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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आधी हो गई मरीजों की संख्या

Fri, 07 Jul 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन Updated Fri, 07 Jul 2017 12:05 AM IST
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Number of patients halved in OPD of Medical College
राजकीय मेडिकल कालेज। - फोटो : अमर उजाला
उरई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य अवकाश पर हैं और पिछले कुछ दिनों में मेडिकल कॉलेज से चार डॉक्टरों व स्टाफ का तबादला हो गया है। इससे ओपीडी आने वाले मरीजों को परामर्श व इलाज नहीं मिल पा रहा है। वार्डों में भर्ती मरीजों की भी ठीक से देखभाल नहीं हो पा रही है। डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के चलते ओपीडी में मरीजों की संख्या आधी हो गई है। इसके बावजूद प्रभारी प्राचार्य कुछ दिन में स्थिति सामान्य होने का दावा कर रहे हैं।
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 मेडिकल कॉलेज पहले से ही डॉक्टरों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा था। इसके बावजूद सप्ताह भर में शासन ने पांच डॉक्टरों, दो नर्सो और तीन लैब टेक्नीशियन के तबादले कर दिए हैं। यहां से भेजे गए डॉक्टरों और स्टाफ की जगह आने वाले डॉक्टरों व स्टाफ के नामों तो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को मिल गए हैं लेकिन किसी ने ज्वाइन नहीं किया है। इससे दिक्कतें बढ़ गई हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीज आते हैं। इन मरीजों में एमडी फिजीशियन डॉ. जेपी गुप्ता और चर्म रोग विशेषज्ञ निशांत सूद के कक्ष में भीड़ ज्यादा रहती थी। डॉक्टर निशांत का तबादला झांसी हो गया है जबकि डॉ. जेपी गुप्ता भी किसी कारण इस समय ओपीडी में नहीं बैठ रहे हैं। इनके अलावा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शोभा चतुर्वेदी, बाल रोग विशेषज्ञ अरुण आर्या, माइक्रोबायोलॉजी के प्रवक्ता प्रेमप्रकाश मिश्रा, लैब टैक्नीशियन राहुल सिंह, सतीश व विमलेश कुमार का भी स्थानांतरण हो चुका है। डॉक्टरों के न होने से मरीज निराश लौट रहे हैं। इससे मेडिकल कॉलेज आने वाले मरीजों की संख्या आधी हो गई है। अब 500 से 700 मरीज ही ओपीडी में पहुंच रहे हैं। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने आई रामनगर की महिला सरिता सिंह ने बताया कि डॉक्टर के न मिलने से परेशानी हो रही है। दो नंबर वार्ड में भर्ती मरीज गोहन के दिवाकर का कहना है कि दो एक दिन से तो कोई भी डॉक्टर झांकने नहीं आया है।  प्रभारी प्राचार्य शैलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही ओपीडी भी सामान्य हो जाएगी।  
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मेडिकल कॉलेज में बिजली का भी संकट
उरई। मेडिकल कॉलेज में पिछले कुछ समय से बिजली संकट भी गहरा गया है। आए दिन किसी न किसी कारण से बिजली गुल हो जाती है। कहने को यहां दो जनरेटर रखे हैं, लेकिन डीजल का पैसा न आने चलाए नहीं जाते हैं। इससे बिजली गुल होने से मरीज गर्मी से परेशान होते रहते हैं।
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