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चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकालकर जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि दी
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उरई। भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की हेलीकाप्टर हादसे में निधन से हर वर्ग दुखी है। चिकित्सकों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी याद में मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ द्विजेंद्र नाथ एवं डॉ शैलेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कैंपस में प्राचार्य कार्यालय से कालेज के मुख्य प्रवेश द्वार तक कैंडल मार्च निकाला गया।
कैंडल मार्च में डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. रवींद्र राजपूत सहित चिकित्सकों, अध्ययनरत छात्रों तथा कार्यरत मिनिस्टीरयल स्टाफ के द्वारा जनरल रावत के आकस्मिक निधन पर दु:ख प्रकट करते हुए एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राचार्य ने कहा कि हेलीकाप्टर हादसे में उनकी पत्नी समेत 12 अन्य लोगों नें अपनी जान गंवा दी। देश ने एक बहुत ही अच्छे आफिसर को खो दिया। सीडीएस बिपिन रावत उत्तराखंड के सीमांत गांवों की बहुत ही फिक्र करते थे। उनके सुझाव पर उत्तराखंड सरकार ने सीमांत क्षेत्र विकास निधि बनाई ताकि राज्य की सरहद पर बसे गांवों में अवस्थापना विकास और आजीविका आधारित योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। वे अनुशासित अफसर थे लेकिन आम जिंदगी में आमजन से जब भी वह मिलते तो वह बेहद सहज और सरल थे। उनका सहज व्यवहार सबका हृदय जीत लेता था।
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कैंडल मार्च में डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. सुशील कुमार, डॉ. रवींद्र राजपूत सहित चिकित्सकों, अध्ययनरत छात्रों तथा कार्यरत मिनिस्टीरयल स्टाफ के द्वारा जनरल रावत के आकस्मिक निधन पर दु:ख प्रकट करते हुए एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। प्राचार्य ने कहा कि हेलीकाप्टर हादसे में उनकी पत्नी समेत 12 अन्य लोगों नें अपनी जान गंवा दी। देश ने एक बहुत ही अच्छे आफिसर को खो दिया। सीडीएस बिपिन रावत उत्तराखंड के सीमांत गांवों की बहुत ही फिक्र करते थे। उनके सुझाव पर उत्तराखंड सरकार ने सीमांत क्षेत्र विकास निधि बनाई ताकि राज्य की सरहद पर बसे गांवों में अवस्थापना विकास और आजीविका आधारित योजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। वे अनुशासित अफसर थे लेकिन आम जिंदगी में आमजन से जब भी वह मिलते तो वह बेहद सहज और सरल थे। उनका सहज व्यवहार सबका हृदय जीत लेता था।
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