{"_id":"6324c72fe3d265799b23394e","slug":"jalaun-bad-condition-of-farm-ponds-cowsheds-and-roads-orai-news-knp7184885104","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेत बने तालाब, गोशालाओं और सड़कों का बुरा हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेत बने तालाब, गोशालाओं और सड़कों का बुरा हाल
विज्ञापन
खेत में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : ORAI
मुहम्मदाबाद/जालौन। लगातार तीन दिन से हो रही बारिश से खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं। बारिश के कारण मटर, चना, मसूर जैसी दलहनी फसलों की बुआई लेट हो सकती है। इससे किसान परेशान हैं। वहीं सड़कों पर गड्ढे होने से आवागमन दूभर है। बरसात के बाद गोशालाओं में कीचड़ होने से मवेशियों का बुरा हाल है।
कोंच जालौन मार्ग पर स्थित उदोतपुरा गांव के पास मलंगा नाले पर बने पुल पर पानी भर गया। इसके कारण तांबा, हथेरी, कुंदनपुरा गांव के लोगों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। गांव के विनोद पचौरी, अखिलेश, रामबाबू, विमल, धर्मेंद्र आदि का कहना है कि लोग मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं।
किसान श्यामसुंदर का कहना है कि अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो मसूर, चना, मटर की बुआई लेट होने की आशंका है। कुछ किसानों ने खेतों में उड़द, मूंग, तिल लगा रखी थी। बारिश के कारण तैयार फसल जलमग्न हो गईं हैं। इससे क्षेत्र के किसान बेहद मायूस हैं।
विज्ञापन
किसान अमरचंद्र ने बताया कि जुलाई, अगस्त की बारिश के बाद सितंबर, अक्तूबर में खेतों का सूखने का समय रहता है लेकिन इस बार सितंबर के पहले पखवाड़े में मूसलाधार बारिश से खेत तालाब बन गए हैं। अब कब जुताई और बुआई होगी। पंपिंग सेट से पानी निकालने में अतिरिक्त खर्च होगा।
विज्ञापन
कोंच जालौन मार्ग पर स्थित उदोतपुरा गांव के पास मलंगा नाले पर बने पुल पर पानी भर गया। इसके कारण तांबा, हथेरी, कुंदनपुरा गांव के लोगों का तहसील मुख्यालय से संपर्क कट गया है। गांव के विनोद पचौरी, अखिलेश, रामबाबू, विमल, धर्मेंद्र आदि का कहना है कि लोग मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं।
विज्ञापन
किसान श्यामसुंदर का कहना है कि अगर ऐसे ही बारिश होती रही तो मसूर, चना, मटर की बुआई लेट होने की आशंका है। कुछ किसानों ने खेतों में उड़द, मूंग, तिल लगा रखी थी। बारिश के कारण तैयार फसल जलमग्न हो गईं हैं। इससे क्षेत्र के किसान बेहद मायूस हैं।
विज्ञापन
किसान अमरचंद्र ने बताया कि जुलाई, अगस्त की बारिश के बाद सितंबर, अक्तूबर में खेतों का सूखने का समय रहता है लेकिन इस बार सितंबर के पहले पखवाड़े में मूसलाधार बारिश से खेत तालाब बन गए हैं। अब कब जुताई और बुआई होगी। पंपिंग सेट से पानी निकालने में अतिरिक्त खर्च होगा।