{"_id":"5f1c755b8ebc3e6374563312","slug":"other-orai-news-knp573269922","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर सड़क पर गिट्टी डालकर राहत देने की शुरुआत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर सड़क पर गिट्टी डालकर राहत देने की शुरुआत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माधौगढ़। माधौगढ़ से कुठौंद की ओर जाने वाली जर्जर सड़क की सुध प्रशासन ने ली है। सड़क पर गिट्टी डालकर उसे ठीक करने का काम शुरू किया जा रहा है। बरसात में इस सड़क से गुजरना लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। सड़क की दुर्दशा को अमर उजाला ने उजागर किया था। अधिकारियों ने अब सड़क पर गिट्टियां डलवा कर मरम्मत का काम शुरू कराया है। इससे इलाकाई लोगों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि कुरसेडा़ के पास पांच सालों से सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। अति व्यस्त मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से आसपास के घरों और दुकानों का बुरा हाल था। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में गड्ढामुक्त सड़कों का अभियान चलाया, फिर भी बीहड़ के गांवों में कोई सुधार नहीं हुआ। बारिश के दौरान सड़क की हालत और ज्यादा बिगड़ने से लोगों का निकलना दूभर है। ग्रामीणों को या लंबा चक्कर काटकर जाना-आना पड़ता है या फिर कीचड़ और जलभराव से होते हुए ही घरों तक पहुंचना पड़ता है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद सेंगर, गोपाल सेंगर, अरुण सेंगर का कहना है कि कई बार तहसील दिवस, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन किसी ने समस्या को लेकर ध्यान नहीं दिया। इससे धीरे-धीरे सड़क कच्चे रास्ते में तब्दील हो गई। जबकि इसी सड़क पर इंटर कालेज, मिनी स्वास्थ्य केंद्र है। इसके अलावा रोड से दस प्राइवेट, चार सरकारी बसों का आवागमन होता है। यही नहीं आधा सैकड़ा गांवों के लोग तहसील मुख्यालय जाते-आते हैं। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराया है। जेई अमरनाथ का कहना है कि फिलहाल गिट्टी डालकर गड्ढे पाटने का काम किया जा रहा है। बरसात के बाद सड़क का एस्टीमेट बनवाकर मार्ग को पूरी तरह से ठीक कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि कुरसेडा़ के पास पांच सालों से सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। अति व्यस्त मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से आसपास के घरों और दुकानों का बुरा हाल था। मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में गड्ढामुक्त सड़कों का अभियान चलाया, फिर भी बीहड़ के गांवों में कोई सुधार नहीं हुआ। बारिश के दौरान सड़क की हालत और ज्यादा बिगड़ने से लोगों का निकलना दूभर है। ग्रामीणों को या लंबा चक्कर काटकर जाना-आना पड़ता है या फिर कीचड़ और जलभराव से होते हुए ही घरों तक पहुंचना पड़ता है।
विज्ञापन
क्षेत्र पंचायत सदस्य आनंद सेंगर, गोपाल सेंगर, अरुण सेंगर का कहना है कि कई बार तहसील दिवस, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन किसी ने समस्या को लेकर ध्यान नहीं दिया। इससे धीरे-धीरे सड़क कच्चे रास्ते में तब्दील हो गई। जबकि इसी सड़क पर इंटर कालेज, मिनी स्वास्थ्य केंद्र है। इसके अलावा रोड से दस प्राइवेट, चार सरकारी बसों का आवागमन होता है। यही नहीं आधा सैकड़ा गांवों के लोग तहसील मुख्यालय जाते-आते हैं। अमर उजाला की खबर का संज्ञान लेते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने सड़क की मरम्मत का काम शुरू कराया है। जेई अमरनाथ का कहना है कि फिलहाल गिट्टी डालकर गड्ढे पाटने का काम किया जा रहा है। बरसात के बाद सड़क का एस्टीमेट बनवाकर मार्ग को पूरी तरह से ठीक कराया जाएगा।
विज्ञापन