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Jalaun News: नाबालिग से कई बार दुष्कर्म करने वाले को 20 साल की कैद
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उरई। एट थाना क्षेत्र में किशोरी से कई बार दुष्कर्म करने वाले को कोर्ट ने 20 साल की कैद सुनाई है। आठ साल पुराने इस मामले में दोषी पर तीन लाख पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की 80 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दी जाएगी। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
एट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने थाना पुलिस को बताया था कि वह बाबा है और मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए विभिन्न स्थानों पर जाता है। घर में एक दो महीने में आना जाना होता है। उसकी पत्नी भी मानसिक बीमार है। घर पर उनकी 15 वर्षीय पुत्री मां के साथ रहती है। पड़ोस में रहने वाले भूपेंद्र सिंह ने पुत्री के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुत्री उसका विरोध करती तो वह जान से मारने दी धमकी देता था। 15 वर्षीय पुत्री के पेट में दर्द होने पर स्वास्थ्य केंद्र में 18 मार्च 2018 को बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित के पिता की तहरीर पर किशोरी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने व एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज किया था।
पीड़िता ने कलम बंद बयान में भी उसने कई बार दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और पुलिस ने 19 मई 2018 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। आठ साल चली सुनवाई के बाद साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर बुधवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजीव सिंह ने दोषी भूपेंद्र सिंह को 20 साल की सजा सुनाई। तीन लाख पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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परिवार को जान से मारने की धमकी से कई महीनों सहती रही दर्द
गरीबी का फायदा उठाकर भूपेंद्र किशोरी के घर जाता और उसके साथ दुष्कर्म करता था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि किशोरी को यह कृत्य किसी को बताने पर भूपेंद्र पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता था। इसी से किशोरी दर्द सहती रही और उसने किसी को कोई बात नहीं बताई। अचानक पेट दर्द होने पर परिजनों ने जब उससे पूछा था तो उसने रोते हुए पूरी बात उन्हें बताई थी।
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एट थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने थाना पुलिस को बताया था कि वह बाबा है और मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए विभिन्न स्थानों पर जाता है। घर में एक दो महीने में आना जाना होता है। उसकी पत्नी भी मानसिक बीमार है। घर पर उनकी 15 वर्षीय पुत्री मां के साथ रहती है। पड़ोस में रहने वाले भूपेंद्र सिंह ने पुत्री के साथ कई बार दुष्कर्म किया। पुत्री उसका विरोध करती तो वह जान से मारने दी धमकी देता था। 15 वर्षीय पुत्री के पेट में दर्द होने पर स्वास्थ्य केंद्र में 18 मार्च 2018 को बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित के पिता की तहरीर पर किशोरी के साथ बार-बार दुष्कर्म करने व एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज किया था।
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पीड़िता ने कलम बंद बयान में भी उसने कई बार दुष्कर्म करने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था और पुलिस ने 19 मई 2018 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। आठ साल चली सुनवाई के बाद साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर बुधवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट राजीव सिंह ने दोषी भूपेंद्र सिंह को 20 साल की सजा सुनाई। तीन लाख पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
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परिवार को जान से मारने की धमकी से कई महीनों सहती रही दर्द
गरीबी का फायदा उठाकर भूपेंद्र किशोरी के घर जाता और उसके साथ दुष्कर्म करता था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि किशोरी को यह कृत्य किसी को बताने पर भूपेंद्र पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देता था। इसी से किशोरी दर्द सहती रही और उसने किसी को कोई बात नहीं बताई। अचानक पेट दर्द होने पर परिजनों ने जब उससे पूछा था तो उसने रोते हुए पूरी बात उन्हें बताई थी।