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Jalaun News: उरई बनेगा आदर्श स्मार्ट नगर, शासन ने मांगा ब्योरा
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उरई। अपने शहर को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। पहले चरण में इसे आदर्श स्मार्ट नगर निकाय के रूप में चयनित किया गया है। प्रारंभ में नगर में उपलब्ध सरकारी व पालिका संपत्तियों की एसेट मैपिंग कराई जा रही है, ताकि आगे की योजनाएं सुव्यवस्थित ढंग से लागू की जा सकें। शासन के आदेश मिलते ही नगर पालिका ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अब तक पालिका में बजट की कमी और योजना के अभाव में अधिकांश विकास कार्य ठप पड़े थे। इस कारण पालिकाध्यक्ष को न केवल नागरिकों बल्कि सभासदों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा था। बोर्ड बैठकों में लगातार विरोध जताया जा रहा था कि शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अब शासन से विशेष बजट और योजनाएं मिलने से एक बार फिर विकास की उम्मीदें जाग गई हैं।
पालिकाध्यक्ष गिरिजा चौधरी ने बताया कि आदर्श स्मार्ट नगर में चयन होने के बाद कई सेवाएं डिजिटलीकरण की ओर बढ़ेंगी। अब नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, हाउस टैक्स, जल बिल, व्यावसायिक लाइसेंस जैसी सुविधाएं घर बैठे ऑनलाइन मिल सकेंगी। शिकायत निवारण प्रणाली, फीडबैक सिस्टम और कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पार्क और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। नगर के प्रमुख चौक-चौराहों का सुंदरीकरण होगा। दीवारों पर पेंटिंग्स बनेंगी और हरियाली बढ़ाई जाएगी।
पालिकाध्यक्ष ने बताया कि शासन से प्राप्त पत्र में सरकारी संपत्तियों की पूरी जानकारी मांगी गई है। इसके तहत यह बताया जाना है कि किस क्षेत्र में क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं और किनकी कमी है। प्रत्येक वार्ड का सर्वे कराया जाएगा और जहां विकास नहीं हुआ, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
इन वार्डों की बदलेगी तस्वीर
नगर पालिका क्षेत्र में अब तक विकास के नाम पर सिर्फ कुछ ही वार्डों को प्राथमिकता दी गई है। कई क्षेत्रों में केवल नाम मात्र की सड़कें बनीं, जो अब क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। नया पटेल नगर, इंदिरा नगर के सामने, बघौरा, इंदिरा नगर, सुशील नगर की नई बस्ती, मंसूराबाद, शांति नगर, उमरारखेरा जैसे मोहल्ले आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां टूटी सड़कों, अंधेरे में डूबी गलियों और पानी के लिए लगने वाली लंबी लाइनों का आम दृश्य देखा जा सकता है। अब इन इलाकों में भी विकास की किरण दिखाई देने लगी है। शासन से मिल रही नई योजनाओं और बढ़ते बजट के साथ, इन उपेक्षित क्षेत्रों की सूरत बदलने की उम्मीद की जा रही है।
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अब तक पालिका में बजट की कमी और योजना के अभाव में अधिकांश विकास कार्य ठप पड़े थे। इस कारण पालिकाध्यक्ष को न केवल नागरिकों बल्कि सभासदों के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा था। बोर्ड बैठकों में लगातार विरोध जताया जा रहा था कि शहर में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अब शासन से विशेष बजट और योजनाएं मिलने से एक बार फिर विकास की उम्मीदें जाग गई हैं।
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पालिकाध्यक्ष गिरिजा चौधरी ने बताया कि आदर्श स्मार्ट नगर में चयन होने के बाद कई सेवाएं डिजिटलीकरण की ओर बढ़ेंगी। अब नागरिकों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, हाउस टैक्स, जल बिल, व्यावसायिक लाइसेंस जैसी सुविधाएं घर बैठे ऑनलाइन मिल सकेंगी। शिकायत निवारण प्रणाली, फीडबैक सिस्टम और कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पार्क और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। नगर के प्रमुख चौक-चौराहों का सुंदरीकरण होगा। दीवारों पर पेंटिंग्स बनेंगी और हरियाली बढ़ाई जाएगी।
पालिकाध्यक्ष ने बताया कि शासन से प्राप्त पत्र में सरकारी संपत्तियों की पूरी जानकारी मांगी गई है। इसके तहत यह बताया जाना है कि किस क्षेत्र में क्या सुविधाएं उपलब्ध हैं और किनकी कमी है। प्रत्येक वार्ड का सर्वे कराया जाएगा और जहां विकास नहीं हुआ, उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।
इन वार्डों की बदलेगी तस्वीर
नगर पालिका क्षेत्र में अब तक विकास के नाम पर सिर्फ कुछ ही वार्डों को प्राथमिकता दी गई है। कई क्षेत्रों में केवल नाम मात्र की सड़कें बनीं, जो अब क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। नया पटेल नगर, इंदिरा नगर के सामने, बघौरा, इंदिरा नगर, सुशील नगर की नई बस्ती, मंसूराबाद, शांति नगर, उमरारखेरा जैसे मोहल्ले आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यहां टूटी सड़कों, अंधेरे में डूबी गलियों और पानी के लिए लगने वाली लंबी लाइनों का आम दृश्य देखा जा सकता है। अब इन इलाकों में भी विकास की किरण दिखाई देने लगी है। शासन से मिल रही नई योजनाओं और बढ़ते बजट के साथ, इन उपेक्षित क्षेत्रों की सूरत बदलने की उम्मीद की जा रही है।