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अन्ना मवेशी हांकने पर ग्रामीणों के दो पक्ष भिड़े
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कदौरा। अन्ना मवेशियों को हांकने पर ग्रामीणों के दो पक्ष आपस में ही भिड़ गए। ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद मवेशियों को अन्ना छोड़ने वाले पशुपालकों की सूची भी बनाई गई। इंस्पेक्टर जीतेंद्र कुमार का कहना है कि ऐसे पशुपालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को थाना क्षेत्र के ग्राम इटौरा बावनी में अन्ना मवेशियों के झुंड को खेतों की ओर जाता देख किसान उन्हें हांककर प्राथमिक स्कूल में बंद करने के लिए ले जाने लगे। तभी मवेशियों के झुंड को देख कर विद्यालय के आसपास रहने वाले लोगों ने विरोध किया, जिस पर किसान आपस में भिड़ गए। मामला अभद्रता से हाथापाई तक पहुंच गया। इसी बीच ग्राम प्रधान अजय सिंह ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया और मवेशियों को चिन्हित कर पशुपालकों को बुला कर उन्हें अपने घर में बंद करने का निर्देश दिया। बाकी के मवेशियों को अस्थाई गोशाला में बंद कराया गया। ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में अस्थाई गौशाला है। जिसमें 60 अन्ना मवेशी हैं। रही बात गुरुवार को मवेशी हांकने की तो थाना पुलिस की मदद से पशुपालकों को सौंप दी गई है। यदि दोबारा मवेशियों को अन्ना छोड़ा गया तो पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। चौकी इंचार्ज सत्यदेव त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल पशुपालकों को उनके जानवर सौंपकर उन्हें चेतावनी ही दी गई है। इस मौके पर राधेश्याम, महेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह आदि रहे।
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गुरुवार को थाना क्षेत्र के ग्राम इटौरा बावनी में अन्ना मवेशियों के झुंड को खेतों की ओर जाता देख किसान उन्हें हांककर प्राथमिक स्कूल में बंद करने के लिए ले जाने लगे। तभी मवेशियों के झुंड को देख कर विद्यालय के आसपास रहने वाले लोगों ने विरोध किया, जिस पर किसान आपस में भिड़ गए। मामला अभद्रता से हाथापाई तक पहुंच गया। इसी बीच ग्राम प्रधान अजय सिंह ने इसकी सूचना थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया और मवेशियों को चिन्हित कर पशुपालकों को बुला कर उन्हें अपने घर में बंद करने का निर्देश दिया। बाकी के मवेशियों को अस्थाई गोशाला में बंद कराया गया। ग्राम प्रधान ने बताया कि गांव में अस्थाई गौशाला है। जिसमें 60 अन्ना मवेशी हैं। रही बात गुरुवार को मवेशी हांकने की तो थाना पुलिस की मदद से पशुपालकों को सौंप दी गई है। यदि दोबारा मवेशियों को अन्ना छोड़ा गया तो पशुपालकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। चौकी इंचार्ज सत्यदेव त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल पशुपालकों को उनके जानवर सौंपकर उन्हें चेतावनी ही दी गई है। इस मौके पर राधेश्याम, महेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह आदि रहे।
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