर ध्यान दे रही है। नए कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताकर वापस लेने की संबंधी राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। रमाकांत निरंजन, अवनीश दीक्षित, वसीम मामू, मोहम्मद अयूब, छविराम यादव, फारूख, राजेंद्र आदि किसान मौजूद रहे।
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अखिल भारतीय किसान महासभा और आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल आफ ट्रेड यूनियन ने संयुक्त रूप से आंबेडकर चौराहे से कलक्ट्रेट तक मजदूर किसान बचाओ, संविधान बचाओ क्रांति मार्च निकाला। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित नौ सूत्रीय जिला प्रशासन को सौंपा। एक्टू के प्रांतीय उपाध्यक्ष रामसिंह चौधरी, किसान महासभा के प्रांतीय नेता शिव वीर सिंह, हरीशंकर, लखनलाल, प्रताप जाटव, मुबारक अली, देशराज, सलीम, खुर्शीद, मुन्ना, रंधीर सिंह, शकील, विनोद सिंह, राजाबली आदि मौजूद रहे।
बुंदेलखंड किसान यूनियन के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन अनिल शर्मा, रामकृष्ण शुक्ला, कृष्णपाल सिंह, गोपालकृष्ण अवस्थी, संजीव सिंह, अखिलेश शर्मा, संतोष, अशोक शर्मा, भरत अवस्थी, सुधीर राणा, इशाक, रफीक अहमद आदि ने भी कलक्ट्र्र्र्र्रेट में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट कौशल कुमार को ज्ञापन सौंपा। भाकियू जिलाध्यक्ष डॉ. द्विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में किसान यूनियन ने सात सूत्रीय ज्ञापन दिया। केदारनाथ, रामकुमार पटेल, दिनेश प्रताप, राजू मल्थुआ, मैथिलीशरण तिवारी, अजय पाल, चतुर सिंह, श्यामबाबू, भगवान सिंह आदि रहे।
पुतला फूंकने की कोशिश में सपाई हिरासत में
उरई। धरना सभा के बाद सपा के फ्रंटल संगठन के पदाधिकारियों ने शहर के भगतसिंह चौराहे पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंकने की कोशिश की। पुलिस ने कपिल गुमावली, राहुल, हिमांशु ठाकुर, फरहत उल्ला, हनुमान प्रजापति, राहुल बाबा, अनुपम गुर्जर, पृथ्वी यादव, मुनेश कुमार, पुष्पेंद्र सिंह, मिलन यादव आदि को हिरासत में ले लिया। सीओ सिटी संतोष कुमार ने बताया कि सपाइयों को देर शाम छोड़ दिया गया। (संवाद)
जिलाध्यक्ष समेत कांग्रेसी हिरासत में लिए गए
उरई। किसान आंदोलन के समर्थन में जाने की तैयारी कर रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा और पूर्व विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र सरसेला को पुलिस ने घर पर हिरासत मेें ले लिया। पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक द्विवेदी, संतोष ठाकुर, सिद्धार्थ दिवोलिया,दीपांशु समाधिया, वीरेंद्र सिंह चौहान, मैराज सिद्दीकी, गोपाल पालीवाल, शिवम तिवारी, पुरुषोत्तम त्रिपाठी को भी हिरासत में लिया गया। सीओ सिटी ने बताया कि कांग्रेसियों को देर शाम छोड़ दिया गया। (संवाद)
सरकार ने किसानों संग धोखा किया : सुरेश
उरई। सामाजिक न्याय एवं किसान मंच ने भी किसानों की मांगों के समर्थ में गांधी चबूतरा पर धरना दिया। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश निरंजन भैया जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। किसान हित में सरकार को तीनों बिल वापस लेने चाहिए। जिलाध्यक्ष संतोष कुमार राजपूत ने कहा कि सरकार को किसानों की मदद करने चाहिए लेकिन केंद्र सरकार उनका शोषण कर रही है। धरना में मानसिंह निरंजन, रामशरण, महेश सिंह परिहार, वीरेंद्र सिंह, लालसिंह चौहान, ज्ञानेंद्र सिंह, कमाल अहमद और देवेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। (संवाद)

आप ने लगाया किसानों की अनदेखी का आरोप
उरई। किसान आंदोलन के समर्थन में आम आदमी पार्टी ने कलक्ट्रेट में धरना और उपवास रखा। जिलाध्यक्ष दीनदयाल काका ने कहा कि दिल्ली बार्डर पर किसान कानून वापस लेने की मांग पर को लेकर बीस दिन से आंदोलनरत हैं लेकिन मोदी सरकार के कानों पर जू नहीं रेंग रही है। सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। आदित्य चतुर्वेदी, राजेंद्र सोनी, विजय निगम, दलसिंह, रामानंद, आयुष, विवेक सागर, रामलखन, ब्रजेश, प्रखर, श्रद्धा चौरसिया आदि रहे। (संवाद)
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