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Jalaun News: नहीं निकली धूप, सबसे ठंडा रहा मंगलवार
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उरई। इस सीजन का मंगलवार सबसे ठंडा रहा। तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
इससे पहले तीन दिन भी धूप नहीं निकली लेकिन, अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस व उससे अधिक रहा। सड़कों पर कोहरे की धुंध, शीत लहर का असर था। हाड़ कंपाऊ सर्दी का यह असर आम जन मानस पर काफी नजर आया। सबसे ज्यादा सर्दी का सितम उनपर हो रहा जो निराश्रित हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। सर्दी में इन हालातों को जानने के लिए टीम ने अलग-अलग स्थानों की पड़ताल की तो बेहद मार्मिक दृश्य सामने आया। कोई ठंड से दुबकने का प्रयास कर रहा था तो किसी को लकड़ी नहीं मिली तो उसने कंबल ही जलाकर ताप लिया। पेश है शशि शेखर दुबे और आसिफ खान की रिपोर्ट...
स्टेशन रोड पर तीन निराश्रित बुजुर्ग कंबल, शॉल ओढ़कर आग ताप रहे थे। हैरान करने वाली बात यह थी कि आग कंबल की थी। पूछा तो बुजुर्ग बोले कि लकड़ी नहीं मिली। इसलिए कंबल था, उसी का अलाव बना लिया। ठंड बहुत है, केवल कंबल से उससे बच पाना मुश्किल हो रहा था। बताया कि यह कंबल कुछ ही दिन पहले समाज सेवी ने उन्हें दिया था।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में समय था तो ठहरना मजबूरी थी। लेकिन सर्दी इतनी थी कि जो कंबल था, वह नाकाफी साबित हो रहा था। उरई शहर के काल्पी रोड निवासी बुजुर्ग बलवीर सिंह झांसी जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। ठंड इतनी लग रही थी कि स्टेशन पर उससे बचाव कर पाना मुश्किल हो रहा था। यही हाल कई यात्रियों का था।
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साप्ताहिक अवकाश पर बाजार में सन्नाटा रहता था, लेकिन इस मंगलवार ऐसा नहीं रहा। घंटाघर पर ठंड का देखते हुए ऊनी कपड़ों की दुकानें खुलीं तो लोग भी दुकानों में पहुंचने लगे। काफी संख्या में लोगों की भीड़ इन दुकानों पर नजर आई। लोग जरूरत के हिसाब से ऊनी कपड़ों की खरीदारी कर रहे थे। दुकानदार रमेश कुमार के अनुसार चार दिन लगातार ठंड रही, इससे एक दिन में चार गुना बिक्री बढ़ी है।
उरई। चार दिन की लगातार सर्दी और बढ़ती गलन ने बच्चों को भी बीमार करना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में 20 फीसदी तक निमोनिया और कोल्ड डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। इसके अलावा जो बच्चे आ रहे हैं, उसमें बुखार, जुकाम व खांसी आदि सर्दी से होने वाली बीमारी हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि सर्दी बहुत ज्यादा है। इसका असर बच्चों पर काफी पड़ रहा है। बच्चे यदि पर्याप्त ऊनी कपड़े नहीं पहने हैं। कान और नाक नहीं ढके हैं। ऐसे में उन्हें गंभीर बीमारी से परेशान होना पड़ सकता है। ओपीडी में प्रतिदिन 100 के औसत से बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें 20 बच्चे कोल्ड डायरिया और निमोनिया से पीड़ित हैं। जो बच्चे इस बीमारी से मिल रहे हैं, उनकी उम्र एक महीने से तीन साल तक की है। इसके अलावा बड़े बच्चे बुखार, जुकाम और खांसी से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के अभिभावकों को ठंड से बचाव की सलाह दी जा रही है। घर में रूम हीटर, ब्लोवर व अलाव आदि का प्रयोग करने की सलाह के साथ-साथ बच्चों को कंबल, रजाई में ही रखने को कहा जा रहा है। साथ ही बच्चों को इनर और ऊनी कपड़े, खासतौर पर तीन लेयर में कपड़े पहनाने पर जोर दिया जा रहा है।
उरई। कोहरे का असर ट्रेनों पर भी पड़ा रहा है। मंगलवार को राप्ती सागर एक्सप्रेस ट्रेन उरई नहीं पहुंची। इसे सुबह करीब पांच बजे पहुंचना था, लेकिन फिलहाल अनिश्चितकालीन देरी की सूचना यात्रियों को दी गई। हालांकि संभवत: इसके दूसरे दिन यानि बुधवार को सुबह छह बजे तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा चार ट्रेनें रद रहीं।
रेलवे की जानकारी के अनुसार मंगलवार को कोहरे व ट्रैक के रखरखाव के चलते ग्वालियर बरौनी छपरा मेल, बरौनी से ग्वालियर छपरा मेल, बरौनी से एर्नाकुलम राप्ती सागर एक्सप्रेस और गोरखपुर से मुंबई जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस रद रही। वहीं, कोच्चिवैली से गोरखपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस 25 घंटे से ज्यादा की देरी से चल रही है। इंदौर से पटना जाने वाली पटना एक्सप्रेस छह घंटा, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली संत कबीरनगर एक्सप्रेस करीब तीन घंटा, मुंबई से लखनऊ जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस एक घंटा 40 मिनट, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस दो घंटा, सुल्तानपुर से मुंबई जाने वाली सुल्तानपुर एक्सप्रेस दो घंटा, मुंबई से सीतापुर जाने वाली ट्रेन एक घंटा 53 मिनट की देरी से आई। यात्रियों को ट्रेनों का काफी इंतजार करना पड़ रहा है। स्टेशन अधीक्षक एसके खरे ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनें लेट हो रही हैं।
उरई। शीतलहर के चलते अब कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में भी अवकाश घोषित कर दिया गया है। बीएसए चंद्रप्रकाश ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालय में शैक्षिक व शैक्षणिक कर्मचारियों (चौकीदार, फोर्थ क्लास और पीआरडी जवान) को छोड़कर शीतलहर के चलते अवकाश घोषित किया गया है। डीएम के आदेशानुसार 14 जनवरी तक अवकाश रहेगा। 15 व 16 को भी अवकाश रहेगा। 17 जनवरी को यथावत विद्यालय का संचालन होगा। नर्सरी से आठ तक के सभी विद्यालय में भी छह जनवरी तक अवकाश किया गया है।
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इससे पहले तीन दिन भी धूप नहीं निकली लेकिन, अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस व उससे अधिक रहा। सड़कों पर कोहरे की धुंध, शीत लहर का असर था। हाड़ कंपाऊ सर्दी का यह असर आम जन मानस पर काफी नजर आया। सबसे ज्यादा सर्दी का सितम उनपर हो रहा जो निराश्रित हैं और खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं। सर्दी में इन हालातों को जानने के लिए टीम ने अलग-अलग स्थानों की पड़ताल की तो बेहद मार्मिक दृश्य सामने आया। कोई ठंड से दुबकने का प्रयास कर रहा था तो किसी को लकड़ी नहीं मिली तो उसने कंबल ही जलाकर ताप लिया। पेश है शशि शेखर दुबे और आसिफ खान की रिपोर्ट...
स्टेशन रोड पर तीन निराश्रित बुजुर्ग कंबल, शॉल ओढ़कर आग ताप रहे थे। हैरान करने वाली बात यह थी कि आग कंबल की थी। पूछा तो बुजुर्ग बोले कि लकड़ी नहीं मिली। इसलिए कंबल था, उसी का अलाव बना लिया। ठंड बहुत है, केवल कंबल से उससे बच पाना मुश्किल हो रहा था। बताया कि यह कंबल कुछ ही दिन पहले समाज सेवी ने उन्हें दिया था।
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रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में समय था तो ठहरना मजबूरी थी। लेकिन सर्दी इतनी थी कि जो कंबल था, वह नाकाफी साबित हो रहा था। उरई शहर के काल्पी रोड निवासी बुजुर्ग बलवीर सिंह झांसी जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। ठंड इतनी लग रही थी कि स्टेशन पर उससे बचाव कर पाना मुश्किल हो रहा था। यही हाल कई यात्रियों का था।
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साप्ताहिक अवकाश पर बाजार में सन्नाटा रहता था, लेकिन इस मंगलवार ऐसा नहीं रहा। घंटाघर पर ठंड का देखते हुए ऊनी कपड़ों की दुकानें खुलीं तो लोग भी दुकानों में पहुंचने लगे। काफी संख्या में लोगों की भीड़ इन दुकानों पर नजर आई। लोग जरूरत के हिसाब से ऊनी कपड़ों की खरीदारी कर रहे थे। दुकानदार रमेश कुमार के अनुसार चार दिन लगातार ठंड रही, इससे एक दिन में चार गुना बिक्री बढ़ी है।
उरई। चार दिन की लगातार सर्दी और बढ़ती गलन ने बच्चों को भी बीमार करना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में 20 फीसदी तक निमोनिया और कोल्ड डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे पहुंच रहे हैं। इसके अलावा जो बच्चे आ रहे हैं, उसमें बुखार, जुकाम व खांसी आदि सर्दी से होने वाली बीमारी हैं।
जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि सर्दी बहुत ज्यादा है। इसका असर बच्चों पर काफी पड़ रहा है। बच्चे यदि पर्याप्त ऊनी कपड़े नहीं पहने हैं। कान और नाक नहीं ढके हैं। ऐसे में उन्हें गंभीर बीमारी से परेशान होना पड़ सकता है। ओपीडी में प्रतिदिन 100 के औसत से बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें 20 बच्चे कोल्ड डायरिया और निमोनिया से पीड़ित हैं। जो बच्चे इस बीमारी से मिल रहे हैं, उनकी उम्र एक महीने से तीन साल तक की है। इसके अलावा बड़े बच्चे बुखार, जुकाम और खांसी से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के अभिभावकों को ठंड से बचाव की सलाह दी जा रही है। घर में रूम हीटर, ब्लोवर व अलाव आदि का प्रयोग करने की सलाह के साथ-साथ बच्चों को कंबल, रजाई में ही रखने को कहा जा रहा है। साथ ही बच्चों को इनर और ऊनी कपड़े, खासतौर पर तीन लेयर में कपड़े पहनाने पर जोर दिया जा रहा है।
उरई। कोहरे का असर ट्रेनों पर भी पड़ा रहा है। मंगलवार को राप्ती सागर एक्सप्रेस ट्रेन उरई नहीं पहुंची। इसे सुबह करीब पांच बजे पहुंचना था, लेकिन फिलहाल अनिश्चितकालीन देरी की सूचना यात्रियों को दी गई। हालांकि संभवत: इसके दूसरे दिन यानि बुधवार को सुबह छह बजे तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा चार ट्रेनें रद रहीं।
रेलवे की जानकारी के अनुसार मंगलवार को कोहरे व ट्रैक के रखरखाव के चलते ग्वालियर बरौनी छपरा मेल, बरौनी से ग्वालियर छपरा मेल, बरौनी से एर्नाकुलम राप्ती सागर एक्सप्रेस और गोरखपुर से मुंबई जाने वाली अंत्योदय एक्सप्रेस रद रही। वहीं, कोच्चिवैली से गोरखपुर जाने वाली राप्तीसागर एक्सप्रेस 25 घंटे से ज्यादा की देरी से चल रही है। इंदौर से पटना जाने वाली पटना एक्सप्रेस छह घंटा, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली संत कबीरनगर एक्सप्रेस करीब तीन घंटा, मुंबई से लखनऊ जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस एक घंटा 40 मिनट, गोरखपुर से मुंबई जाने वाली कुशीनगर एक्सप्रेस दो घंटा, सुल्तानपुर से मुंबई जाने वाली सुल्तानपुर एक्सप्रेस दो घंटा, मुंबई से सीतापुर जाने वाली ट्रेन एक घंटा 53 मिनट की देरी से आई। यात्रियों को ट्रेनों का काफी इंतजार करना पड़ रहा है। स्टेशन अधीक्षक एसके खरे ने बताया कि कोहरे के कारण ट्रेनें लेट हो रही हैं।
उरई। शीतलहर के चलते अब कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में भी अवकाश घोषित कर दिया गया है। बीएसए चंद्रप्रकाश ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालय में शैक्षिक व शैक्षणिक कर्मचारियों (चौकीदार, फोर्थ क्लास और पीआरडी जवान) को छोड़कर शीतलहर के चलते अवकाश घोषित किया गया है। डीएम के आदेशानुसार 14 जनवरी तक अवकाश रहेगा। 15 व 16 को भी अवकाश रहेगा। 17 जनवरी को यथावत विद्यालय का संचालन होगा। नर्सरी से आठ तक के सभी विद्यालय में भी छह जनवरी तक अवकाश किया गया है।