फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jalaun News ›   Moong is turning yellow due to rising temperature, there is no water in the ponds

Jalaun News: तापमान बढ़ने से पीली पड़ने लगी मूंग, रजबहों में नहीं है पानी

Wed, 30 Apr 2025 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 30 Apr 2025 11:44 PM IST
विज्ञापन
Moong is turning yellow due to rising temperature, there is no water in the ponds
मुहम्मदाबाद। खेती के पर्याप्त संसाधन होने के बावजूद बुंदेलखंड के किसानों को खेती में मुनाफा उठाना मुश्किल हो गया है। कारण तापमान अधिक रहने और गिरते जलस्तर से खेती की नई तकनीकें भी फेल हो रही हैं। मूंग की फसल तैयार होने को है, लेकिन पानी न मिलने से पीली पड़ रही है। किसानों का कहना है कि अब उन्हें फसल बचाना मुश्किल लग रहा है।
विज्ञापन




जिले में रबी की फसल में घाटा उठाने के बाद कुछ किसान मई-जून में तैयार होने वाली फसलों का सहारा लेते हैं। इसमें मूंग, आलू, प्याज, लहसुन, धनिया आदि सीजन की फसलें लगाई जाती हैं। छोटे किसानों की मशक्कत से जहां एक-दो एकड़ भूमि में हरियाली दिख रही है। वहीं, पानी की कमी से उसमें भी पीलापन पड़ रहा है। नहरें, रजबहे और माइनर ठप पड़े हैं। गर्मी में जलस्तर घटने से कहीं-कहीं नलकूप और प्राचीन कुएं आदि भी सूख गए हैं। इससे किसानों की धड़कनें तेज हो गई हैं। कुछ किसान पांच किलोमीटर दूर से निजी नलकूप से पाइप की लंबी लाइन डालकर मुरझा रही मूंग की फसल पर चिड़िया वर्षा कर रहे हैं।
विज्ञापन

किसानों का कहना है कि एक सप्ताह से तापमान 43 डिग्री या उससे ऊपर चल रहा है। इससे फसल पूरी तरह सूखने लगी है। इस समय नहरे चालू होनी चाहिए, लेकिन उन्हें बंद कर दिया गया है। इससे रजबहों में भी पानी नहीं है। हालत यह है कि मुंह मांगा रुपया देने के बाद भी उन्हें पानी नहीं मिल पा रहा है। किसान श्याम, सुंदर, रमेश, लखन, कादिर अली का कहना है कि आसमान से आग बरस रही है। इस कारण तीन दिन में फसल को पानी लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन






बोरिंग कम दे रही पानी, कैसे हो सिंचाई
मुहम्मदाबाद। गांव के ही किसान तारिक अली ने गर्मियों में मूंग की फसल लगाई थी, लेकिन अब उसे तैयार करने में पसीना छूट रहा है। जलस्तर घटने से बोरिंग का पानी कम हो गया है। खेत के पास लगे नलकूप से 800 रुपये बीघा के हिसाब से पानी खरीदना पड़ रहा है। कहा कि छोटे किसानों के लिए किसी योजना के तहत इस 125 गहरी बोरिंग को और गहरा कर दिया जाए तो समस्या हल हो सकती है।






मूंग की करनी पड़ रही रखवाली
मुहम्मदाबाद। कुसमिलिया गांव निवासी किसान वीर प्रताप सिंह ने बताया कि रबी की फसल की तरह जानवरों से मूंग की फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। एक-दो किसान सीजनी फसल भिंडी, मूंग, प्याज, लहसुन, धनिया बोए भी हैं तो उनके खेत में हरियाली देखते ही जानवर उनके खेतों की ओर आ रहे हैं, जिन्हें बचाने के लिये झाड़-झक्कर आदि की बाड़ लगाकर रोकने की कोशिश बेकार साबित हो रही है। रात में बाड़ तोड़कर जानवर खेत में घुसकर फसल चट कर जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed