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वोटर लिस्ट में नाम गायब होने पर हंगामा
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-भगवान दास से बात करते एसडीएम अशोक कुमार
- फोटो : ORAI
कोंच। वोटर लिस्ट से नाम गायब होने से गुस्साए एक ग्रामीण ने तहसील में जमकर हंगामा किया। वह एसडीएम की गाड़ी के सामने लेट गया। एसडीएम ने समझा बुझाकर शांत किया। जब एसडीएम ने उसे बताया कि अनुपूरक सूची में उसका नाम बढ़ा दिया गया है तब कहीं जाकर वह ग्रामीण वहां से हटा।
नदीगांव ब्लॉक के ग्राम भेंड़ निवासी भगवानदास अहिरवार ने पिछला प्रधानी का चुनाव अनारक्षित सीट पर लड़ा था और बहुत कम मतों से चुनाव हारा था। अबकी बार भेड़ पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और भगवानदास चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में था लेकिन जब उसने वोटर लिस्ट देखी तो उसका नाम गायब था। पिछले संपूर्ण समाधान दिवस के अलावा एसडीएम अशोक कुमार को प्रार्थनापत्र देकर मतदाता सूची में नाम बढ़ाने की मांग की थी। एसडीएम ने सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर उसका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए भेज भी दिया था लेकिन चूंकि अभी बढ़े नामों की अनुपूरक सूची छपकर नहीं आई है और 13 अप्रैल से नामांकन भी शुरू हो रहे हैं।
सोमवार को भगवानदास तहसील आया और वहां से गुजर रही एसडीएम की गाड़ी के आगे लेट गया। उसका आरोप था कि षड्यंत्र पूर्वक उसका नाम मतदाता सूची से हटवाया गया है ताकि वह चुनाव लड़ने से वंचित हो जाए। जब एसडीएम ने उसे बताया कि उसका नाम सूची में जोड़ दिया गया है तब भगवानदास वहां से उठा। एसडीएम ने व्हाट्सएप पर अनुपूरक सूची का पेज मंगाकर उसे दिखाया, तब वह संतुष्ट हो गया।
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नदीगांव ब्लॉक के ग्राम भेंड़ निवासी भगवानदास अहिरवार ने पिछला प्रधानी का चुनाव अनारक्षित सीट पर लड़ा था और बहुत कम मतों से चुनाव हारा था। अबकी बार भेड़ पंचायत अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और भगवानदास चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में था लेकिन जब उसने वोटर लिस्ट देखी तो उसका नाम गायब था। पिछले संपूर्ण समाधान दिवस के अलावा एसडीएम अशोक कुमार को प्रार्थनापत्र देकर मतदाता सूची में नाम बढ़ाने की मांग की थी। एसडीएम ने सभी औपचारिकताएं पूरी कराकर उसका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए भेज भी दिया था लेकिन चूंकि अभी बढ़े नामों की अनुपूरक सूची छपकर नहीं आई है और 13 अप्रैल से नामांकन भी शुरू हो रहे हैं।
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सोमवार को भगवानदास तहसील आया और वहां से गुजर रही एसडीएम की गाड़ी के आगे लेट गया। उसका आरोप था कि षड्यंत्र पूर्वक उसका नाम मतदाता सूची से हटवाया गया है ताकि वह चुनाव लड़ने से वंचित हो जाए। जब एसडीएम ने उसे बताया कि उसका नाम सूची में जोड़ दिया गया है तब भगवानदास वहां से उठा। एसडीएम ने व्हाट्सएप पर अनुपूरक सूची का पेज मंगाकर उसे दिखाया, तब वह संतुष्ट हो गया।
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