फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Mother and baby will be safe in women's hospital

Jalaun News: महिला अस्पताल में शिशु के साथ मां होंगी और सुरक्षित

Fri, 19 Jan 2024 01:23 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2024 01:23 AM IST
विज्ञापन
Mother and baby will be safe in women's hospital
उरई। महिला अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा की सुरक्षा अब और बढ़ जाएगी। अस्पताल में हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) यानि उच्च निर्भरता इकाई स्थापित हो गई है।
विज्ञापन

इस यूनिट में पांच बेड हैं, जो कि अत्याधुनिक मल्टी पैरामीटर युक्त हैं। प्रसव ऑपरेशन के बाद कम से कम छह घंटे तक महिला की इसी बेड पर मॉनिटरिंग होगी। मशीन के द्वारा महिला की हृदय गति, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सैचुरेशन और पल्स रेट की रिपोर्ट हर पल डाक्टर को मिलती रहेगी। इसके लिए यूनिट में एक स्टाफ नर्स भी मौजूद रहेगी, जो इस पर निगरानी रखेगी। ऑक्सीजन की आवश्यकता पड़ने पर हर बेड के लिए एक सिलिंडर रिजर्व किया गया है।
विज्ञापन

महिला अस्पताल में एक महीने में 50 से 70 प्रसव होते हैं। एक दिन में कभी शून्य से पांच तक ऑपरेशन के केस आ जाते हैं। प्रभारी एनस्थीसिया डॉ. पवन कुमार बनाए गए हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव प्रभाकर ने बताया कि ऑपरेशन के बाद छह घंटे तक मरीज की स्थिति संवेदनशील होती है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान बेहोश करने के लिए दी जाने वाली दवाओं के साथ कुछ अन्य दवाएं भी दी जाती हैं। जिनका असर बॉडी पर होता है। ऑपरेशन के बाद ये दवाएं चार से छह घंटे तक बॉडी में सक्रिय भूमिका निभाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस दौरान मरीज को ब्लड प्रेशर, सांस संबंधित दिक्कत, हृदय गति या पल्स रेट संबंधित दिक्कत होने की आशंका रहती है। पहले जब यह यूनिट नहीं थी, मैनुअली नर्स को बार-बार मरीज के पास जाकर उसकी जांच करनी पड़ती थी। कई बार देरी से महिला मरीज की स्थिति का पता चल पाता था। लेकिन अब एचडीयू के आने से यह समस्या खत्म हो जाएगी। पूरे छह घंटे तक हर मरीज की निगरानी मशीन से होगी। उसके बाद यदि वह सामान्य स्थिति में है तो उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा, नहीं तो स्थिति सामान्य होने तक उसे इसी यूनिट में रखा जाएगा।

उमरारखेड़ा की चंद्रमुखी ने कहा कि हमारे कई रिश्तेदार महिला अस्पताल में भर्ती हुए। ऑपरेशन के बाद उन्हें काफी परेशानी होती थी। कई बार, वह अपनी बात सही समय पर नहीं बता पाती थीं। मशीन के बारे में बताया जा रहा है कि अब यह समस्या नहीं होगी।



रामनगर की पूनम ने कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज और देखभाल की कमी को लेकर कई लोग अफवाह फैलाते हैं। ऐसी यूनिट होगी तो कैसे महिलाओं को खतरा हो सकता है। इस मशीन के बारे में हमें जो बताया गया। वह जानकारी अपने गांव में भी लोगों को बताउंगी।


महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुनीता बनौधा ने बताया कि यूनिट बनकर तैयार हो चुकी है। जो थोड़ी बहुत कमियां थीं, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है। शुक्रवार को जिले के प्रभारी मंत्री धर्मवीर प्रजापति अस्पताल का निरीक्षण करेंगे, उनसे ही इस यूनिट के उद्घाटन का अनुरोध किया जाएगा।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव प्रभाकर ने बताया कि ऑपरेशन से महिलाएं काफी घबराती हैं। कई बार ऑपरेशन के बाद उनका यह डर उनकी तबीयत पर दिखने लगता है। ऐसे में जरूरी है कि उन्हें अच्छी देखभाल मिले। मैनुअली देखभाल ठीक से नहीं हो पाती है। अत्याधुनिक मशीन के जरिए सटीक मॉनिटरिंग हो सकेगी।



उरई। जिला चिकित्सालय में लगभग पांच साल से रिक्त चल रहे सर्जन के पद पर डॉ. आदिल अंसारी को तैनाती मिली है। उन्होंने ज्वाइन भी कर लिया है। सीएमएस डॉ. अविनेश कुमार ने बताया कि जिला अस्पताल में सर्जन के दो पद हैं, जिसमें एक पर डॉ. केपी सिंह की तैनाती थी। दोनों पदों पर सर्जन की तैनाती होने से सर्जिकल मरीजों को नहीं भटकना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed