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झांसी-कानपुर रूट का काम दो साल में पूरा होगा
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
Updated Tue, 04 Oct 2016 11:14 PM IST
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उर्रई रेलवे स्टेशन पर बातचीत करते जीएम व डीआरएम।
- फोटो : अमर उजाला
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झांसी से कानपुर रेलवे लाइन का दोहरीकरण कार्य वर्ष 2018 तक हर हाल में पूरा हो जाएगा। यह बात मंगलवार को उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने मंगलवार को झांसी-कानपुर रेलवे लाइन का निरीक्षण करते समय उरई रेलवे स्टेशन पर कही। उनके साथ डीआरएम झांसी एसके अग्रवाल भी थे। पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार उनकी
गाड़ी 11 बजे उरई स्टेशन पर पहुंची। झांसी से कानपुर तक हो रहे रेलवे दोहरीकरण के कार्य का निरीक्षण करने झांसी से चले उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने उरई रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कहा कि झांसी-कानपुर रेलवे दोहरीकरण में लगी कंपनियों ने इस काम को काफी पीछे कर दिया है। इसके बावजूद दोहरीकरण
2018 तक पूरा होने की संभावना है। इस रूट पर मेमू ट्रेन चलाने के सवाल पर कहा कि रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा होते ही इस रूट पर मेमू चलने लगेगी। इसके लिए कानपुर में रेलवे बोर्ड से 50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत भी हो गई है। कानपुर में मेमू शेड बनाने का काम दिसंबर में शुरू हो जाएगा। अभी इसके लिए कानपुर मेें कोई व्यवस्था नहीं है। रेलवे के
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लोगों ने छोटे फंक्शन सामुदायिक केंद्र बनवाने की बात कही तो उन्होंने डीआरएम से कहा कि इस मामले को देखें। वीआईपी गेस्ट हाउस के बनवाने की मांग पर उन्होंने चोट की, क्या
यहां भी वीआईपी आते हैं। जीएम के साथ डीआरएम झांसी एसके अग्रवाल, डीईएन संजय भगत, डीईएन मनोज रहे। स्टेशन अधीक्षक एपी वर्मा, अशोक यादव, राष्ट्रीय रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शेख मुहम्मद पुखरायां मौजूद रहे।
सुबह से ही मुस्तैद रहे स्टेशन कर्मचारी
रेलवे स्टेशन परिसर में जीएम व डीआरएम के आगमन को लेकर सुबह से ही साफ-सफाई, कलई, चूना आदि की व्यवस्थाएं कर ली गई थी। जब अधिकारियों की ट्रेन स्टेशन पर आ गई तब भी सफाई का कार्य चलता रहा। स्टेशन पर मौजूद यात्री वहां की व्यवस्था देखकर स्वयं ही समझ गए कि कोई अधिकारी आ रहा है।
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गाड़ी 11 बजे उरई स्टेशन पर पहुंची। झांसी से कानपुर तक हो रहे रेलवे दोहरीकरण के कार्य का निरीक्षण करने झांसी से चले उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद के महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने उरई रेलवे स्टेशन का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने कहा कि झांसी-कानपुर रेलवे दोहरीकरण में लगी कंपनियों ने इस काम को काफी पीछे कर दिया है। इसके बावजूद दोहरीकरण
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2018 तक पूरा होने की संभावना है। इस रूट पर मेमू ट्रेन चलाने के सवाल पर कहा कि रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा होते ही इस रूट पर मेमू चलने लगेगी। इसके लिए कानपुर में रेलवे बोर्ड से 50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत भी हो गई है। कानपुर में मेमू शेड बनाने का काम दिसंबर में शुरू हो जाएगा। अभी इसके लिए कानपुर मेें कोई व्यवस्था नहीं है। रेलवे के
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लोगों ने छोटे फंक्शन सामुदायिक केंद्र बनवाने की बात कही तो उन्होंने डीआरएम से कहा कि इस मामले को देखें। वीआईपी गेस्ट हाउस के बनवाने की मांग पर उन्होंने चोट की, क्या
यहां भी वीआईपी आते हैं। जीएम के साथ डीआरएम झांसी एसके अग्रवाल, डीईएन संजय भगत, डीईएन मनोज रहे। स्टेशन अधीक्षक एपी वर्मा, अशोक यादव, राष्ट्रीय रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य शेख मुहम्मद पुखरायां मौजूद रहे।
सुबह से ही मुस्तैद रहे स्टेशन कर्मचारी
रेलवे स्टेशन परिसर में जीएम व डीआरएम के आगमन को लेकर सुबह से ही साफ-सफाई, कलई, चूना आदि की व्यवस्थाएं कर ली गई थी। जब अधिकारियों की ट्रेन स्टेशन पर आ गई तब भी सफाई का कार्य चलता रहा। स्टेशन पर मौजूद यात्री वहां की व्यवस्था देखकर स्वयं ही समझ गए कि कोई अधिकारी आ रहा है।