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Jalaun News: जिले के 23 विद्यालयों में पढ़ाई जाएगी एनडीए की कोचिंग
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उरई। जिले के 23 विद्यालयों और महाविद्यालयों में जल्द ही एनडीए की कोचिंग शुरू हो सकती है।
ग्रुप कमांडर बिग्रेडियर संदीप पाल ने 58 यूपी बटालियन एनसीसी का निरीक्षण करके यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को एनडीए की कोचिंग के लिए जागरुक करें। उन्हें बताएं कि इस शिक्षा को प्राप्त करने के लिए किन-किन बातों पर पहले से ही ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
ब्रिगेडियर संदीप पाल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि कैडेट्स को एनडीए के बारे बताएं। इसके लिए पेपर तैयार करें, ग्रुप चर्चा की जाए। बच्चों को मोटीवेट करें। इससे जब कोचिंग स्टार्ट होगी तो कैडेट्स से जुड़े बच्चे पहले से ही इस कोर्स के लिए खुद को तैयार कर लेंगे। उसके बाद उन्हें कानपुर हेड क्वार्टर भी भेजा जा सकेगा।
एसएसबी की पढ़ाई के बारे में भी बताएं। लेफ्टिनेंट एनसीसी हरिश्चंद्र तिवारी और एनओ मनोज कुमार ने बताया कि जिले में हाईस्कूल से लेकर डिग्री कॉलेज तक करीब 23 विद्यालय व महाविद्यालय हैं। जहां करीब 1,500 एनसीसी कैडेट्स हैं। एनडीए की पढ़ाई के लिए सबसे पहले अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना जरूरी है, इसके लिए बच्चों को जागरुक करेंगे। इस दौरान कमांड अधिकारी कर्नल दुष्यंत सिंह चौहान, सूबेदार मेजर सुरेंद्र कुमार, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट गणेश दत्त पांडेय आदि भी मौजूद रहे।
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कमांड अधिकारी कर्नल दुष्यंत सिंह चौहान के प्रयास से अब एनसीसी कैडेट्स को फौज की तरह ट्रेनिंग करने की सुविधा बटालियन में ही मिल जाएगी। इसके लिए करीब 25 हजार की लागत से सात फीट का बीम और 20 फीट का रस्सा बीम तैयार किया गया है। लेफ्टिनेंट एनसीसी हरिश्चंद्र तिवारी ने बताया कि इससे एनसीसी कैडेट्स की ट्रेनिंग और बेहतर हो सकेगी।
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ग्रुप कमांडर बिग्रेडियर संदीप पाल ने 58 यूपी बटालियन एनसीसी का निरीक्षण करके यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बच्चों को एनडीए की कोचिंग के लिए जागरुक करें। उन्हें बताएं कि इस शिक्षा को प्राप्त करने के लिए किन-किन बातों पर पहले से ही ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
ब्रिगेडियर संदीप पाल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि कैडेट्स को एनडीए के बारे बताएं। इसके लिए पेपर तैयार करें, ग्रुप चर्चा की जाए। बच्चों को मोटीवेट करें। इससे जब कोचिंग स्टार्ट होगी तो कैडेट्स से जुड़े बच्चे पहले से ही इस कोर्स के लिए खुद को तैयार कर लेंगे। उसके बाद उन्हें कानपुर हेड क्वार्टर भी भेजा जा सकेगा।
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एसएसबी की पढ़ाई के बारे में भी बताएं। लेफ्टिनेंट एनसीसी हरिश्चंद्र तिवारी और एनओ मनोज कुमार ने बताया कि जिले में हाईस्कूल से लेकर डिग्री कॉलेज तक करीब 23 विद्यालय व महाविद्यालय हैं। जहां करीब 1,500 एनसीसी कैडेट्स हैं। एनडीए की पढ़ाई के लिए सबसे पहले अंग्रेजी भाषा का ज्ञान होना जरूरी है, इसके लिए बच्चों को जागरुक करेंगे। इस दौरान कमांड अधिकारी कर्नल दुष्यंत सिंह चौहान, सूबेदार मेजर सुरेंद्र कुमार, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट गणेश दत्त पांडेय आदि भी मौजूद रहे।
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कमांड अधिकारी कर्नल दुष्यंत सिंह चौहान के प्रयास से अब एनसीसी कैडेट्स को फौज की तरह ट्रेनिंग करने की सुविधा बटालियन में ही मिल जाएगी। इसके लिए करीब 25 हजार की लागत से सात फीट का बीम और 20 फीट का रस्सा बीम तैयार किया गया है। लेफ्टिनेंट एनसीसी हरिश्चंद्र तिवारी ने बताया कि इससे एनसीसी कैडेट्स की ट्रेनिंग और बेहतर हो सकेगी।