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कहीं तबादलों पर भारी तो नहीं पड़े बढ़ते अपराध
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उरई। शासन ने शनिवार देर रात जिले के पुलिस कप्तान डा. सतीश कुमार का स्थानांतरण लखनऊ एसडीआरएफ में कर दिया है। उनके स्थान यशवीर सिंह को नया पुलिस कप्तान नियुक्त किया गया है। सूत्रों के मुताबिक अभी हाल ही में नोडल अधिकारी व आईजी सुभाष बघेल भी जिले में दो दिन के प्रवास पर आए थे। माना जा रहा है कि उनकी रिपोर्ट के बाद ही फेरबदल हुआ है। इसके अलावा जिले में क्राइम का बढ़ता ग्राफ भी वजह है। नए एसपी यशवीर सिंह 2013 बैच के है। यह मूल रुप से हरिद्वार के रायसी गांव के निवासी है। पूर्व मेें मुख्य चिकित्साधिकारी भी रह चुके है।
जिले में लगभग एक माह से थानों में हो रहे लगातार फेरबदल के बाद भी अपराध है कि थमने का नाम नहीं ले रहे थे। तीन दिन पूर्व ही चुर्खी और कदौरा में थाने में एक साथ दो हत्याएं हुई थी। इसमें एक का खुलासा भी नहीं हुआ है। जबकि चुर्खी का खुलासा भी सवालों के घेरे में है। करीब पांच दिन पूर्व आटा थाने में दंपति के साथ लूटपाट के बाद भी अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। इसी तरह कुठौैंद थाने में भी महिला के साथ छेड़खानी और
शोहदे के बाइक छोड़कर भागने के बाद भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। इतना ही नहीं दो दिन पूर्व कदौरा थाने में सिपाही की आत्महत्या का गुत्थी भी नहीं सुलझी है। जबकि सिपाही के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
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जिले में लगभग एक माह से थानों में हो रहे लगातार फेरबदल के बाद भी अपराध है कि थमने का नाम नहीं ले रहे थे। तीन दिन पूर्व ही चुर्खी और कदौरा में थाने में एक साथ दो हत्याएं हुई थी। इसमें एक का खुलासा भी नहीं हुआ है। जबकि चुर्खी का खुलासा भी सवालों के घेरे में है। करीब पांच दिन पूर्व आटा थाने में दंपति के साथ लूटपाट के बाद भी अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। इसी तरह कुठौैंद थाने में भी महिला के साथ छेड़खानी और
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शोहदे के बाइक छोड़कर भागने के बाद भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। इतना ही नहीं दो दिन पूर्व कदौरा थाने में सिपाही की आत्महत्या का गुत्थी भी नहीं सुलझी है। जबकि सिपाही के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
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