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अपने ही दरवाजे सफाई न करा सके नेता-अफसर
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संजय कुमार
- फोटो : ORAI
उरई। क्रांति दिवस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गंदगी भारत छोड़ो’ का आह्वान व नारा कुछ खास छाप नहीं छोड़ पाया। आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी भी इस नारे से कुछ खास उत्साहित या प्रभावित नजर नहीं आए। नतीजे में गंदगी ने जालौन नहीं छोड़ा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘गंदगी भारत छोड़ो’ का नारा दिया था, जिसके तहत लोगों को अपने घरों, मोहल्लों और जिले को स्वच्छ रखना था। प्रधानमंत्री के नारे को परवान चढ़ाने के लिए अमर उजाला ने ‘गंदगी जालौन छोड़ो’ के नारे के साथ जालौन के बाशिंदों को इस अभियान से जोड़ने की मुहिम चलाई। शहर के प्रमुख क्षेत्रों की गंदगी और स्थानीय बाशिंदों की राय प्रकाशित की। उन्हें घर का कूड़ा सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर न डालने के लिए प्रेरित किया। लेकिन पीएम के इस अभियान की पड़ताल करने पर शहर का सबसे पाश इलाका आफीसर कालोनी, जहां नेताओं और अधिकारियों के भी आवास हैं, गंदगी से पटे नजर आए। साफ होते भी तो कैसे पीएम के पहले के अभियानों की तरह इस पर न किसी जनप्रतिनिधि और न ही किसी अधिकारी ने हाथों में झाड़ू उठाई। फिर सफाई कर्मियों की कौन कहे, उनकी नौकरी तो न कोई मुझको टोके के फार्मूले पर चल रही है। जिस कारण आफीसर कालोनी का पार्क के आसपास का स्थान हो या आवास के पीछे की गलियां सभी जगह गंदगी की भरमार नजर आती है। वह भी बरसात के वक्त, जब गंदगी से बीमारियां फैलने की आशंका भी अधिक रहती है। यह स्थिति तब है, जब पूरे दिन कालोनी परिसर से अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की गाड़ियां न सिर्फ गुजरती हैं बल्कि आवास होने के कारण यहीं रुकती भी है। फिर भी किसी को गंदगी नजर नहीं आती है। लिहाजा पीएम का गंदगी भारत छोड़ो अभियान कम से कम उरई शहर की आफीसर कालोनी में तो बेअसर नजर आ रहा है।
कालोनी में रहने वाले सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा का कहना है कि उन्होंने कालोनी में कई गलियां सीसी कराई हैं, फिर भी गंदगी है तो यह काम अधिकारियों के देखने का है, उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए। रही बात पीएम के अभियान की तो कोई ऐसा आदेश नहीं मिला था कि उन्हें या अन्य किसी को भी सफाई के लिए उतरना है। फिलहाल कालोनी में जल्द से जल्द साफ-सफाई कराई जाएगी।
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नगर पालिका ईओ संजय कुमार के मुताबिक, आफीसर कालोनी में सफाई कर्मियों की नियमित ड्यूटी लगाई जाती है। फिर वहां के रहने वाले जब स्वयं ही घर के आगे की बजाए पीछे कूड़ा फेंकेंगे तो उठान कैसे होगी। बाकी रही बात नाले और नालियों की तो इसका रखरखाव पीडब्लूडी विभाग करता है। इसके अलावा शहर के अन्य इलाके पूरी तरह से स्वच्छ हैं। कभी भी कहीं की भी पड़ताल की जा सकती है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘गंदगी भारत छोड़ो’ का नारा दिया था, जिसके तहत लोगों को अपने घरों, मोहल्लों और जिले को स्वच्छ रखना था। प्रधानमंत्री के नारे को परवान चढ़ाने के लिए अमर उजाला ने ‘गंदगी जालौन छोड़ो’ के नारे के साथ जालौन के बाशिंदों को इस अभियान से जोड़ने की मुहिम चलाई। शहर के प्रमुख क्षेत्रों की गंदगी और स्थानीय बाशिंदों की राय प्रकाशित की। उन्हें घर का कूड़ा सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर न डालने के लिए प्रेरित किया। लेकिन पीएम के इस अभियान की पड़ताल करने पर शहर का सबसे पाश इलाका आफीसर कालोनी, जहां नेताओं और अधिकारियों के भी आवास हैं, गंदगी से पटे नजर आए। साफ होते भी तो कैसे पीएम के पहले के अभियानों की तरह इस पर न किसी जनप्रतिनिधि और न ही किसी अधिकारी ने हाथों में झाड़ू उठाई। फिर सफाई कर्मियों की कौन कहे, उनकी नौकरी तो न कोई मुझको टोके के फार्मूले पर चल रही है। जिस कारण आफीसर कालोनी का पार्क के आसपास का स्थान हो या आवास के पीछे की गलियां सभी जगह गंदगी की भरमार नजर आती है। वह भी बरसात के वक्त, जब गंदगी से बीमारियां फैलने की आशंका भी अधिक रहती है। यह स्थिति तब है, जब पूरे दिन कालोनी परिसर से अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की गाड़ियां न सिर्फ गुजरती हैं बल्कि आवास होने के कारण यहीं रुकती भी है। फिर भी किसी को गंदगी नजर नहीं आती है। लिहाजा पीएम का गंदगी भारत छोड़ो अभियान कम से कम उरई शहर की आफीसर कालोनी में तो बेअसर नजर आ रहा है।
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कालोनी में रहने वाले सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा का कहना है कि उन्होंने कालोनी में कई गलियां सीसी कराई हैं, फिर भी गंदगी है तो यह काम अधिकारियों के देखने का है, उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए। रही बात पीएम के अभियान की तो कोई ऐसा आदेश नहीं मिला था कि उन्हें या अन्य किसी को भी सफाई के लिए उतरना है। फिलहाल कालोनी में जल्द से जल्द साफ-सफाई कराई जाएगी।
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नगर पालिका ईओ संजय कुमार के मुताबिक, आफीसर कालोनी में सफाई कर्मियों की नियमित ड्यूटी लगाई जाती है। फिर वहां के रहने वाले जब स्वयं ही घर के आगे की बजाए पीछे कूड़ा फेंकेंगे तो उठान कैसे होगी। बाकी रही बात नाले और नालियों की तो इसका रखरखाव पीडब्लूडी विभाग करता है। इसके अलावा शहर के अन्य इलाके पूरी तरह से स्वच्छ हैं। कभी भी कहीं की भी पड़ताल की जा सकती है।

विधायक गौरी शंकर वर्मा- फोटो : ORAI

ऑफिसर कॉलोनी के डी ब्लॉक के पास गंदगी- फोटो : ORAI