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ई संजीवनी एप से ई-पर्चे पर मिल रही चिकित्सीय सलाह
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ई संजीवनी एप के बारे में मरीजों को जानकारी देती सीएचओ
- फोटो : ORAI
उरई। ओपीडी में आने वाले मरीजों को अब ई संजीवनी एप के माध्यम से आनलाइन चिकित्सीय सलाह दी जा रही है। आयुष्मान भारत से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में आने वाले मरीजों को ई संजीवनी मोबाइल एप के माध्यम से सेंटर में तैनात कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सीएचओ) इनकी मदद करते हैं। उनका ई पर्चा बनाकर उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह मुहैय्या कराई जाती है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तैनात सीएचओ को रोजाना कम से कम पांच ई संजीवनी ओपीडी करने का लक्ष्य दिया गया है। इस समय पचास सेंटरों पर यह सुविधा उपलब्ध है। 31 जुलाई तक जालौन जिला इस सेवा में पूरे बुंदेलखंड में टॉप पर है। जबकि प्रदेश में जालौन का पांचवां स्थान है। इसकी रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है।
जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) डा. धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक, इस एप से उन लोगों को खासी मदद मिलेगी, जो कोविड 19 के चलते अस्पताल जाने में असमर्थ है। वे इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर वीडियो काल और चैट मैसेज से विशेषज्ञ चिकित्सकों की चिकित्सीय सलाह ले सकते है। आमतौर पर ओपीडी का समय सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक का है पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से दोपहर 12 बजे से चार बजे तक सलाह ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसी मरीज को एप पर एक बार पंजीकरण करना होगा। इसके बाद उसका एप पर ही ई पर्चा बन जाता है और उसी पर्चे पर वह संबंधित चिकित्सक से सलाह ले सकता है। यह सेवा मरीज घर बैठे भी ले सकता है यदि मरीज को किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो नजदीकी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में जाकर सुविधा का लाभ ले सकता है।
50 सेंटरों पर मिल रही सुविधा
जालौन के आयुष्मान भारत के संचालित 50 हेल्थ एंड वेलनेस सब सेंटर में ई संजीवनी एप सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मरीज को पहले सीएचओ के पास आकर अपनी समस्या बतानी होगी। इसके बाद सीएचओ उन्हें ई संजीवनी एप मोबाइल में अपलोड करने की सलाह देगा। यदि किसी मरीज के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है तो ऐसे मरीजों को सीएचओ खुद अपने मोबाइल से चिकित्सा तकनीकी विशेषज्ञ के जरिए उन्हें सलाह उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इस समय पांच चिकित्सीय संस्थानों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा अन्य चिकित्सा संस्थानों जोड़ने की तैयारी है।
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इन चिकित्सा संस्थानों से मिलेगी चिकित्सीय मदद
संजय गांधी पीजीआई लखनऊ
केजीएमयू लखनऊ
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय मेडिकल विश्वविद्यालय
झांसी मेडिकल कालेज
बाबा राघवदास मेडिकल कालेज गोरखपुर
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जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (डीसीपीएम) डा. धर्मेंद्र कुमार के मुताबिक, इस एप से उन लोगों को खासी मदद मिलेगी, जो कोविड 19 के चलते अस्पताल जाने में असमर्थ है। वे इस एप को अपने मोबाइल में डाउनलोड कर वीडियो काल और चैट मैसेज से विशेषज्ञ चिकित्सकों की चिकित्सीय सलाह ले सकते है। आमतौर पर ओपीडी का समय सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक का है पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से दोपहर 12 बजे से चार बजे तक सलाह ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसी मरीज को एप पर एक बार पंजीकरण करना होगा। इसके बाद उसका एप पर ही ई पर्चा बन जाता है और उसी पर्चे पर वह संबंधित चिकित्सक से सलाह ले सकता है। यह सेवा मरीज घर बैठे भी ले सकता है यदि मरीज को किसी प्रकार की समस्या आ रही है तो नजदीकी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में जाकर सुविधा का लाभ ले सकता है।
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50 सेंटरों पर मिल रही सुविधा
जालौन के आयुष्मान भारत के संचालित 50 हेल्थ एंड वेलनेस सब सेंटर में ई संजीवनी एप सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मरीज को पहले सीएचओ के पास आकर अपनी समस्या बतानी होगी। इसके बाद सीएचओ उन्हें ई संजीवनी एप मोबाइल में अपलोड करने की सलाह देगा। यदि किसी मरीज के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं है तो ऐसे मरीजों को सीएचओ खुद अपने मोबाइल से चिकित्सा तकनीकी विशेषज्ञ के जरिए उन्हें सलाह उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इस समय पांच चिकित्सीय संस्थानों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा अन्य चिकित्सा संस्थानों जोड़ने की तैयारी है।
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