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एक ने लिए फेरे, चार जोड़ों ने कुबूल किया निकाह
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वर कन्या को आशीर्वाद देते अतिथि गण
- फोटो : ORAI
गल्ला मंडी परिसर में पसमांदा मुस्लिम सर्व समाज एवं मुमताज मीरा स्मृति जन सेवा संस्थान की ओर से 11वां सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें पांच जोड़े एक दूजे के हुए। चार जोड़ों ने निकाह कबूला जबकि एक जोड़े ने अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए।
बाजे गाजे संग गल्ला मंडी में जैसे ही एक-एक कर पांचों दूल्हों की बारात पहुंच रही थी, समारोह के गेट पर महिलाओं की भीड़ जुट रही थी।
रीति रिवाज व रस्मों के साथ सभी दूल्हे मंच पर पहुंचे और बाराती बाहर गेट पर भी फिल्मी धुनों पर थिरकते रहे। इसके बाद काजी बशीरउद्दीन, हाफिज अब्दुल वाहिद और हाफिज मोहम्मद तैयब ने मुस्लिम जोड़ों को मंच के किनारे बने दूसरे मंच पर बुलाया और फिर जैसे ही चारों दुल्हनों ने निकाह कुबूल किया तो तालियों के गडग़ड़ाहट से पांडाल गूंज उठा।
वहीं, दूसरी ओर हिंदू जोड़े ने एक दूसरे के गले में जयमाला डाली तो उन पर फूलों की बारिश की गई। इसके बाद पांडाल में मौजूद जनातियों बरातियों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
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इस दौरान जोड़ों को आशीर्वाद देने वालों की भीड़ लगी रही। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष डॉ. सरिता वर्मा ने कहा, सामूहिक विवाह सम्मेलन एक स्वस्थ परंपरा है जो दहेज दानव और फिजूलखर्ची रोकने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजक आजाद मीरा ने कहा कि संस्था का प्रयास है कि समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की हरसंभव मदद की जाए। इस मौके पर हाजी सेठ नसरुल्ला, कादर सेठ, इम्तियाज अहमद, मकबूल अहमद, मंजूर अहमद, चंद्रशेखर लाक्षकार, लियाकत, अस्सूखां, रमजानी, वाहिद, आदिमखान, जुमरात, नीरज, मानखां आदि मौजूद रहे।
ये रहे पांचों जोड़े
राजेखां हमराह सोनम, आरिफखां हमराह मैसार, सलमान खान हमराह रुखसार बानो, मुजीम हमराह अमीना बानो ने निकाल कबूल किया जबकि अजय ने सरिता संग सात फेरे लिए। सभी जोड़ों को गृहस्थी के लिए उपयोगी सामान भेंट कर विदा किया गया।
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बाजे गाजे संग गल्ला मंडी में जैसे ही एक-एक कर पांचों दूल्हों की बारात पहुंच रही थी, समारोह के गेट पर महिलाओं की भीड़ जुट रही थी।
रीति रिवाज व रस्मों के साथ सभी दूल्हे मंच पर पहुंचे और बाराती बाहर गेट पर भी फिल्मी धुनों पर थिरकते रहे। इसके बाद काजी बशीरउद्दीन, हाफिज अब्दुल वाहिद और हाफिज मोहम्मद तैयब ने मुस्लिम जोड़ों को मंच के किनारे बने दूसरे मंच पर बुलाया और फिर जैसे ही चारों दुल्हनों ने निकाह कुबूल किया तो तालियों के गडग़ड़ाहट से पांडाल गूंज उठा।
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वहीं, दूसरी ओर हिंदू जोड़े ने एक दूसरे के गले में जयमाला डाली तो उन पर फूलों की बारिश की गई। इसके बाद पांडाल में मौजूद जनातियों बरातियों ने लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
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इस दौरान जोड़ों को आशीर्वाद देने वालों की भीड़ लगी रही। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष डॉ. सरिता वर्मा ने कहा, सामूहिक विवाह सम्मेलन एक स्वस्थ परंपरा है जो दहेज दानव और फिजूलखर्ची रोकने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
आयोजक आजाद मीरा ने कहा कि संस्था का प्रयास है कि समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की हरसंभव मदद की जाए। इस मौके पर हाजी सेठ नसरुल्ला, कादर सेठ, इम्तियाज अहमद, मकबूल अहमद, मंजूर अहमद, चंद्रशेखर लाक्षकार, लियाकत, अस्सूखां, रमजानी, वाहिद, आदिमखान, जुमरात, नीरज, मानखां आदि मौजूद रहे।
ये रहे पांचों जोड़े
राजेखां हमराह सोनम, आरिफखां हमराह मैसार, सलमान खान हमराह रुखसार बानो, मुजीम हमराह अमीना बानो ने निकाल कबूल किया जबकि अजय ने सरिता संग सात फेरे लिए। सभी जोड़ों को गृहस्थी के लिए उपयोगी सामान भेंट कर विदा किया गया।