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सूची में नाम होने पर बनेगा आयुष्मान कार्ड
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उरई। आयुष्मान भारत के डीपीसी डॉ आशीष झा ने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों की पहली बैठक में प्रधानों और सदस्यों को योजना के बारे में जानकारी दी। बताया कि जिले में कुल 10 सरकारी और चार 4 गैर सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को इलाज की सुविधा मिल रही है। उन्होंने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों से कहा कि वह अपने गांवों के को पंजीकृत लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड (आयुष्मान कार्ड) बनवाने में सहयोग करें।
ग्राम प्रधानों ने नए लाभार्थियों के आयुष्मान योजना में जोड़ने के बारे में जानकारी ली। डीपीसी ने बताया कि योजना की सूची वर्ष 2011 की आर्थिक, सामाजिक व जातिगत आधारित जनगणना के आधार पर बनाई गई है। इस सूची में न तो नया नाम जोड़ा जा सकता है और न ही हटाया जा सकता है। लिहाजा कोई ग्राम प्रधान किसी भी मतदाता को इस योजना की सूची में नाम जोड़ने का आश्वासन न दें। जब नए लोगों का नाम जोड़ने की शासन की योजना से आएगा तो उन्हें अवगत करा दिया जाएगा। प्रधानों से कहा कि वह अपने-अपने गांवों में जिन लोगों के गोल्डनकार्ड नहीं बने है। उनकी सूची बना लें ताकि उनके गोल्डनकार्ड बनवाए जा सके। जल्द ही सभी पंचायतों में सूची भेज दी जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायत सचिव अभिनव पाठकए इमिलिया गांव की प्रधान सरिता देवीए धीरज निरंजन, बड़ागांव प्रधान संध्या निरंजन, लोकेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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मातृ मृत्यु समीक्षा में अपर निदेशक ने दिए निर्देश
उरई। अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ अल्पना बरतारिया की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक हुई। जिसमें मातृ मृत्यु के कारणों पर चर्चा करते हुए अपर निदेशक ने कहा कि मातृ मृत्यु को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करना आवश्यक है। हर महीने की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में सभी गर्भवतियों की जांच और उनमें उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था को चिन्हित करना बहुत जरूरी है। उनकी अवस्था को लेकर टेलीफोन के माध्यम से फॉलोअप किया जाए। उन्होंने सभी जनपदों को मातृ मृत्यु पर माहवार समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। (संवाद)
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ग्राम प्रधानों ने नए लाभार्थियों के आयुष्मान योजना में जोड़ने के बारे में जानकारी ली। डीपीसी ने बताया कि योजना की सूची वर्ष 2011 की आर्थिक, सामाजिक व जातिगत आधारित जनगणना के आधार पर बनाई गई है। इस सूची में न तो नया नाम जोड़ा जा सकता है और न ही हटाया जा सकता है। लिहाजा कोई ग्राम प्रधान किसी भी मतदाता को इस योजना की सूची में नाम जोड़ने का आश्वासन न दें। जब नए लोगों का नाम जोड़ने की शासन की योजना से आएगा तो उन्हें अवगत करा दिया जाएगा। प्रधानों से कहा कि वह अपने-अपने गांवों में जिन लोगों के गोल्डनकार्ड नहीं बने है। उनकी सूची बना लें ताकि उनके गोल्डनकार्ड बनवाए जा सके। जल्द ही सभी पंचायतों में सूची भेज दी जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायत सचिव अभिनव पाठकए इमिलिया गांव की प्रधान सरिता देवीए धीरज निरंजन, बड़ागांव प्रधान संध्या निरंजन, लोकेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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मातृ मृत्यु समीक्षा में अपर निदेशक ने दिए निर्देश
उरई। अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ अल्पना बरतारिया की अध्यक्षता में मंडल स्तरीय मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक हुई। जिसमें मातृ मृत्यु के कारणों पर चर्चा करते हुए अपर निदेशक ने कहा कि मातृ मृत्यु को प्रभावी तरीके से नियंत्रित करना आवश्यक है। हर महीने की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जा रहा है। ऐसे में सभी गर्भवतियों की जांच और उनमें उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था को चिन्हित करना बहुत जरूरी है। उनकी अवस्था को लेकर टेलीफोन के माध्यम से फॉलोअप किया जाए। उन्होंने सभी जनपदों को मातृ मृत्यु पर माहवार समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। (संवाद)
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