उरई। साहित्यिक संस्था पहचान की ओर से होली मिलन पर सिटी लाइफ स्कूल में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। वरिष्ठ गीतकार विनोद गौतम की अध्यक्षता व साहित्यकार यज्ञदत्त त्रिपाठी के आतिथ्य में कवियों ने रचनाएं पेश कीं।
गायक मिर्जा साबिर बेग की नातेपाक से शुरू हुई गोष्ठी में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक गीत सुनाए। राघवेंद्र कनकने ने पढ़ा-होली आ गई तो हरा रंग लगा ले ओ जी, हम भिड़े हैं लेकिन तुम हमें और भिड़ा ले ओ जी। राज पप्पन ने सुनाया खिड़कियों को खुला रहने दो, हर दिशा की हवा में पैगाम होता है। कवि दिव्यांशु दिव्य ने पढ़ा-लाल पीला नीला हरा सभी रंग अच्छे किंतु, मानवता प्रेम वाला रंग अपनाइए। पहचान संस्था के अध्यक्ष शफी कुर्रहमान कश्पी ने सुनाया-यार तुम भी संवर के आ जाना, कोई भी रंग भर के आ जाना, मिलना चाहूँगा तुमसे मैं होली, थोड़ा नीचे उतरके आ जाना। शायर नईम मिया ने पढ़ा-किसी को मेरे खुदा ऐसी खुदनुमाई न दे, कि जिसको अपने सिवा दूसरा दिखाई न दे। परवेज अख्तर, असरार अहमद मुकरी, कृपाराम कृपालु, देवेंद्र शुक्ला, सुरेश चंद्र, सिद्धार्थ त्रिपाठी, प्रेमनारायण दीक्षित, अभिषेक सरल, संजीव गुप्ता, राहुल अनुरागी आदि ने भी अपनी रचना पर खूब तालियां बटोरीं। संचालन अनुज भदौरिया ने किया।