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मेडिकल कालेज की स्वास्थ्य सेवाएं ठप
ब्यूरो/ अमर उजाला, उरई
Updated Sat, 05 Dec 2015 11:31 PM IST
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उरई स्थित राजकीय मेडिकल कालेज में ठेका कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने
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से स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ गई हैं। न तो आपरेशन थिएटर संचालित हो रहा है
और न ही इमरजेंसी मे कोई स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। उधर, वार्डों में
फैली गंदगी से कालेज प्रशासन की ओर से नए मरीजों को यहां भर्ती भी नहीं
किया जा रहा है। ऐसे दूर-दूर से इलाज को आने वाले
मरीजों के हाथ मायूसी लग रही है और उन्हें इलाज के लिए दूसरी जगह जाना पड़ रहा है। जालौन समेत आस पास के जिलों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल की शिक्षा के प्रसार के लिए शासन ने दस वर्ष पूर्व 500 करोड़ से उरई में राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना की। यहां आएदिन ठेके पर रखे गए वार्ड ब्वाय, स्वीपर और अन्य सफाई
कर्मचारी हड़ताल पर रहते हैं। ये कर्मचारी हर्ष इंटरप्राइजेज से जुड़े हैं। करीब नौ महीने से मानदेय न मिलने से अब ये कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते मेडिकल कालेज की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
स्थिति यह है कि अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर जनरल वार्ड तक कूड़े के ढेर लगे हैं। वहीं, वार्ड ब्वाय के हड़ताल पर जाने
से मरीजों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी के चलते अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है जिससे मरीज भी यहां आने से कतरा रहे हैं। वहीं इन सब परिस्थितियों के बीच डॉक्टरों ने भी मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है।
नौ माह से नहीं मिला मानदेय
अस्पताल में काम करने वाले करीब 50 स्वीपर, 72 वार्ड ब्वाय व 40 गार्डों को पिछले नौ महीने से मानदेय नहीं मिला है जिसके चलते ये हड़ताल पर चले गए हैं।
समस्या से प्रभावित विभाग और वार्ड
हड़ताल के चलते इमरजेंसी, जनरल वार्ड, पीडियाट्रिक विभाग और पैथालाजी लैब आदि करीब दो दर्जन विभाग बंद पड़े हैं।
वर्जन
कर्मचारियों के मानदेय न मिलने का मामला डीएम के माध्यम से शासन को भेज दिया गया है। सोमवार तक कोई हल निकलने की उम्मीद है। ओटी और वार्डों को अस्पताल में फैले कूड़े से संक्रमण फैलने के डर से बंद किया गया है। - सुरेश चंद्र, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज
शासन की ओर से अब तक हमें बजट नहीं मिल सका है। कर्मचारियों के मानदेय के लिए शासन से बजट मांगा था थ। शासन ने समाज कल्याण विभाग को यह बजट अग्रसारित कर दिया लेकिन विभाग ने कुछ आपत्तियां दर्ज कराते हुए इसे रोक लिया। इससे दिक्कत आ रही है और कर्मचारियों को मानदेय नहीं दिया जा सका है। अगले हफ्ते तक बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कर्मचारियों को मानदेय दे दिया जाएगा।
- लालजी मिश्रा, डायरेक्टर हर्ष इंटरप्राइजेज
मरीजों के हाथ मायूसी लग रही है और उन्हें इलाज के लिए दूसरी जगह जाना पड़ रहा है। जालौन समेत आस पास के जिलों में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं और मेडिकल की शिक्षा के प्रसार के लिए शासन ने दस वर्ष पूर्व 500 करोड़ से उरई में राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना की। यहां आएदिन ठेके पर रखे गए वार्ड ब्वाय, स्वीपर और अन्य सफाई
कर्मचारी हड़ताल पर रहते हैं। ये कर्मचारी हर्ष इंटरप्राइजेज से जुड़े हैं। करीब नौ महीने से मानदेय न मिलने से अब ये कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते मेडिकल कालेज की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
स्थिति यह है कि अस्पताल के इमरजेंसी से लेकर जनरल वार्ड तक कूड़े के ढेर लगे हैं। वहीं, वार्ड ब्वाय के हड़ताल पर जाने
से मरीजों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी के चलते अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है जिससे मरीज भी यहां आने से कतरा रहे हैं। वहीं इन सब परिस्थितियों के बीच डॉक्टरों ने भी मरीजों को भर्ती करना बंद कर दिया है।
नौ माह से नहीं मिला मानदेय
अस्पताल में काम करने वाले करीब 50 स्वीपर, 72 वार्ड ब्वाय व 40 गार्डों को पिछले नौ महीने से मानदेय नहीं मिला है जिसके चलते ये हड़ताल पर चले गए हैं।
समस्या से प्रभावित विभाग और वार्ड
हड़ताल के चलते इमरजेंसी, जनरल वार्ड, पीडियाट्रिक विभाग और पैथालाजी लैब आदि करीब दो दर्जन विभाग बंद पड़े हैं।
वर्जन
कर्मचारियों के मानदेय न मिलने का मामला डीएम के माध्यम से शासन को भेज दिया गया है। सोमवार तक कोई हल निकलने की उम्मीद है। ओटी और वार्डों को अस्पताल में फैले कूड़े से संक्रमण फैलने के डर से बंद किया गया है। - सुरेश चंद्र, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज
शासन की ओर से अब तक हमें बजट नहीं मिल सका है। कर्मचारियों के मानदेय के लिए शासन से बजट मांगा था थ। शासन ने समाज कल्याण विभाग को यह बजट अग्रसारित कर दिया लेकिन विभाग ने कुछ आपत्तियां दर्ज कराते हुए इसे रोक लिया। इससे दिक्कत आ रही है और कर्मचारियों को मानदेय नहीं दिया जा सका है। अगले हफ्ते तक बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कर्मचारियों को मानदेय दे दिया जाएगा।
- लालजी मिश्रा, डायरेक्टर हर्ष इंटरप्राइजेज